Latest News Site

News

भाजपा की राजनीति रांची से शिफ्ट हुई दिल्ली

November 07
17:03 2019

 रांची,07 नवम्बर  (हि. स.) ।झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीति अब दिल्ली शिफ्ट हो गयी है। चुनाव तैयारियों की समीक्षा, गठबंधन और उम्मीदवारों के चयन को लेकर रांची में तीन दिनों तक चली बैठकों की दौर के बाद पार्टी के तमाम बड़े नेता दिल्ली चले गये। आजसू के साथ गठबंधन का फार्मूला भी अब दिल्ली में ही तय होगा।

पार्टी सूत्रों के अनुसार दिल्ली मे भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी ओम प्रकाश माथुर के आवास पर  बैठक में  गुरुवार को प्रदेश चुनाव समिति की उम्मीदवारों की सूची पर विचार हुआ। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष  जेपी नड्‌डा के साथ  प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में उम्मीदवारों  के चयन पर चर्चा हुई। उम्मीदवारों की सूची को पार्टी का केन्द्रीय संसदीय बोर्ड अंतिम रूप देगा।

भाजपा की प्रदेश चुनाव समिति  ने राज्य की सभी 81 सीटों के लिये रायशुमारी कर उम्मीदवारों की सूची बना ली है। इसके बावजूद पार्टी का कहना है कि आजसू के साथ उसका गठबंधन जरूर होगा। भाजपा सूत्रों के अनुसार गठबंधन का स्वरूप क्या होगा,यह दिल्ली में तय होगा। सूत्रों का कहना  है कि पिछले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव  में भी दोनों दलों में गठबंधन केन्द्रीय स्तर पर हुआ था। इस बार भी वैसा ही होगा।

उधर आजसू विधानसभा के इस चुनाव में पहले संगठन फिर गठबंधन की नीति पर काम कर रही है। आजसू  सूत्रों के अनुसार पार्टी के उम्मीदवार 11 को लोहरदगा और 22 को चंदनकियारी में  नामांकन करेंगे। इन दोनों सीटों को लेकर भाजपा और आजसू में तकरार चल रही है।  भाजपा इन दोनों सीटों को छोड़ना नही चाहती है। सूत्रों के अनुसार भाजपा इनकी जगह आजसू  को हुसैनाबाद और पाकुड़ सीट देना चाहती है। आजसू ने  इस बार हुसैनाबाद सीट पर तो दावा  किया ही है,लेकिन वह लोहरदगा और चंदनकियारी पर भी अड़ी हुई है।

दरअसल पिछले विधानसभा चुनाव में ये दोनों सीटें आजसू के खाते में गयी थी। उस चुनाव में लोहरदगा  से आजसू के कमल किशोर भगत जीते थे। उन्होने  कांग्रेस के सुखदेव भगत को हराया था। बाद में एक मामले में कमल किशोर भगत को कोर्ट से सजा होने पर हुये उपचुनाव में कांग्रेस के सुखदेव भगत जीते। सुखदेव भगत अब भाजपा में आ गये हैं। इससे राजनीतिक परिस्थितियां बदल गयी है। सुखदेव भगत  लोहरदगा से भाजपा के प्रबल दावेदार हैं। चंदनकियारी से 2014 के विधानसभा चुनाव में झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के टिकट पर अमर बाउरी जीते थे। उन्होने बाद में भाजपा का दामन थाम लिया और मंत्री बन गये। चंदनकियारी को आजसू अपनी जमीन मानती है। इसलिये वह इस पर भी अड़ी हुई है। भाजपा इसके बदले उसे पाकुड़ सीट देने को तैयार है। पाकुड़ से अभी कांग्रेस के आलमगीर आलम विधायक हैं। विपक्षी गठबंधन में यह सीट कोग्रेस के खाते में जाने की पूरी संभावना है।जबकि झामुमो के पूर्व विधायक अकील अख्तर इस सीट के प्रबल दावेदार हैं। सूत्रों की माने तो  एनडीए की कोशिश आजसू में शामिल करा कर बीच का रास्ता निकालने की है। हुसैनाबाद से बहुजन समाज पार्टी के विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता पहले भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। लेकिन एक सोची समझी रणनीति के तहत उन्हे आजसू में शामिल कराया गया।

हिन्दुस्थान समाचार

[slick-carousel-slider design="design-6" centermode="true" slidestoshow="3"]

About Author

Bhusan kumar

Bhusan kumar

Related Articles

0 Comments

No Comments Yet!

There are no comments at the moment, do you want to add one?

Write a comment

Only registered users can comment.

Sponsored Ad

SPONSORED ADS SPONSORED ADS SPONSORED ADS SPONSORED ADS SPONSORED ADS SPONSORED ADS SPONSORED ADS SPONSORED ADS

LATEST ARTICLES

    Haryana to start school teaching in July

Haryana to start school teaching in July

Read Full Article