इराक़: कोविड अस्पताल में, आग दुर्घटना के बाद, सख़्त रोकथाम उपायों की पुकार

इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि जिनीन हैनिस प्लेस्शार्ट ने राजधानी बग़दाद के एक कोविड-19 अस्पताल में लगी भीषण आग पर गहरे अफ़सोस और तकलीफ़ का इज़हार किया है. 

ये आग राजधानी बग़दाद के इब्न ख़तीब अस्पताल में शनिवार की रात को लगी. 
उन्होंने इस आग की चपेट में आने से अपनी ज़िन्दगी गँवाने वाले अनेक लोगों के परिवारों के साथ गहरी सम्वेदनाएँ व्यक्त की हैं.
उन्होंने साथ ही, 100 से ज़्यादा घायल हुए लोगों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की है.
ख़बरों के अनुसार, अस्पताल में आग लगने की ये दुर्घटना ऑक्सीजन के एक टैंक में विस्फोट होने के कारण हुई.
एक गम्भीर हादसा
इराक़ के नागरिक सुरक्षा विभाग का कहना है कि रविवार तड़के, आग पर क़ाबू पा लिया गया था. 
मीडिया ख़बरों के अनुसार, सरकार के मानवाधिकार आयोग ने एक वक्तव्य जारी करके, इस घटना को, ऐसे मरीज़ों के विरुद्ध अपराध क़रार दिया है जो पहले ही, कोविड-19 महामारी के सताए हुए हैं.
ख़बरों के अनुसार, एक आपदा अधिकारी ने बताया कि बहुत से मरीज़ों की मौत उस समय हुई, जब उन्हें आग प्रभावित स्थानों से बचाने के लिये, उनकी ऑक्सीज़न मशीनें हटाई गईं, जबकि अनेक अन्य लोगों की मौत, धुएँ के कारण दम घुटने से हो गई.
रोकथाम उपायों से ज़िन्दगियाँ बचती हैं
यूएन विशेष दूत ने कहा कि भविष्य में इस तरह के हादसे शुरू होने से पहले ही, उन्हें रोकना होगा. साथ ही, उन्होंने इस तरह के हादसे दोबारा होने से रोकने के लिये सख़्त उपाय सुनिश्चित करने का आहवान किया. 
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र, महामारी के दौरान, बढ़ते संक्रमण मामलों के माहौल में, इराक़ के स्वास्थ्य क्षेत्र को अति महत्वपूर्ण सहायता मुहैया कराना जारी रखने के साथ-साथ, महामारी का मुक़ाबला करने के लिये स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद करने के लिये मुस्तैद है.
देश पर कोविड-19 का क़हर
देश भर के अस्पतालों पर कोरोनावायरस महामारी के कारण, अपनी पूरी क्षमता से बहुत ज़्यादा बोझ है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आँकड़ों के अनुसार, इराक़ में, जनवरी 2020 के बाद से, कोविड-19 संक्रमण के लगभग 10 लाख, 25 हज़ार मामले दर्ज किये जा चुके हैं और 15 हज़ार 217 लोगों की मौत हुई है.
देश में, फ़रवरी 2021 के बाद से संक्रमण में काफ़ी उछाल देखा गया है.
देश को, संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई वाले समता वैक्सीन कार्यक्रम – कोवैक्स के तहत, वैक्सीन की पहले खेप भी पहुँचाई गई है, जिसके बाद कोविड-19 वैक्सीन का टीकाकरण मार्च 2021 में शुरू हुआ. 
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ का कहना है कि देश में संक्रमण बहुत तेज़ी से फैल रहा है जिसने तमाम अस्पतालों, सघन चिकित्सा देखभाल और स्वास्थ्यकर्मियों पर भारी बोझ डाल दिया है., इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि जिनीन हैनिस प्लेस्शार्ट ने राजधानी बग़दाद के एक कोविड-19 अस्पताल में लगी भीषण आग पर गहरे अफ़सोस और तकलीफ़ का इज़हार किया है. 

ये आग राजधानी बग़दाद के इब्न ख़तीब अस्पताल में शनिवार की रात को लगी. 

उन्होंने इस आग की चपेट में आने से अपनी ज़िन्दगी गँवाने वाले अनेक लोगों के परिवारों के साथ गहरी सम्वेदनाएँ व्यक्त की हैं.

उन्होंने साथ ही, 100 से ज़्यादा घायल हुए लोगों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की है.

ख़बरों के अनुसार, अस्पताल में आग लगने की ये दुर्घटना ऑक्सीजन के एक टैंक में विस्फोट होने के कारण हुई.

एक गम्भीर हादसा

इराक़ के नागरिक सुरक्षा विभाग का कहना है कि रविवार तड़के, आग पर क़ाबू पा लिया गया था. 

मीडिया ख़बरों के अनुसार, सरकार के मानवाधिकार आयोग ने एक वक्तव्य जारी करके, इस घटना को, ऐसे मरीज़ों के विरुद्ध अपराध क़रार दिया है जो पहले ही, कोविड-19 महामारी के सताए हुए हैं.

ख़बरों के अनुसार, एक आपदा अधिकारी ने बताया कि बहुत से मरीज़ों की मौत उस समय हुई, जब उन्हें आग प्रभावित स्थानों से बचाने के लिये, उनकी ऑक्सीज़न मशीनें हटाई गईं, जबकि अनेक अन्य लोगों की मौत, धुएँ के कारण दम घुटने से हो गई.

रोकथाम उपायों से ज़िन्दगियाँ बचती हैं

यूएन विशेष दूत ने कहा कि भविष्य में इस तरह के हादसे शुरू होने से पहले ही, उन्हें रोकना होगा. साथ ही, उन्होंने इस तरह के हादसे दोबारा होने से रोकने के लिये सख़्त उपाय सुनिश्चित करने का आहवान किया. 

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र, महामारी के दौरान, बढ़ते संक्रमण मामलों के माहौल में, इराक़ के स्वास्थ्य क्षेत्र को अति महत्वपूर्ण सहायता मुहैया कराना जारी रखने के साथ-साथ, महामारी का मुक़ाबला करने के लिये स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद करने के लिये मुस्तैद है.

देश पर कोविड-19 का क़हर

देश भर के अस्पतालों पर कोरोनावायरस महामारी के कारण, अपनी पूरी क्षमता से बहुत ज़्यादा बोझ है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आँकड़ों के अनुसार, इराक़ में, जनवरी 2020 के बाद से, कोविड-19 संक्रमण के लगभग 10 लाख, 25 हज़ार मामले दर्ज किये जा चुके हैं और 15 हज़ार 217 लोगों की मौत हुई है.

देश में, फ़रवरी 2021 के बाद से संक्रमण में काफ़ी उछाल देखा गया है.

देश को, संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई वाले समता वैक्सीन कार्यक्रम – कोवैक्स के तहत, वैक्सीन की पहले खेप भी पहुँचाई गई है, जिसके बाद कोविड-19 वैक्सीन का टीकाकरण मार्च 2021 में शुरू हुआ. 

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ का कहना है कि देश में संक्रमण बहुत तेज़ी से फैल रहा है जिसने तमाम अस्पतालों, सघन चिकित्सा देखभाल और स्वास्थ्यकर्मियों पर भारी बोझ डाल दिया है.

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