कोविड-19 दौरान शिक्षा – एक लड़की की नज़र से

कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों के तहत 194 देशों में राष्ट्रव्यापी तालाबन्दी में लगभग एक अरब 60 करोड़ बच्चों का जीवन भी प्रभावित हुआ है. दुनिया भर के लगभग 90 प्रतिशत छात्र अप्रैल के शुरू से ही स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. आशंका है कि बहुत सी लड़कियाँ शायद कभी भी स्कूली कक्षाओं में वापस नहीं जा पाएँगी, क्योंकि परिवार अपने आर्थिक बोझ कम करने के लिये उन्हें बाल विवाह या बाल श्रम के गर्त में धकेल सकते हैं.

इस वीडियो में मेडागास्कर की 16 वर्षीया अंतासा कहती हैं, “लड़कियों को स्कूल नहीं भेजने का विचार, इन इलाक़ों में वास्तव में संस्कृति का हिस्सा बन गया है”.

(यह वीडियो, लड़कियों ने ख़ुद बनाकर, अपने विचार, अपने शब्दों में व्यक्ति किये हैं). , कोविड-19 महामारी का मुक़ाबला करने के प्रयासों के तहत 194 देशों में राष्ट्रव्यापी तालाबन्दी में लगभग एक अरब 60 करोड़ बच्चों का जीवन भी प्रभावित हुआ है. दुनिया भर के लगभग 90 प्रतिशत छात्र अप्रैल के शुरू से ही स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. आशंका है कि बहुत सी लड़कियाँ शायद कभी भी स्कूली कक्षाओं में वापस नहीं जा पाएँगी, क्योंकि परिवार अपने आर्थिक बोझ कम करने के लिये उन्हें बाल विवाह या बाल श्रम के गर्त में धकेल सकते हैं.

इस वीडियो में मेडागास्कर की 16 वर्षीया अंतासा कहती हैं, “लड़कियों को स्कूल नहीं भेजने का विचार, इन इलाक़ों में वास्तव में संस्कृति का हिस्सा बन गया है”.

(यह वीडियो, लड़कियों ने ख़ुद बनाकर, अपने विचार, अपने शब्दों में व्यक्ति किये हैं).

,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *