अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस – सहिष्णुता को बढ़ावा देने पर बल 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सांस्कृतिक और धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिये और ज़्यादा संकल्प दर्शाये जाने का आहवान किया है. गुरुवार को पहली बार मनाये जा रहे अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस पर महासचिव ने यह बात कही है.  

इस दिवस पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए महासचिव ने कहा, “दुनिया भर में, गहराई से समाया भेदभाव, असहिष्णुतापूर्ण कृत्य और लोगों के ख़िलाफ़ नफ़रत से प्रेरित अपराध उनके धर्म, आस्था, जातीयता, लिंग और यौन प्रवृत्तियों के कारण हो रहे हैं.” 

Cultural diversity and freedom of belief are part of the rich tapestry of civilization.As we commemorate #HumanFraternityDay, let us commit to do more to promote cultural and religious tolerance, understanding and dialogue.— António Guterres (@antonioguterres) February 4, 2021

उन्होंने इन ‘घिनौनी हरकतों’ को मानवाधिकारों और यूएन मूल्यों का तिरस्कार क़रार देते हुए कहा कि सांस्कृतिक विविधता और आस्था की आज़ादी मानवता के समृद्ध तानेबाने का हिस्सा है. 
यूएन प्रमुख ने अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक और धार्मिक सहिष्णुता, समझ और सम्वाद को बढ़ावा देने का संकल्प लेने की बात कही है. 
मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात द्वारा साझा रूप से पेश प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसम्बर 2020 में पारित किया था, जिसमें 4 फ़रवरी को अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस के रूप में मनाये जाने की बात कही गई थी. 
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सभी देशों का आभार व्यक्त किया है. 
साथ ही वर्ष 2019 में कैथलिक चर्च के प्रमुख पोप फ़्राँसिस और मिस्र में अल अज़हर मस्जिद के शाही इमाम शेख अहमद अल-तैयब द्वारा ‘विश्व शान्ति के लिये मानव बन्धुत्व’ पर जारी घोषणापत्र का उल्लेख किया.  
उन्होंने दोनों धार्मिक नेताओं का अन्तर-पंथ सम्वाद, आपसी सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आवाज़ उठाने के लिये धन्यवाद दिया है.
इसी क्रम में महासचिव को साझा रूप से एक ऐसा सम्मान दिया गया है जो वर्ष 2019 में पोप फ़्राँसिस और शाही इमाम के घोषणापत्र से प्रेरित है. 
संयुक्त अरब अमीरात के आबू धाबी में गुरुवार को वर्चुअल रूप से आयोजित एक कार्यक्रम में यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश और मोरक्को-फ़्रेंच मूल की कार्यकर्ता लतीफ़ा इब्न ज़ियातेन को संयुक्त रूप से मानव बन्धुत्व के लिये ‘ज़ायद सम्मान’ दिया गया. 
अपने सम्बोधन में महासचिव गुटेरेश ने इब्न ज़ियातेन को बधाई देते हुए धार्मिक चरमपंथ के ख़तरों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिये उनका आभार जताया है. 
लतीफ़ा इब्न ज़ियातेन के बेटे इमाद की एक आतंकवादी हमले में 2012 में मौत हो गई थी. 
यूएन प्रमुख ने इस पुरस्कार में मिलने वाली धनराशि (पाँच लाख डॉलर) को यूएन शरणार्थी एजेंसी को दान करने की घोषणा की है. 
इस अवसर पर यूएन अलायन्स ऑफ़ सिविलाइज़ेशन्स के उच्च प्रतिनिधि मिगेल एन्गेल मोराटिनोस ने कहा कि मानव बंधुत्व दिवस को मनाये जाने की आज पहले से कहीं अधिक ज़रूरत है. 
उनके अनुसार दुनिया को ना सिर्फ़ महामारी के दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि नफ़रत, भेदभाव और नस्लवाद का संक्रामक वायरस भी फैल रहा है.
यूएन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नफ़रत के रोग की असरदार दवा मानव बन्धुत्व है, जोकि करुणा, एकजुटता, एकता और आपसी सम्मान को प्रदर्शित करती है. , संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सांस्कृतिक और धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिये और ज़्यादा संकल्प दर्शाये जाने का आहवान किया है. गुरुवार को पहली बार मनाये जा रहे अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस पर महासचिव ने यह बात कही है.  

इस दिवस पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए महासचिव ने कहा, “दुनिया भर में, गहराई से समाया भेदभाव, असहिष्णुतापूर्ण कृत्य और लोगों के ख़िलाफ़ नफ़रत से प्रेरित अपराध उनके धर्म, आस्था, जातीयता, लिंग और यौन प्रवृत्तियों के कारण हो रहे हैं.” 

उन्होंने इन ‘घिनौनी हरकतों’ को मानवाधिकारों और यूएन मूल्यों का तिरस्कार क़रार देते हुए कहा कि सांस्कृतिक विविधता और आस्था की आज़ादी मानवता के समृद्ध तानेबाने का हिस्सा है. 

यूएन प्रमुख ने अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक और धार्मिक सहिष्णुता, समझ और सम्वाद को बढ़ावा देने का संकल्प लेने की बात कही है. 

मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात द्वारा साझा रूप से पेश प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसम्बर 2020 में पारित किया था, जिसमें 4 फ़रवरी को अन्तरराष्ट्रीय मानव बन्धुत्व दिवस के रूप में मनाये जाने की बात कही गई थी. 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सभी देशों का आभार व्यक्त किया है. 

साथ ही वर्ष 2019 में कैथलिक चर्च के प्रमुख पोप फ़्राँसिस और मिस्र में अल अज़हर मस्जिद के शाही इमाम शेख अहमद अल-तैयब द्वारा ‘विश्व शान्ति के लिये मानव बन्धुत्व’ पर जारी घोषणापत्र का उल्लेख किया.  

उन्होंने दोनों धार्मिक नेताओं का अन्तर-पंथ सम्वाद, आपसी सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आवाज़ उठाने के लिये धन्यवाद दिया है.

इसी क्रम में महासचिव को साझा रूप से एक ऐसा सम्मान दिया गया है जो वर्ष 2019 में पोप फ़्राँसिस और शाही इमाम के घोषणापत्र से प्रेरित है. 
संयुक्त अरब अमीरात के आबू धाबी में गुरुवार को वर्चुअल रूप से आयोजित एक कार्यक्रम में यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश और मोरक्को-फ़्रेंच मूल की कार्यकर्ता लतीफ़ा इब्न ज़ियातेन को संयुक्त रूप से मानव बन्धुत्व के लिये ‘ज़ायद सम्मान’ दिया गया. 

अपने सम्बोधन में महासचिव गुटेरेश ने इब्न ज़ियातेन को बधाई देते हुए धार्मिक चरमपंथ के ख़तरों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिये उनका आभार जताया है. 

लतीफ़ा इब्न ज़ियातेन के बेटे इमाद की एक आतंकवादी हमले में 2012 में मौत हो गई थी. 

यूएन प्रमुख ने इस पुरस्कार में मिलने वाली धनराशि (पाँच लाख डॉलर) को यूएन शरणार्थी एजेंसी को दान करने की घोषणा की है. 

इस अवसर पर यूएन अलायन्स ऑफ़ सिविलाइज़ेशन्स के उच्च प्रतिनिधि मिगेल एन्गेल मोराटिनोस ने कहा कि मानव बंधुत्व दिवस को मनाये जाने की आज पहले से कहीं अधिक ज़रूरत है. 

उनके अनुसार दुनिया को ना सिर्फ़ महामारी के दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि नफ़रत, भेदभाव और नस्लवाद का संक्रामक वायरस भी फैल रहा है.

यूएन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि नफ़रत के रोग की असरदार दवा मानव बन्धुत्व है, जोकि करुणा, एकजुटता, एकता और आपसी सम्मान को प्रदर्शित करती है. 

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