कोविड-19: नए मामलों की संख्या में गिरावट ‘उत्साहजनक ख़बर’ 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि हाल के दिनों में कोविड-19 के संक्रमणों में गिरावट आई है जिससे झलकता है कि नए प्रकार के वायरस के फैलाव के बावजूद इस पर क़ाबू पाया जा सकता है. लेकिन यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने चेतावनी भी जारी की है कि यह समय ढिलाई बरते जाने का नहीं है. पिछले वर्ष क़रीब सभी देशों में संक्रमण के मामलों में कमी आई थी लेकिन फिर स्वास्थ्य उपायों के कमज़ोर पड़ते ही वायरस को फिर से पनपने को मौक़ा मिल गया. 

कोरोनावायरस के कारण दुनिया भर में अब तक संक्रमण के 10 करोड़ 25 लाख से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 22 लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.  
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने बताया कि पिछला हफ़्ता लगातार तीसरा ऐसा सप्ताह था जब दुनिया भर में कोविड-19 के मामलों में गिरावट आई है. अब भी बहुत से देश ऐसे हैं जहाँ संक्रमण बढ़ रहे हैं लेकिन वैश्विक स्तर पर यह उत्साहजनक ख़बर है. 
“यह दर्शाता है कि वायरस पर नियन्त्रण किया जा सकता है, नए रूप के फैलने के बावजूद भी,”
“और यह दिखाता है कि अगर हम कारगर साबित हो चुके बुनियादी स्वास्थ्य उपायों के साथ आगे बढ़ना जारी रखें, तो संक्रमणों की रोकथाम कर सकते हैं और ज़िन्दगियाँ बचा सकते हैं.”
लेकिन उन्होंने आगाह किया कि पिछले वर्ष भी ऐसे लम्हे सामने आए जब मामलों की संख्या में कमी दर्ज की गई, लेकिन फिर सरकारों और व्यक्तियों ने जल्दबाज़ी दिखाते हुए सावधानी बरतना छोड़ दिया.
इससे वायरस को फिर तेज़ी से पनपने और फैलने का मौक़ा मिल गया, “टीकाकरण के आगे बढ़ने के साथ-साथ यह अहम है कि हम सभी ख़ुद को और एक दूसरे को सुरक्षित रखने के लिये सभी सावधानी बरतते रहें.”
महानिदेशक घेबरेयेसस ने सरकारों से आग्रह किया है कि सही फ़ैसले लेने के लिये लोगों को सक्षम बनाया जाना चाहिये, फिर चाहे यह एकान्तवास प्रक्रिया को आसान बनाना हो या फिर कार्यस्थलों को सुरक्षित.
उन्होंने कहा कि वायरस के फैलाव पर क़ाबू पाने से अभी, और बाद में भी ज़िन्दगियों की रक्षा की जा सकती है, चूँकि वायरस के नए प्रकारों के उभरने का ख़तरा कम होता है. 
इससे मौजूदा वैक्सीनों के असरदार बने रहने को भी सुनिश्चित किया जा सकता है.

Novavax/Elliott O’Donovanनोवावैक्स की वैक्सीन के परीक्षणों में 90 फ़ीसदी असरदार होने की बात कही गई है.

स्वास्थ्य आँकड़ों की अहमियत
महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा कि कोविड-19 महामारी की पृष्ठभूमि में उच्च गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य आँकड़ों की माँग अभूतपूर्व ढँग से बढ़ी है. 
“सामयिक, विश्वसनीय और कार्रवाई-योग्य डेटा सरकारों व स्वास्थ्य प्रदाताओं के लिये अहम है ताकि स्वास्थ्य रक्षा और उसे बढ़ावा देने में सर्वश्रेष्ठ निर्णय लिये जा सकें.”
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों को मज़बूत बनाना यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के कामकाज का अहम हिस्सा है. इसके ज़रिये महामारी के फैलाव की जल्द जानकारी हासिल करने और जवाबी कार्रवाई करने में मदद मिलती है.
इस क्रम में यूएन एजेंसी ने सोमवार को ‘SCORE’ (Survey, Count, Optimize, Review and Enable) नामक एक रिपोर्ट पेश की है जोकि स्वास्थ्य डेटा प्रणालियों और क्षमता पर आधारित है, और दुनिया भर में ऐसी स्वास्थ्य प्रणालियों की एक बानगी है.
133 देशों, या दुनिया की लगभग 87 फ़ीसदी आबादी को स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों के बारे में जानकारी देने वाली यह अपनी तरह की पहली रिपोर्ट है.
रिपोर्ट दर्शाती है कि दुनिया भर में हर 10 में चार मौतों का पंजीकरण नहीं हो पाता है. इसके मद्देनज़र स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों को मज़बूत बनाने के लिये निवेश की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है. 
इससे कोविड-19 से टिकाऊ पुनर्बहाली के साथ-साथ, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और टिकाऊ विकास लक्ष्यों की ओर बढ़ने में मदद मिल सकेगी. , विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि हाल के दिनों में कोविड-19 के संक्रमणों में गिरावट आई है जिससे झलकता है कि नए प्रकार के वायरस के फैलाव के बावजूद इस पर क़ाबू पाया जा सकता है. लेकिन यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने चेतावनी भी जारी की है कि यह समय ढिलाई बरते जाने का नहीं है. पिछले वर्ष क़रीब सभी देशों में संक्रमण के मामलों में कमी आई थी लेकिन फिर स्वास्थ्य उपायों के कमज़ोर पड़ते ही वायरस को फिर से पनपने को मौक़ा मिल गया. 

कोरोनावायरस के कारण दुनिया भर में अब तक संक्रमण के 10 करोड़ 25 लाख से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 22 लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.  

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने बताया कि पिछला हफ़्ता लगातार तीसरा ऐसा सप्ताह था जब दुनिया भर में कोविड-19 के मामलों में गिरावट आई है. अब भी बहुत से देश ऐसे हैं जहाँ संक्रमण बढ़ रहे हैं लेकिन वैश्विक स्तर पर यह उत्साहजनक ख़बर है. 

“यह दर्शाता है कि वायरस पर नियन्त्रण किया जा सकता है, नए रूप के फैलने के बावजूद भी,”

“और यह दिखाता है कि अगर हम कारगर साबित हो चुके बुनियादी स्वास्थ्य उपायों के साथ आगे बढ़ना जारी रखें, तो संक्रमणों की रोकथाम कर सकते हैं और ज़िन्दगियाँ बचा सकते हैं.”

लेकिन उन्होंने आगाह किया कि पिछले वर्ष भी ऐसे लम्हे सामने आए जब मामलों की संख्या में कमी दर्ज की गई, लेकिन फिर सरकारों और व्यक्तियों ने जल्दबाज़ी दिखाते हुए सावधानी बरतना छोड़ दिया.

इससे वायरस को फिर तेज़ी से पनपने और फैलने का मौक़ा मिल गया, “टीकाकरण के आगे बढ़ने के साथ-साथ यह अहम है कि हम सभी ख़ुद को और एक दूसरे को सुरक्षित रखने के लिये सभी सावधानी बरतते रहें.”

महानिदेशक घेबरेयेसस ने सरकारों से आग्रह किया है कि सही फ़ैसले लेने के लिये लोगों को सक्षम बनाया जाना चाहिये, फिर चाहे यह एकान्तवास प्रक्रिया को आसान बनाना हो या फिर कार्यस्थलों को सुरक्षित.

उन्होंने कहा कि वायरस के फैलाव पर क़ाबू पाने से अभी, और बाद में भी ज़िन्दगियों की रक्षा की जा सकती है, चूँकि वायरस के नए प्रकारों के उभरने का ख़तरा कम होता है. 

इससे मौजूदा वैक्सीनों के असरदार बने रहने को भी सुनिश्चित किया जा सकता है.


Novavax/Elliott O’Donovan
नोवावैक्स की वैक्सीन के परीक्षणों में 90 फ़ीसदी असरदार होने की बात कही गई है.

स्वास्थ्य आँकड़ों की अहमियत

महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा कि कोविड-19 महामारी की पृष्ठभूमि में उच्च गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य आँकड़ों की माँग अभूतपूर्व ढँग से बढ़ी है. 

“सामयिक, विश्वसनीय और कार्रवाई-योग्य डेटा सरकारों व स्वास्थ्य प्रदाताओं के लिये अहम है ताकि स्वास्थ्य रक्षा और उसे बढ़ावा देने में सर्वश्रेष्ठ निर्णय लिये जा सकें.”

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों को मज़बूत बनाना यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के कामकाज का अहम हिस्सा है. इसके ज़रिये महामारी के फैलाव की जल्द जानकारी हासिल करने और जवाबी कार्रवाई करने में मदद मिलती है.

इस क्रम में यूएन एजेंसी ने सोमवार को ‘SCORE’ (Survey, Count, Optimize, Review and Enable) नामक एक रिपोर्ट पेश की है जोकि स्वास्थ्य डेटा प्रणालियों और क्षमता पर आधारित है, और दुनिया भर में ऐसी स्वास्थ्य प्रणालियों की एक बानगी है.

133 देशों, या दुनिया की लगभग 87 फ़ीसदी आबादी को स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों के बारे में जानकारी देने वाली यह अपनी तरह की पहली रिपोर्ट है.

रिपोर्ट दर्शाती है कि दुनिया भर में हर 10 में चार मौतों का पंजीकरण नहीं हो पाता है. इसके मद्देनज़र स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों को मज़बूत बनाने के लिये निवेश की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है. 

इससे कोविड-19 से टिकाऊ पुनर्बहाली के साथ-साथ, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और टिकाऊ विकास लक्ष्यों की ओर बढ़ने में मदद मिल सकेगी. 

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