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सृजन घोटाले के अभियुक्तों की 14.32 करोड़ की संपत्ति जब्त

May 30
20:04 2020

पटना, नोएडा, गाजियाबाद, पुणे और भागलपुर में फैली थी यह संपत्ति

20 फ्लैट, 18 दुकानें, जमीन के 33 प्लाट समेत 4.84 करोड़ रुपये भी जब्त

पटना, 30 मई (हि.स.) । भागलपुर के बहुचर्चित सृजन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने सृजन घोटाले में कुल 14.32 करोड़ से ज्यादा की चल व अचल संपत्ति जब्त कर ली है। जब्त की गई संपत्ति में कुल 20 फ्लैट, 18 दुकानें, जमीन के कुल 33 प्लॉट और एक कार भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न बैंकों में रखी 4.84 करोड़ की नकदी भी शामिल है। इस बहुचर्चित घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अबतक इसे कुल 2200 करोड़ रूपये का घोटाला बताया है।

ईडी के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने पटना और भागलपुर के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, पुणे और रांची में सृजन घोटाले से जुड़े अभियुक्तों की संपत्ति जब्त की गई है। नोएडा, गाजियाबाद और भागलपुर में कुल 18 दुकानों को अटैच किया गया है। बता दें कि भागलपुर में कई सरकारी विभागों की रकम सीधे विभागीय ख़ातों में न जाकर ‘सृजन महिला विकास सहयोग समिति’ नाम के एनजीओ के छह बैंक ख़ातों में ट्रांसफ़र कर दी जाती थी। वर्ष 2007-08 में भागलपुर में सृजन को-ऑपरेटिव बैंक की स्थापना की गई थी। इसके बाद विकास के नाम पर आने वाला सरकारी पैसा इस बैंक के खाते में ट्रांसफर होता था और इसके बाद इस मोटी रकम को बाजार में पहुंचाया जाता था। इस पैसे को खपाने के लिए कई सृजन महिला विकास सहयोग समिति ने अपना एनजीओ बनाकर इसे बड़े व्यवसायियों और कई बड़े राजनेताओं को उपलब्ध कराया जाता था और उनसे इसके एवज में सूद की मोटी रकम भी वसूली जाती थी। बताया जाता है कि इन एनजीओ के नाम पर बिहार सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को भी इस घोटाले में शामिल कराया गया था ताकि इस घोटाले से कभी पर्दा ण उठ सके। इस खेल में कई ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी ब्लैक मनी को व्हाइट में बदलकर करोड़ों के वारे-न्यारे केर दिए। इस मामले में कई वरिष्ठ आईएएस व आईपीएस अधिकारियों के साथ बिहार प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारी भी शामिल हैं। यहां तक की भागलपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी वीरेन्द्र यादव के खिलाफ भी सीबीआई ने चार्जशीट दायर कर दिया है।

हिन्दुस्थान समाचार

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Bhusan kumar

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