कोविड के बाद की दुनिया के लिये बुनियादी बदलावों की ज़रूरत

ऐसे में जबकि, कोविड-19 महामारी दुनिया भर में एक सदी में सबसे गम्भीर और विनाशकारी स्वास्थ्य, सामाजिक-आर्थिक और मानवीय संकट पैदा करने पर आमादा है,  संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय परिचर्चा में इस स्थिति का लाभ वास्तविक, बुनियादी और आवश्यक बदलाव लाने के लिये एक अवसर के रूप में करने की पुकार लगाई है.

इस परिचर्चा का नाम था – सभी लोगों के लिये टिकाऊ विकास की ख़ातिर वैश्विक अर्थव्यवस्था का पुनर्जन्म. यूएन महासचिव ने इस परिचर्चा में कहा, “हमें वैश्विक एकजुटता और तालमेल की आवश्यकता है.”

#HappeningNow Rebirthing the Global #Economy to Deliver Sustainable Development – Virtual Roundtable 3 https://t.co/FTQdeCCKlP pic.twitter.com/B6x2ZgaBkK— ECA (@ECA_OFFICIAL) November 24, 2020

महासचिव ने महामारी द्वारा उत्पन्न विनाश की दर्दनाक तस्वीर पेश करते हुए बताया कि दस लाख से ज़्यादा लोगों की ज़िन्दगी इसकी भेंट चढ़ चुकगी है, 10 करोड़ से ज़्यादा लोग अत्यधिक ग़रीबी असमानता के गर्त में धकेले जा चुके हैं, भुखमरी का सामना करने वाले लोगों की संख्या दो गुना हो गई है और अकाल का ख़तरा मंडरा रहा है.
महासचिव ने कहा, “लैंगिक असमानता की खाई का दायरा बढ़ रहा है, और श्रम बाज़ार में महिलाओं की भागादारी दशकों पीछे चली गई है, जबकि ये भागीदारी समावेशी प्रगति की एक महत्वपूर्ण कुंजी है.”
“हम जलवायु कार्रवाई करने और एक टिकाऊ व ऊर्जावान अर्थव्यवस्था के लिये तात्कालिक ज़रूरत का सामना कर रहे हैं.”
और इन चिन्ताजनक चुनौतियों के बीच, विकासशील देशों को वित्तीय बर्बादी का सामना करने की स्थिति में पहुँचा दिया गया है.
सर्वजन के लिये वैक्सीन
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि महामारी से उबरने के लिये जितने बड़े आर्थिक पैकेज की दरकार है, वो वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 10 प्रतिशत के बराबर होना चाहिये. साथ ही, उन्होंने पिछले सप्ताहान्त धनी देशों के जी20 सम्मेलन में विकासशील देशों की मदद किये जाने आहवान दोहराते स्वीकार किया कि महामारी का ख़ात्मा किया जाना, सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिये.
महासचिव ने कहा, “वैक्सीन, परीक्षण और उपचार, ये सभी दुनिया भर के लोगों की भलाई के लिये होने चाहिये, सर्वजन के लिये आसानी से उपलब्ध.”
“लेकिन हम अब भी खाई देख रहे हैं – कोवैक्स सुविधा में काई, 28 अरब डॉलर की रक़म की क़िल्लत, और इस वर्ष के अन्त तक नई वैक्सीन को दुनिया भर में सर्वजन के लिये आसान उपलब्धता बनाने के लिये 4 अरब 20 करोड़ डॉलर की रक़म की कमी. ये एक ऐसी वैक्सीन होगी जिसे दुनिया भर में सर्वजन को किफ़ायती दामों पर सानी से उपलब्ध कराया जाएगा.”
, ऐसे में जबकि, कोविड-19 महामारी दुनिया भर में एक सदी में सबसे गम्भीर और विनाशकारी स्वास्थ्य, सामाजिक-आर्थिक और मानवीय संकट पैदा करने पर आमादा है,  संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय परिचर्चा में इस स्थिति का लाभ वास्तविक, बुनियादी और आवश्यक बदलाव लाने के लिये एक अवसर के रूप में करने की पुकार लगाई है.

इस परिचर्चा का नाम था – सभी लोगों के लिये टिकाऊ विकास की ख़ातिर वैश्विक अर्थव्यवस्था का पुनर्जन्म. यूएन महासचिव ने इस परिचर्चा में कहा, “हमें वैश्विक एकजुटता और तालमेल की आवश्यकता है.”

महासचिव ने महामारी द्वारा उत्पन्न विनाश की दर्दनाक तस्वीर पेश करते हुए बताया कि दस लाख से ज़्यादा लोगों की ज़िन्दगी इसकी भेंट चढ़ चुकगी है, 10 करोड़ से ज़्यादा लोग अत्यधिक ग़रीबी असमानता के गर्त में धकेले जा चुके हैं, भुखमरी का सामना करने वाले लोगों की संख्या दो गुना हो गई है और अकाल का ख़तरा मंडरा रहा है.

महासचिव ने कहा, “लैंगिक असमानता की खाई का दायरा बढ़ रहा है, और श्रम बाज़ार में महिलाओं की भागादारी दशकों पीछे चली गई है, जबकि ये भागीदारी समावेशी प्रगति की एक महत्वपूर्ण कुंजी है.”

“हम जलवायु कार्रवाई करने और एक टिकाऊ व ऊर्जावान अर्थव्यवस्था के लिये तात्कालिक ज़रूरत का सामना कर रहे हैं.”

और इन चिन्ताजनक चुनौतियों के बीच, विकासशील देशों को वित्तीय बर्बादी का सामना करने की स्थिति में पहुँचा दिया गया है.

सर्वजन के लिये वैक्सीन

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि महामारी से उबरने के लिये जितने बड़े आर्थिक पैकेज की दरकार है, वो वैश्विक अर्थव्यवस्था का लगभग 10 प्रतिशत के बराबर होना चाहिये. साथ ही, उन्होंने पिछले सप्ताहान्त धनी देशों के जी20 सम्मेलन में विकासशील देशों की मदद किये जाने आहवान दोहराते स्वीकार किया कि महामारी का ख़ात्मा किया जाना, सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिये.

महासचिव ने कहा, “वैक्सीन, परीक्षण और उपचार, ये सभी दुनिया भर के लोगों की भलाई के लिये होने चाहिये, सर्वजन के लिये आसानी से उपलब्ध.”

“लेकिन हम अब भी खाई देख रहे हैं – कोवैक्स सुविधा में काई, 28 अरब डॉलर की रक़म की क़िल्लत, और इस वर्ष के अन्त तक नई वैक्सीन को दुनिया भर में सर्वजन के लिये आसान उपलब्धता बनाने के लिये 4 अरब 20 करोड़ डॉलर की रक़म की कमी. ये एक ऐसी वैक्सीन होगी जिसे दुनिया भर में सर्वजन को किफ़ायती दामों पर सानी से उपलब्ध कराया जाएगा.”

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