कोरिया गणराज्य: 2050 तक कार्बन तटस्थता हासिल करने के संकल्प का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोरिया गणराज्य द्वारा वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता  (Carbon neutrality) हासिल करने का संकल्प लिये जाने की घोषणा का स्वागत किया है. यूएन प्रमुख ने इसे सही दिशा में एक बेहद सकारात्मक क़दम क़रार दिया है. इससे पहले सोमवार को जापान ने भी इसी अवधि में नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के प्रति अपने संकल्प को साझा किया था.

एंतोनियो गुटेरेश के प्रवक्ता की ओर से जारी किये गये बयान में कहा गया है कि कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति मून जाइ-इन द्वारा की गई इस घोषणा से महासचिव बेहद उत्साहित हैं.

Secretary-General @antonioguterres encouraged by President Moon Jae-in’s announcement of the Republic of Korea’s commitment to get to net zero emissions by 2050, joining a growing group of major economies committed to lead by example. https://t.co/4Ho1ajufiR— UN Spokesperson (@UN_Spokesperson) October 28, 2020

बुधवार को दक्षिण कोरिया ने वर्ष 2050 तक नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के लिये अपना संकल्प ज़ाहिर किया है.   
“इस घोषणा के साथ दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और छठा सबसे बड़ा निर्यातक कोरिया गणराज्य उन बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बढ़ते हुए समूह में शामिल हो गया है जो 2050 तक एक टिकाऊ, कार्बन तटस्थ और जलवायु सहनशील दुनिया के निर्माण में उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेतृत्व के लिये संकल्पित हैं.”
राष्ट्रपति मून ने नेशनल असेम्बली में अपने भाषण के दौरान यह संकल्प साझा किया है जिसका उद्देश्य सक्रियता से जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबला करना है. 
यह घोषणा जुलाई महीने में 35 अरब डॉलर के नए हरित समझौते (New Green Deal) के अनुरूप है जिसका लक्ष्य कोयले में निवेश को समाप्त करना है.
वक्तव्य में कहा गया है कि महासचिव ने इसे सही दिशा में एक बेहद सकारात्मक क़दम बताया है, विशेष रूप से हरित समझौते को पेश किये जाने के बाद. 
इससे दो दिन पहले ही जापान ने वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता हासिल करने के संकल्प की घोषणा की थी जिसका यूएन प्रमुख ने स्वागत किया था.
यूएन महासचिव की ओर से जारी बयान में प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा था कि जापान के प्रधानमन्त्री सूगा योशीहिदे की इस घोषणा से वह बेहद उत्साहित हैं.
उनके इस संकल्प को बेहद सकारात्मक बताते हुए उन्होंने प्रधानमन्त्री सूगा के नेतृत्व की सराहना की थी.
महत्वाकाँक्षी लक्ष्य
जापान और दक्षिण कोरिया की ओर से ये घोषणाएँ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के महासभा में उस सम्बोधन के एक महीने बाद आई हैं जिसमें चीन ने वर्ष 2060 तक कार्बन तटस्थता हासिल करने का लक्ष्य रखा है. 
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जलवायु कार्रवाई को अपने कार्यकाल की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया है. 
इस महीने अन्तरराष्ट्रीय वित्त मन्त्रियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कार्बन तटस्थता की दिशा में संकल्प लेते हुए कार्रवाई तेज़ करने की पुकार लगाई थी ताकि हानिकारक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पर क़ाबू पाया जा सके. 
उन्होंने देशों से महत्वाकाँक्षी राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई योजनाओं को तैयार करने का आग्रह किया है जिसमें उत्सर्जन घटाने और जलवायु अनुकूलन कार्रवाई के लिये योजना का खाका स्पष्ट हो. 
जलवायु परिवर्तन पर 2015 में हुए पेरिस समझौते के तहत यह अहम है. यूएन प्रमुख की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि अब महासचिव उन ठोस नीतिगत उपायों को देखना चाहते हैं जिन्हें दक्षिण कोरिया की ओर से पेश और लागू किया जायेगा. , संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोरिया गणराज्य द्वारा वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता  (Carbon neutrality) हासिल करने का संकल्प लिये जाने की घोषणा का स्वागत किया है. यूएन प्रमुख ने इसे सही दिशा में एक बेहद सकारात्मक क़दम क़रार दिया है. इससे पहले सोमवार को जापान ने भी इसी अवधि में नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के प्रति अपने संकल्प को साझा किया था.

एंतोनियो गुटेरेश के प्रवक्ता की ओर से जारी किये गये बयान में कहा गया है कि कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति मून जाइ-इन द्वारा की गई इस घोषणा से महासचिव बेहद उत्साहित हैं.

बुधवार को दक्षिण कोरिया ने वर्ष 2050 तक नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के लिये अपना संकल्प ज़ाहिर किया है.

“इस घोषणा के साथ दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और छठा सबसे बड़ा निर्यातक कोरिया गणराज्य उन बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बढ़ते हुए समूह में शामिल हो गया है जो 2050 तक एक टिकाऊ, कार्बन तटस्थ और जलवायु सहनशील दुनिया के निर्माण में उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेतृत्व के लिये संकल्पित हैं.”

राष्ट्रपति मून ने नेशनल असेम्बली में अपने भाषण के दौरान यह संकल्प साझा किया है जिसका उद्देश्य सक्रियता से जलवायु परिवर्तन का मुक़ाबला करना है.

यह घोषणा जुलाई महीने में 35 अरब डॉलर के नए हरित समझौते (New Green Deal) के अनुरूप है जिसका लक्ष्य कोयले में निवेश को समाप्त करना है.

वक्तव्य में कहा गया है कि महासचिव ने इसे सही दिशा में एक बेहद सकारात्मक क़दम बताया है, विशेष रूप से हरित समझौते को पेश किये जाने के बाद.

इससे दो दिन पहले ही जापान ने वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता हासिल करने के संकल्प की घोषणा की थी जिसका यूएन प्रमुख ने स्वागत किया था.

यूएन महासचिव की ओर से जारी बयान में प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा था कि जापान के प्रधानमन्त्री सूगा योशीहिदे की इस घोषणा से वह बेहद उत्साहित हैं.

उनके इस संकल्प को बेहद सकारात्मक बताते हुए उन्होंने प्रधानमन्त्री सूगा के नेतृत्व की सराहना की थी.

महत्वाकाँक्षी लक्ष्य

जापान और दक्षिण कोरिया की ओर से ये घोषणाएँ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के महासभा में उस सम्बोधन के एक महीने बाद आई हैं जिसमें चीन ने वर्ष 2060 तक कार्बन तटस्थता हासिल करने का लक्ष्य रखा है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जलवायु कार्रवाई को अपने कार्यकाल की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया है.

इस महीने अन्तरराष्ट्रीय वित्त मन्त्रियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कार्बन तटस्थता की दिशा में संकल्प लेते हुए कार्रवाई तेज़ करने की पुकार लगाई थी ताकि हानिकारक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पर क़ाबू पाया जा सके.

उन्होंने देशों से महत्वाकाँक्षी राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई योजनाओं को तैयार करने का आग्रह किया है जिसमें उत्सर्जन घटाने और जलवायु अनुकूलन कार्रवाई के लिये योजना का खाका स्पष्ट हो.

जलवायु परिवर्तन पर 2015 में हुए पेरिस समझौते के तहत यह अहम है. यूएन प्रमुख की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि अब महासचिव उन ठोस नीतिगत उपायों को देखना चाहते हैं जिन्हें दक्षिण कोरिया की ओर से पेश और लागू किया जायेगा.

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