इराक़: तनाव भड़काने की कोशिशें देश की सुरक्षा के लिये ‘गम्भीर ख़तरा’

इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अधिकारी जैनीन हैनिस-प्लासशर्ट ने  देश में स्थिरता के लिये संघीय ढाँचे की मज़बूती और संघीय इराक़ व कुर्द बहुल क्षेत्र के बीच सकारात्मक सम्बन्धों पर ज़ोर दिया है. यूएन की विशेष दूत ने कुर्द बहुल इलाक़े अर्बील में, सोमवार रात हुए घातक रॉकेट हमले की निन्दा करते हुए आगाह किया है कि तनाव भड़काने की ऐसी कोशिशें, देश में शान्ति के लिये ख़तरा हैं.   

इराक़ में यूएन महासचिव की विशेष प्रतिनि व सहायता मिशन (UNAMI) की प्रमुख जैनीन हैनिस-प्लासशर्ट ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद को इराक़ में हालात से अवगत कराते हुए कहा कि दोषियों की जवाबदेही के लिये, बग़दाद और अर्बील के बीच नज़दीकी सहयोग बेहद अहम है.  

Briefing by Special Representative of the UN Secretary-General for Iraq and head of the UN Assistance Mission for Iraq (UNAMI), Jeanine Hennis-Plasschaert, at the open video-teleconference of the UN Security Council | 16 February 2021 (As Delivered)https://t.co/uNLseS7gbK— UNAMI (@UNIraq) February 16, 2021

जैनीन हैनिस-प्लासशर्ट ने बताया कि चुनाव आयोग के साथ विचार-विमर्श के दौरान मन्त्रिपरीषद ने 10 अकटूबर को चुनाव आयोजित कराये जाने का निर्णय लिया था, जोकि शुरुआती योजना से चार महीने बाद का समय है. 
इस क्रम में संसद ने वित्तीय इन्तज़ाम सम्बन्धी विधेयक को पारित कर दिया है लेकिन संघीय सर्वोच्च न्यायालय क़ानून को अन्तिम रूप नहीं दिया है, जिसके ज़रिये चुनाव नतीजों को प्रमाणिकता मिलेगी.
यूएन मिशन की प्रमुख ने कहा है कि इस विषय में अब और देरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता, इसलिये सभी पक्षों से तेज़ी से आगे बढ़ने का आग्रह किया गया है.
उन्होंने सचेत किया है कि चुनाव प्रक्रिया पर भरोसे के लिये ज़रूरी है कि निराधार कहानियों व आरोपों को ख़ारिज किया जाए और जवाबदेही तय करने के प्रावधान किये जाएँ. 
यूएन दूत के अनुसार चुनावों में सभी पक्षों, उम्मीदवारों व मीडिया के लिये एक स्वतन्त्र और सुरक्षित माहौल तैयार करना होगा.
इसके मद्देनज़र, उन्होंने सभी दलों व प्रशासन से एक साथ मिलकर स्वतन्त्र चुनावों के लिये आचार सहिन्ता पर सहमति बनाने की अपील की है ताकि हिंसा, हत्याओं, अपहरण और डराए-धमकाए बग़ैर चुनावों को सम्पन्न कराया जा सके.
यूएन मिशन प्रमुख ने आश्वस्त करते हुए कहा कि ये चुनाव इराक़ियों के नेतृत्व व स्वामित्व में सम्पन्न होंगे. “यूएन पक्षपात नहीं करता है. हमारी स्वतन्त्रता और निष्पक्षता हमें बयाँ करती है.” 
अनेक मोर्चों पर चुनौतियाँ
इराक़ के समक्ष वित्तीय और आर्थिक मोर्चों पर चुनौतियाँ बरक़रार हैं, लेकिन हाल के दिनों में तेल राजस्व में बढ़ोत्तरी हुई है जिससे नकदी के संकट से राहत मिली है. 
तेल की अनुमानित क़ीमतें बढ़ रही हैं, और सरकार को उम्मीद है कि इससे सार्वजनिक सेवाओं और सरकारी कर्मचारियों के वेतन देने में मदद मिलेगी.
इराक़ में यूएन की शीर्ष अधिकारी ने सचेत किया है कि सुधार उपायों को लागू करने में कोई ख़ास प्रगति नहीं हुई है.
संसाधनों के दोहन पर निर्भरता को जारी नहीं रखा जा सकता है, और ना ही सार्वजनिक सैक्टर पर अत्यधिक बोझ डाला जा सकता है, जिसका आकार पहले से ही आवश्यकता से अधिक है.
वर्ष 2021 के बजट क़ानून पर सहमति में बग़दाद और ऐरबिल में मेलमिलाप व समझौते की माँग की गई है. यूएन दूत ने स्पष्ट किया है कि यह अभी सम्भव नहीं हो पाया है.
तेल, राजस्व बँटवारे और विवादित क्षेत्रों पर क़ानूनों के अभाव में सृजनात्मक माहौल में बातचीत को आगे बढ़ाने में बाधाएँ पेश आई हैं और इन्हें हल करने के लिये अभी कोई एजेण्डा सामने नहीं रखा गया है.
जैनीन हैनिस-प्लासशर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि संघीय इराक़ और कुर्दिस्तान क्षेत्र के बीच एक सकारात्मक, स्थिर सम्बन्ध, पूरे देश की स्थिरता के लिये परम आवश्यका है. 
इसके साथ-साथ इराक़ में संघीय प्रणाली को मज़बूत बनाया जाना होग, जिसके लिये कुछ रियायतें देनी होंगी., इराक़ में संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अधिकारी जैनीन हैनिस-प्लासशर्ट ने  देश में स्थिरता के लिये संघीय ढाँचे की मज़बूती और संघीय इराक़ व कुर्द बहुल क्षेत्र के बीच सकारात्मक सम्बन्धों पर ज़ोर दिया है. यूएन की विशेष दूत ने कुर्द बहुल इलाक़े अर्बील में, सोमवार रात हुए घातक रॉकेट हमले की निन्दा करते हुए आगाह किया है कि तनाव भड़काने की ऐसी कोशिशें, देश में शान्ति के लिये ख़तरा हैं.   

इराक़ में यूएन महासचिव की विशेष प्रतिनि व सहायता मिशन (UNAMI) की प्रमुख जैनीन हैनिस-प्लासशर्ट ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद को इराक़ में हालात से अवगत कराते हुए कहा कि दोषियों की जवाबदेही के लिये, बग़दाद और अर्बील के बीच नज़दीकी सहयोग बेहद अहम है.  

जैनीन हैनिस-प्लासशर्ट ने बताया कि चुनाव आयोग के साथ विचार-विमर्श के दौरान मन्त्रिपरीषद ने 10 अकटूबर को चुनाव आयोजित कराये जाने का निर्णय लिया था, जोकि शुरुआती योजना से चार महीने बाद का समय है. 

इस क्रम में संसद ने वित्तीय इन्तज़ाम सम्बन्धी विधेयक को पारित कर दिया है लेकिन संघीय सर्वोच्च न्यायालय क़ानून को अन्तिम रूप नहीं दिया है, जिसके ज़रिये चुनाव नतीजों को प्रमाणिकता मिलेगी.

यूएन मिशन की प्रमुख ने कहा है कि इस विषय में अब और देरी को स्वीकार नहीं किया जा सकता, इसलिये सभी पक्षों से तेज़ी से आगे बढ़ने का आग्रह किया गया है.

उन्होंने सचेत किया है कि चुनाव प्रक्रिया पर भरोसे के लिये ज़रूरी है कि निराधार कहानियों व आरोपों को ख़ारिज किया जाए और जवाबदेही तय करने के प्रावधान किये जाएँ. 

यूएन दूत के अनुसार चुनावों में सभी पक्षों, उम्मीदवारों व मीडिया के लिये एक स्वतन्त्र और सुरक्षित माहौल तैयार करना होगा.

इसके मद्देनज़र, उन्होंने सभी दलों व प्रशासन से एक साथ मिलकर स्वतन्त्र चुनावों के लिये आचार सहिन्ता पर सहमति बनाने की अपील की है ताकि हिंसा, हत्याओं, अपहरण और डराए-धमकाए बग़ैर चुनावों को सम्पन्न कराया जा सके.

यूएन मिशन प्रमुख ने आश्वस्त करते हुए कहा कि ये चुनाव इराक़ियों के नेतृत्व व स्वामित्व में सम्पन्न होंगे. “यूएन पक्षपात नहीं करता है. हमारी स्वतन्त्रता और निष्पक्षता हमें बयाँ करती है.” 

अनेक मोर्चों पर चुनौतियाँ

इराक़ के समक्ष वित्तीय और आर्थिक मोर्चों पर चुनौतियाँ बरक़रार हैं, लेकिन हाल के दिनों में तेल राजस्व में बढ़ोत्तरी हुई है जिससे नकदी के संकट से राहत मिली है. 

तेल की अनुमानित क़ीमतें बढ़ रही हैं, और सरकार को उम्मीद है कि इससे सार्वजनिक सेवाओं और सरकारी कर्मचारियों के वेतन देने में मदद मिलेगी.

इराक़ में यूएन की शीर्ष अधिकारी ने सचेत किया है कि सुधार उपायों को लागू करने में कोई ख़ास प्रगति नहीं हुई है.

संसाधनों के दोहन पर निर्भरता को जारी नहीं रखा जा सकता है, और ना ही सार्वजनिक सैक्टर पर अत्यधिक बोझ डाला जा सकता है, जिसका आकार पहले से ही आवश्यकता से अधिक है.

वर्ष 2021 के बजट क़ानून पर सहमति में बग़दाद और ऐरबिल में मेलमिलाप व समझौते की माँग की गई है. यूएन दूत ने स्पष्ट किया है कि यह अभी सम्भव नहीं हो पाया है.

तेल, राजस्व बँटवारे और विवादित क्षेत्रों पर क़ानूनों के अभाव में सृजनात्मक माहौल में बातचीत को आगे बढ़ाने में बाधाएँ पेश आई हैं और इन्हें हल करने के लिये अभी कोई एजेण्डा सामने नहीं रखा गया है.

जैनीन हैनिस-प्लासशर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि संघीय इराक़ और कुर्दिस्तान क्षेत्र के बीच एक सकारात्मक, स्थिर सम्बन्ध, पूरे देश की स्थिरता के लिये परम आवश्यका है. 

इसके साथ-साथ इराक़ में संघीय प्रणाली को मज़बूत बनाया जाना होग, जिसके लिये कुछ रियायतें देनी होंगी.

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