अमेरिका से, वैश्विक टीकाकरण व जलवायु कार्रवाई की अगुवाई करने का आग्रह

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन प्रणाली में, अमेरिका की सक्रिय वापसी का स्वागत करते हुए, कोविड-19 महामारी को मात देने के लिये, वैश्विक टीकाकरण में, अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया है. उन्होंने सोमवार को, अमेरिका से, नवम्बर 2021 में, ग्लासगो में, होने वाले जलवायु सम्मेलन – कॉप26 को, जलवायु कार्रवाई की दिशा में, एक अति महत्वपूर्ण पड़ाव बनाने का भी आग्रह किया है.

यूएन प्रमुख ने, वर्चुअल बैठक में, अमेरिका के विदेश मन्त्री एंटनी ब्लिन्केन और यूएन के लिये राजदूत लिण्डा थॉमस ग्रीनफ़ील्ड के साथ स्क्रीन पर पेश होते हुए कहा, “अमेरिका की नई सरकार ने, वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की ख़ातिर, बहुपक्षवाद को समर्थन देने, और संयुक्त राष्ट्र व अमेरिका के बीच सहयोग मज़बूत करने के लिये, पहले से ही जो क़दम उठाए हैं, मैं उनका स्वागत करता हूँ.”
बहुपक्षीय समूह में वापसी
यूएन प्रमुख ने, पेरिस जलवायु समझौते, कोरोनावायरस महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों के मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन और मानवाधिकार परिषद में, अमेरिकी वापसी और सक्रियता को, बहुपक्षवाद समूह में वापसी क़रार दिया.
ध्यान रहे कि पूर्ववर्ती डॉनल्ड ट्रम्प सरकार ने, अमेरिका को इन मंचों से हटा लिया था, और उनके इन निर्णयों को, नए राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार ने पलट दिया है.
एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “हमारे सामने दरपेश, अनेक वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिये, अमेरिका का संकल्प और योगदान, बहुत महत्वपूर्ण हैं – शुरुआत कोविड-19 से की जा सकती है.”
महामारी का ख़ात्मा
उन्होंने कहा, “महामारी का ख़ात्मा, हर जगह करने के लिये, मैं ज़ोर देता रहा हूँ, और मेरा पक्का विश्वास भी है, कि हमें एक वैश्विक टीकाकरण की आवश्यकता है.”
“और मेरा ख़याल है कि अमेरिका, इस मोर्चे पर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि, जैसाकि आप जानते हैं, मैंने जी20 के सामने, इस तरह की योजना बनाने और उसे लागू करने में तालमेल स्थापित करने के लिये, एक आपदा कार्यबल बनाने का प्रस्ताव रखा है. लेकिन, इस तरह की कोई योजना, अमेरिका के प्रभावशाली नेतृत्व के बिना कारगर साबित नहीं हो सकती.”
यूएन प्रमुख ने कहा कि वैश्विक तापमान वृद्धि को तीव्र गति से धीमा करने और पेरिस समझौते में किये गए वादों को पूरा करने की ख़ातिर, जलवायु कार्रवाई करने के लिये, ग्लासगो में होने वाला कॉप26 सम्मेलन, हमारे पृथ्वी ग्रह के लिये, निर्माण या विनाश का लम्हा है.
जलवायु गठबन्धन
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अमेरिका के शीर्ष राजनयिकों सम्बोधित करते हुए कहा, “हम मध्य शताब्दी तक नैट शून्य की स्थिति हासिल करने के वास्ते, एक वैश्विक गठबन्धन बनाने की ख़ातिर, सघन एकजुटता के साथ काम कर रहे हैं. ये लक्ष्य, संयुक्त राष्ट्र में, वर्ष 2021 के दौरान, हमारी शीर्ष प्राथमिकता पर है…”
अकाल का मुक़ाबला
एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि अकाल ने, पहले ही, छह देशों में तबाही मचा रखी है और वो ये देखकर प्रसन्न हैं कि, अमेरिका, इस महीने, सुरक्षा परिषद की अपनी अध्यक्षता को, भुखमरी का मुक़ाबला करने के लिये चर्चा की अगुवाई करने और शान्ति के लिये कूटनीति का सहारा लिये जाने के लिये एक मौक़े के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.

उन्होंने कहा, “हम, अफ़ग़ानिस्तान और यमन में, टिकाऊ समझौते कराने के लिये; लीबिया में, हमारे प्रयास और ज़्यादा मज़बूत करने; सीरिया में, राजनैतिक सम्वाद के ज़रिये, टिकाऊ प्रगति हासिल करने की कोशिश करेंगे, जो अभी तक नहीं हो सकी है; और मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया शुरू करने के लिये – काम करेंगे.”
यूएन प्रमुख ने कहा कि हम सभी को सुकून के कुछ लम्हों की दरकार है, युद्ध क्षेत्रों से लेकर, लोगों के घरों तक, जहाँ महिलाएँ और लड़कियाँ लैंगिक हिंसा की महामारी का शिकार हैं. दूसरी तरफ़ मैं बहुत उत्सुक हूँ कि हम मानवाधिकारों पर, कॉल टू एक्शन यानि कार्रवाई की पुकार, पर अमल कर सकते हैं.
यूएन महासचिव ने कहा कि हर जगह, लोग व्यवस्थागत नस्लभेद, भेदभाव और उत्पीड़न का ख़ात्मा किये जाने, और महिलाओं, हाशिये पर रहने के लिये मजबूर लोगों, और तमाम तरह के अल्पसंख्यकों के अधिकारों की संरक्षा किये जाने की माँग कर रहे हैं.
“मेरा मानना है कि संयुक्त राष्ट्र एक ऐसा स्थान है जहाँ हमारी साझी चुनौतियों का मुक़ाबला किया जाए और साझा मूल्यों के लिये, प्रतिबद्धता फिर से पक्की की जाए.”
यूएन बहुपक्षवाद का ‘रहबर’ – ब्लिन्केन
अमेरिकी विदेश मन्त्री एंटनी ब्लिन्केन ने, अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि संयुक्त राष्ट्र “बहुपक्षवादी व्यवस्था का रहबर है”, जोकि, राष्ट्रपति बाइडेन की सरकार की नज़र में, बहुत अहम है.
उन्होंने कहा, “जब हम, ऐसी समस्याओं और चुनौतियों के बारे में सोचते हैं जो लोगों की ज़िन्दगियों को प्रभावित करने वाली हैं, तो वो हमारे नागरिकों के जीवन को प्रभावित कर ही रही हैं, चाहे वो कोविड-19 हो, चाहे वो जलवायु हो, चाहे वो उभरती टैक्कनॉलॉजी में व्यवधान हो, इनमें से कोई भी समस्या या चुनौती, ऐसी नहीं है जिसका मुक़ाबला, कोई देश, केवल अपने दम पर सर सके, यहाँ तक कि अमेरिका भी नहीं.”
“हमें, समस्याओं का एकजुटता के साथ मुक़ाबला करने के लिये, आपस में सहयोग व तालमेल करने के रास्ते निकालने होंगे. और सभी देश, साझा चुनौतियों का मुक़ाबला करने के लिये, जहाँ एकजुट होंगे, अमेरिका वहाँ हाज़िर और मुस्तैद है.”
यूएन कामयाबी हित साधक
एंटनी ब्लिन्केन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सुचारू रूप से काम करने में, अमेरिका का महत्वपूर्ण हित सधता है.
उन्होंने इस मौक़े पर बहुपक्षवाद के लिये, राष्ट्रपति जो बाइडेन का संकल्प भी रेखांकित किया, जैसाकि संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों में, अमेरिकी वापसी और सक्रियता बढ़ने से झलकता भी है – “पहले ही दिन से”. 
उन्होंने यूएन प्रमुख से मुख़ातिब होते हुए कहा, “मैं इन मुद्दों पर आपके नेतृत्व और विश्व के सामने दरपेश अनेक संकटों व चुनौतियों का मुक़ाबला करने के प्रयासों की सराहना करता हूँ – इथियोपिया से लेकर बर्मा तक.”
“हमारे पास एक वृहद एजेण्डा है. मेरा ख़याल है कि आपके कन्धों पर दुनिया के सबसे कठिन काम की ज़िम्मेदारी है, लेकिन हम शुक्रगुज़ार हैं कि आप ये कर रहे हैं, और हमारे प्रयासों में, संयुक्त राष्ट्र को साझीदार के रूप में पाकर, हम आभारी हैं.”, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन प्रणाली में, अमेरिका की सक्रिय वापसी का स्वागत करते हुए, कोविड-19 महामारी को मात देने के लिये, वैश्विक टीकाकरण में, अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया है. उन्होंने सोमवार को, अमेरिका से, नवम्बर 2021 में, ग्लासगो में, होने वाले जलवायु सम्मेलन – कॉप26 को, जलवायु कार्रवाई की दिशा में, एक अति महत्वपूर्ण पड़ाव बनाने का भी आग्रह किया है.

यूएन प्रमुख ने, वर्चुअल बैठक में, अमेरिका के विदेश मन्त्री एंटनी ब्लिन्केन और यूएन के लिये राजदूत लिण्डा थॉमस ग्रीनफ़ील्ड के साथ स्क्रीन पर पेश होते हुए कहा, “अमेरिका की नई सरकार ने, वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की ख़ातिर, बहुपक्षवाद को समर्थन देने, और संयुक्त राष्ट्र व अमेरिका के बीच सहयोग मज़बूत करने के लिये, पहले से ही जो क़दम उठाए हैं, मैं उनका स्वागत करता हूँ.”

बहुपक्षीय समूह में वापसी

यूएन प्रमुख ने, पेरिस जलवायु समझौते, कोरोनावायरस महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों के मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन और मानवाधिकार परिषद में, अमेरिकी वापसी और सक्रियता को, बहुपक्षवाद समूह में वापसी क़रार दिया.

ध्यान रहे कि पूर्ववर्ती डॉनल्ड ट्रम्प सरकार ने, अमेरिका को इन मंचों से हटा लिया था, और उनके इन निर्णयों को, नए राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार ने पलट दिया है.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “हमारे सामने दरपेश, अनेक वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिये, अमेरिका का संकल्प और योगदान, बहुत महत्वपूर्ण हैं – शुरुआत कोविड-19 से की जा सकती है.”

महामारी का ख़ात्मा

उन्होंने कहा, “महामारी का ख़ात्मा, हर जगह करने के लिये, मैं ज़ोर देता रहा हूँ, और मेरा पक्का विश्वास भी है, कि हमें एक वैश्विक टीकाकरण की आवश्यकता है.”

“और मेरा ख़याल है कि अमेरिका, इस मोर्चे पर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि, जैसाकि आप जानते हैं, मैंने जी20 के सामने, इस तरह की योजना बनाने और उसे लागू करने में तालमेल स्थापित करने के लिये, एक आपदा कार्यबल बनाने का प्रस्ताव रखा है. लेकिन, इस तरह की कोई योजना, अमेरिका के प्रभावशाली नेतृत्व के बिना कारगर साबित नहीं हो सकती.”

यूएन प्रमुख ने कहा कि वैश्विक तापमान वृद्धि को तीव्र गति से धीमा करने और पेरिस समझौते में किये गए वादों को पूरा करने की ख़ातिर, जलवायु कार्रवाई करने के लिये, ग्लासगो में होने वाला कॉप26 सम्मेलन, हमारे पृथ्वी ग्रह के लिये, निर्माण या विनाश का लम्हा है.

जलवायु गठबन्धन

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अमेरिका के शीर्ष राजनयिकों सम्बोधित करते हुए कहा, “हम मध्य शताब्दी तक नैट शून्य की स्थिति हासिल करने के वास्ते, एक वैश्विक गठबन्धन बनाने की ख़ातिर, सघन एकजुटता के साथ काम कर रहे हैं. ये लक्ष्य, संयुक्त राष्ट्र में, वर्ष 2021 के दौरान, हमारी शीर्ष प्राथमिकता पर है…”

अकाल का मुक़ाबला

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि अकाल ने, पहले ही, छह देशों में तबाही मचा रखी है और वो ये देखकर प्रसन्न हैं कि, अमेरिका, इस महीने, सुरक्षा परिषद की अपनी अध्यक्षता को, भुखमरी का मुक़ाबला करने के लिये चर्चा की अगुवाई करने और शान्ति के लिये कूटनीति का सहारा लिये जाने के लिये एक मौक़े के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.

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यूएन प्रमुख ने कहा कि हम सभी को सुकून के कुछ लम्हों की दरकार है, युद्ध क्षेत्रों से लेकर, लोगों के घरों तक, जहाँ महिलाएँ और लड़कियाँ लैंगिक हिंसा की महामारी का शिकार हैं. दूसरी तरफ़ मैं बहुत उत्सुक हूँ कि हम मानवाधिकारों पर, कॉल टू एक्शन यानि कार्रवाई की पुकार, पर अमल कर सकते हैं.

यूएन महासचिव ने कहा कि हर जगह, लोग व्यवस्थागत नस्लभेद, भेदभाव और उत्पीड़न का ख़ात्मा किये जाने, और महिलाओं, हाशिये पर रहने के लिये मजबूर लोगों, और तमाम तरह के अल्पसंख्यकों के अधिकारों की संरक्षा किये जाने की माँग कर रहे हैं.

“मेरा मानना है कि संयुक्त राष्ट्र एक ऐसा स्थान है जहाँ हमारी साझी चुनौतियों का मुक़ाबला किया जाए और साझा मूल्यों के लिये, प्रतिबद्धता फिर से पक्की की जाए.”

यूएन बहुपक्षवाद का ‘रहबर’ – ब्लिन्केन

अमेरिकी विदेश मन्त्री एंटनी ब्लिन्केन ने, अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि संयुक्त राष्ट्र “बहुपक्षवादी व्यवस्था का रहबर है”, जोकि, राष्ट्रपति बाइडेन की सरकार की नज़र में, बहुत अहम है.

उन्होंने कहा, “जब हम, ऐसी समस्याओं और चुनौतियों के बारे में सोचते हैं जो लोगों की ज़िन्दगियों को प्रभावित करने वाली हैं, तो वो हमारे नागरिकों के जीवन को प्रभावित कर ही रही हैं, चाहे वो कोविड-19 हो, चाहे वो जलवायु हो, चाहे वो उभरती टैक्कनॉलॉजी में व्यवधान हो, इनमें से कोई भी समस्या या चुनौती, ऐसी नहीं है जिसका मुक़ाबला, कोई देश, केवल अपने दम पर सर सके, यहाँ तक कि अमेरिका भी नहीं.”

“हमें, समस्याओं का एकजुटता के साथ मुक़ाबला करने के लिये, आपस में सहयोग व तालमेल करने के रास्ते निकालने होंगे. और सभी देश, साझा चुनौतियों का मुक़ाबला करने के लिये, जहाँ एकजुट होंगे, अमेरिका वहाँ हाज़िर और मुस्तैद है.”

यूएन कामयाबी हित साधक

एंटनी ब्लिन्केन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सुचारू रूप से काम करने में, अमेरिका का महत्वपूर्ण हित सधता है.

उन्होंने इस मौक़े पर बहुपक्षवाद के लिये, राष्ट्रपति जो बाइडेन का संकल्प भी रेखांकित किया, जैसाकि संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों में, अमेरिकी वापसी और सक्रियता बढ़ने से झलकता भी है – “पहले ही दिन से”. 

उन्होंने यूएन प्रमुख से मुख़ातिब होते हुए कहा, “मैं इन मुद्दों पर आपके नेतृत्व और विश्व के सामने दरपेश अनेक संकटों व चुनौतियों का मुक़ाबला करने के प्रयासों की सराहना करता हूँ – इथियोपिया से लेकर बर्मा तक.”

“हमारे पास एक वृहद एजेण्डा है. मेरा ख़याल है कि आपके कन्धों पर दुनिया के सबसे कठिन काम की ज़िम्मेदारी है, लेकिन हम शुक्रगुज़ार हैं कि आप ये कर रहे हैं, और हमारे प्रयासों में, संयुक्त राष्ट्र को साझीदार के रूप में पाकर, हम आभारी हैं.”

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