एक तिहाई पर्यटन स्थल, अन्तरराष्ट्रीय सैलानियों के लिये अब भी बन्द

संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यटन संगठन (WTO) की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोनावायरस के नए-नए रूप फैलने के कारण उपजी चिन्ताओं के बीच, 217 वैश्विक पर्यटन स्थलों में से, लगभग एक तिहाई, अन्तरराष्ट्रीय सैलानियों के लिये अब भी बन्द हैं. जबकि कुछ देशों में, सरकारों ने प्रतिबन्धों में कुछ ढील देने वाले उपाय किये हैं.

विश्व पर्यटन संगठन की – यात्रा प्रतिबन्ध रिपोर्ट में कहा गया है कि ज़्यादा प्रभाव एशिया, प्रशान्त और योरोप के पर्यटक स्थलों पर पड़ा है.

LIVE: Media briefing on the prevalence of violence against women with @DrTedros. #EndViolence https://t.co/tAsvZEiZk7— World Health Organization (WHO) (@WHO) March 9, 2021

सिक्के का दूसरा पक्ष देखें तो लगभग एक तिहाई वैश्विक पर्यटन स्थल, अब अन्तरराष्ट्रीय सैलानियों के लिये खुल गए हैं.
अल्बानिया, कोस्टा रीका, डोमीनिकन गणराज्य, उत्तर मैसीडोनिया और तंज़ानिया में, कोविड-19 से सम्बन्धित तमाम प्रतिबन्ध हटा लिये गए हैं.
‘सुरक्षित और ज़िम्मेदार’
विश्व पर्यटन संगठन के महासचिव ज़ुराब पोलिलीकाशविली ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि कोरोनावायरस पर क़ाबू पाने के प्रयासों में, यात्रा प्रतिबन्धों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है.
उन्होंने, साथ ही ज़ोर देकर ये भी कहा कि अब जबकि पर्यटन को फिर से सामान्य बनाने के प्रयास शुरू हो रहे हैं तो, हमें ये भी याद रखना होगा कि प्रतिबन्ध व पाबन्दियाँ, समाधान का केवल एक हिस्सा हैं.
उन्होंने रेखांकित करते हुए कहा कि यात्राओं पर प्रतिबन्ध, ताज़ा-तरीन डेटा और उसके विश्लेषण के आधार पर लगाए जाने चाहिये, और लगातार उनकी समीक्षा की जानी चाहिये, ताकि एक ऐसे क्षेत्र को फिर से खोलने के लिये ज़िम्मेदार शुरुआत की जा सके, जिस पर, करोड़ों लोगों के कारोबार और रोज़गार निर्भर हैं.
परीक्षण व एकान्तवास
यूएन एजेंसी ने रिपोर्ट के बारे में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों पर, कोरोनावायरस सम्बन्धी यात्रा प्रतिबन्धों के बारे में फ़ैसले करने में, तार्किकता, प्रमाण और जोखिम विश्लेषण पर आधारित नज़रिया बढ़ रहा है.
बहुत से देशों ने, पर्यटकों को अपने यहाँ दाख़िल होने की अनुमति देने के लिये कोविड-19 का नकारात्मक परीक्षण परिणाम दिखाना अनिवार्य कर दिया है.
इसके अलावा, पर्यटकों के पते-ठिकाने के बारे में ताज़ा जानकारी रखने के लिये, उनकी सम्पर्क जानकारियाँ देना भी ज़रूरी बना दिया गया है.
दुनिया भर के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से, लगभग 30 प्रतिशत ने, कोविड-19 की नकारात्मक टैस्ट रिपोर्ट को, देश में दाख़िल होने के लिये, प्रमुख शर्त बना दिया है.
लगभग इतने ही पर्यटन स्थलों ने, नकारात्मक टैस्ट को दूसरी या तीसरी मुख्य शर्त बनाया है.
अभी तक, लगभग 70 पर्यटक स्थलों ने, एकान्तवास को एक अतिरिक्त शर्त बनाया है.
इनमें से लगभग एक तिहाई पर्यटक स्थल, लघु द्वीपीय विकासशील देशों में हैं जो अमेरिकी महाद्वीप में हैं.
सावधानी आवश्यक
संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यटन संगठन के अनुसार बहुत से देशों की सरकारों ने, अपने नागरिकों को परामर्श दिया है कि वो ग़ैर-ज़रूरी विदेश यात्रा ना करें. 
रिपोर्ट में कहा गया है कि ये देश, महामारी को नज़र में रखते हुए, अपनी पर्यटन नीतियों की समीक्षा किस तरह करते हैं, उसके अनुरूप, आने वाले महीनों में, वैश्विक स्तर पर सैलानियों के सैलाब का आकार और रफ़्तार तय होंगे., संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यटन संगठन (WTO) की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोनावायरस के नए-नए रूप फैलने के कारण उपजी चिन्ताओं के बीच, 217 वैश्विक पर्यटन स्थलों में से, लगभग एक तिहाई, अन्तरराष्ट्रीय सैलानियों के लिये अब भी बन्द हैं. जबकि कुछ देशों में, सरकारों ने प्रतिबन्धों में कुछ ढील देने वाले उपाय किये हैं.

विश्व पर्यटन संगठन की – यात्रा प्रतिबन्ध रिपोर्ट में कहा गया है कि ज़्यादा प्रभाव एशिया, प्रशान्त और योरोप के पर्यटक स्थलों पर पड़ा है.

सिक्के का दूसरा पक्ष देखें तो लगभग एक तिहाई वैश्विक पर्यटन स्थल, अब अन्तरराष्ट्रीय सैलानियों के लिये खुल गए हैं.

अल्बानिया, कोस्टा रीका, डोमीनिकन गणराज्य, उत्तर मैसीडोनिया और तंज़ानिया में, कोविड-19 से सम्बन्धित तमाम प्रतिबन्ध हटा लिये गए हैं.

‘सुरक्षित और ज़िम्मेदार’

विश्व पर्यटन संगठन के महासचिव ज़ुराब पोलिलीकाशविली ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि कोरोनावायरस पर क़ाबू पाने के प्रयासों में, यात्रा प्रतिबन्धों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है.

उन्होंने, साथ ही ज़ोर देकर ये भी कहा कि अब जबकि पर्यटन को फिर से सामान्य बनाने के प्रयास शुरू हो रहे हैं तो, हमें ये भी याद रखना होगा कि प्रतिबन्ध व पाबन्दियाँ, समाधान का केवल एक हिस्सा हैं.

उन्होंने रेखांकित करते हुए कहा कि यात्राओं पर प्रतिबन्ध, ताज़ा-तरीन डेटा और उसके विश्लेषण के आधार पर लगाए जाने चाहिये, और लगातार उनकी समीक्षा की जानी चाहिये, ताकि एक ऐसे क्षेत्र को फिर से खोलने के लिये ज़िम्मेदार शुरुआत की जा सके, जिस पर, करोड़ों लोगों के कारोबार और रोज़गार निर्भर हैं.

परीक्षण व एकान्तवास

यूएन एजेंसी ने रिपोर्ट के बारे में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि अन्तरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों पर, कोरोनावायरस सम्बन्धी यात्रा प्रतिबन्धों के बारे में फ़ैसले करने में, तार्किकता, प्रमाण और जोखिम विश्लेषण पर आधारित नज़रिया बढ़ रहा है.

बहुत से देशों ने, पर्यटकों को अपने यहाँ दाख़िल होने की अनुमति देने के लिये कोविड-19 का नकारात्मक परीक्षण परिणाम दिखाना अनिवार्य कर दिया है.

इसके अलावा, पर्यटकों के पते-ठिकाने के बारे में ताज़ा जानकारी रखने के लिये, उनकी सम्पर्क जानकारियाँ देना भी ज़रूरी बना दिया गया है.

दुनिया भर के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से, लगभग 30 प्रतिशत ने, कोविड-19 की नकारात्मक टैस्ट रिपोर्ट को, देश में दाख़िल होने के लिये, प्रमुख शर्त बना दिया है.

लगभग इतने ही पर्यटन स्थलों ने, नकारात्मक टैस्ट को दूसरी या तीसरी मुख्य शर्त बनाया है.

अभी तक, लगभग 70 पर्यटक स्थलों ने, एकान्तवास को एक अतिरिक्त शर्त बनाया है.

इनमें से लगभग एक तिहाई पर्यटक स्थल, लघु द्वीपीय विकासशील देशों में हैं जो अमेरिकी महाद्वीप में हैं.

सावधानी आवश्यक

संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यटन संगठन के अनुसार बहुत से देशों की सरकारों ने, अपने नागरिकों को परामर्श दिया है कि वो ग़ैर-ज़रूरी विदेश यात्रा ना करें. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि ये देश, महामारी को नज़र में रखते हुए, अपनी पर्यटन नीतियों की समीक्षा किस तरह करते हैं, उसके अनुरूप, आने वाले महीनों में, वैश्विक स्तर पर सैलानियों के सैलाब का आकार और रफ़्तार तय होंगे.

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