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भारतीय पुरुष प्रधान समाज में शर्म-संकोच के कारण महिलाएं अपनी सेक्स संबंधी इच्छाओं को नहीं कर पाती हैं व्यक्त

भारतीय पुरुष प्रधान समाज में शर्म-संकोच के कारण महिलाएं अपनी सेक्स संबंधी इच्छाओं को नहीं कर पाती हैं व्यक्त
October 04
11:22 2019

मनोवैज्ञानिकों की राय

इनसाइट ऑनलाइन न्यूज़ डेस्क 

पुरातन संस्कारों से संपन्न भारतीय परिवार कई मामलों में मर्यादाहीन नहीं हो पाता है। भारतीय वैवाहिक जीवन तो और भी जटिल होता है। विवाहित महिलाएं ससुराल में संकोचग्रस्त हो जाती है। इसका प्रभाव उनके यौन-जीवन पर भी पड़ता है।

  • पुरुष प्रधान समाज में पुरुष की खुद को महिलाओं से बेहतर, सक्षम, मजबूत या सुपीरियर बनाए रखने की प्रवृति रही है। ये बातें कमोबेश हर जगह देखने को मिलती हैं, फिर चाहे वो सेक्स ही क्यों न हो।

सेक्स एक अंतरंग विषय होने के बावजूद इसमें पुरुष खुद को श्रेष्ठ बनाए रखने या दिखाने की पूरी कोशिश करता है। जहां सेक्स की पहल ज्यादातर पुरुषों की तरफ से ही होती थी, वहीं अब महिलाएं भी पहल करने से नहीं चूकतीं। लेकिन ऐसे बहुत कम मौके होते हैं, जब पत्नी के आग्रह पर पुरुष सेक्स से इंकार कर दे। ऐसा क्यों होता है? इसके क्या कारण हो सकते हैं? आइए, जानने की कोशिश करते हैं।

शारीरिक व मानसिक थकान

सेक्सोलॉजिस्ट डॉ दीपक के जुमानी के अनुसार, आमतौर पर भारतीय पद्धति में पति सेक्स के लिए इंकार नहीं करते। पत्नी को तो इंकार करने का अधिकार भी है पीरियड्स वगैरह के दिनों में। लेकिन कई बार पारिवारिक व सामाजिक जिम्मेदारियों का प्रेशर पति को सेक्स के लिए ‘ना’ कहने को मजबूर करता है। हो सकता है उनके इंकार के पीछे शारीरिक व मानसिक थकावट हो, जिसकी वजह से उन्हें सेक्स की इच्छा नहीं होती या फिर इसके बारे में सोचने तक का समय नहीं मिलता।

पत्नी में सेक्सुअल फैंटेसी का अभाव

एक सर्वे के अनुसार, भारतीय पुरुष जो सपने देखते हैं, उनमें सेक्स संबंधित ऑब्जेक्ट की भरमार होती है। इस तरह से धीरे-धीरे उनमें एक सेक्सुअल फैंटेसी विकसित हो जाती है। महिलाएं शर्म-संकोच के कारण अपनी सेक्स संबंधी इच्छाओं को नहीं बतातीं, न ही सेक्स क्रिया में ज्यादा खुल पाती हैं। यानी पत्नी से पति की सेक्सुअल फैंटेसी न पूरी हो, तो धीरे-धीरे पति का सेक्स में इंटरेस्ट कम होता जाता है।

संवादहीनता

अक्सर पति-पत्नी के बीच अहम् के कारण या अन्य वजहों से आपसी संवाद की कमी जैसी समस्या आ ही जाती है। उस पर पति का पत्नी को उपभोग की वस्तु मानना स्थिति को और भी जटिल बना देता है। महिलाएं प्यार व भावनाओं को अधिक महत्व देती हैं, जबकि पुरुष शारीरिक आकर्षण को। ऐसे में टकराव और कम्यूनिकेशन गैप ब़ढ़ना स्वाभाविक है, जिससे पति सेक्स के प्रति उदासीन होने लगते हैं।

आदत और बीमारियां

डॉ। हितेश कहते हैं कि सोसायटी में स्टेªस लेवल बढ़ रहा है। अल्कोहल, धूम्रपान, अधिक दवाइयां लेने की आदत आम हो रही है। साथ ही ऐसी कई बीमारियां भी होती हैं, जिनसे शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे नई-नई शारीरिक समस्याएं उभरती हैं और पति-पत्नी की यौन जीवन भी प्रभावित हुए बिना नहीं रहती। धीरे-धीरे रिश्तों में ठहराव व नीरसता की स्थिति पैदा होने लगती है।

विवाहेतर संबंध

उम्र बढ़ने के साथ पति की शारीरिक क्षमता कम हो जाती है और इस कमजोरी को वह स्वीकार नहीं करता। ऐसे में अगर कोई दूसरी स्त्री उसकी ओर आकर्षित होती है, तो उसे एक मानसिक संतुष्टि मिलती है कि वह अब भी सक्षम है। धीरे-धीरे यह आकर्षण भावनात्मक लगाव में बदलने लगता है और पति अपनी पत्नी से दूर भागने लगता है।

निदान

वस्तुतः प्रत्येक समस्या का समाधान हैै। यदि पति सेक्स से दूर भागे, तो यह समस्या शारीरिक से ज्यादा मनोवैज्ञानिक है और मौजूदा हालात ही इनके लिए ज्यादा जिम्मेदार हैं। पर एक समझदार पत्नी इन हालात को बखूबी हैंडल कर सकती है।

पत्नी को पति की इच्छा व पसंद का ध्यान रखना होगा। इस पर गौर करें, जैसे- वे आपको किस पहनावे में देखना पसंद करते हैं, आपकी कौन-सी अदा के वे दीवाने हैं आदि।

सेक्सुअल रिलेशन में अधिक शर्म-संकोच को न आने दें। पति को जो बातें, क्रियाएं अच्छी लगें, वो जरूर करें। प्राइवेट कंपनी में कार्यरत सॉ़फ्टवेयर इंजीनियर की पत्नी का कहना है, मैं अपने पारिवारिक संस्कारों की वजह से पति के सामने ज्यादा खुल नहीं पाती थी। धीरे-धीरे मुझे पता चला कि मेरे पति सेक्स से दूर भाग रहे हैं, तब सेक्सोलॉजिस्ट से सलाह-मशवरा करके मैंने खुद को बदला। अब मेरे पति बेहद खुश रहते हैं और हम दोनों अपनी सेक्सुअल लाइफ पूरी तरह एंजॉय करते हैं।-

पति-पत्नी दोनों ही आपसी बातचीत के लिए थोड़ा समय जरूर निकालें। एक-दूसरे की भावनाओं को समझें। पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वाह मिल-बांटकर करें, ताकि दोनों अपने शौक व अपनी इच्छाओं को एक-दूसरे के साथ शेयर कर सकें। डॉ। हितेश के अनुसार, पति का सेक्स से इंकार अधिकतर मामलों में कम्यूनिकेशन गैप से ही पैदा होता है। इस गैप को कम करना दोनों की जिम्मेदारी है।”

पति-पत्नी के रिश्ते में डर व शक को न आने दें। एक-दूसरे पर विश्वास प्यार बढ़ाता है और दोनों को सेक्सुअल रिलेशन के लिए भी उत्साहित करता है। इन सभी बातों का खयाल रखेंगी तो पति की ‘ना’ को ‘हां’ में बदलते देर नहीं लगेगी। हैप्पी सेक्सुअल लाइफ!

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