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चाणक्य के अनमोल विचार : भाग-31

चाणक्य के अनमोल विचार : भाग-31
August 08
20:15 2019

1. इस दुनिया मे ऐसा किसका घर है जिस पर कोई कलंक नहीं, वह कौन है जो रोग और दुख से मुक्त है.सदा सुख किसको रहता है?

2.मनुष्य के कुल की ख्याति उसके आचरण से होती है, मनुष्य के बोल चल से उसके देश की ख्याति बढ़ती है, मान सम्मान उसके प्रेम को बढ़ता है, एवं उसके शारीर का गठन उसे भोजन से बढ़ता है.

3-मुर्ख छात्रों को पढाने, दृष्ट स्त्री का भरण पोषण करने से और दुःखी जनों के साथ व्यवहार करने से बुद्धिमान पुरुष भी दुःखी होता है। कहने का मतलब यह है मूर्ख शिष्य को भली बात के लिए प्रेरित नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार दुष्ट आचरण वाली स्त्री का संग करना भी अनुचित है और दुःखी व्यक्तियों के पास उठने बैठने से ज्ञानवान् पुरुष को भी दुःख उठाना पढता है।

4-जिस व्यक्ति की स्त्री दुष्ट हो, जिसके मित्र नीच यानि छल करने वाला हो और नौकर चाकर जबाब देने वालें हों और जिस घर में सांप निवास करता हो , ऐसे घर में रहने वाला व्यक्ति निश्चय ही मृत्यु के करीब रहता है। अर्थात ऐसे व्यक्ति की मृत्यु किसी भी समय हो सकती है।

5-बुरे समय से बचने के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए लेकिन धन का संचय कर बुरे समय के प्रति निश्चिंत नहीं हो जाना चाहिए, क्योंकि धन बुरे समय में रक्षा नहीं कर सकता, धन तो पता नहीं कब चला जाये। बुरे समय के लिए सूझबूझ पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

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