कोविड-19 ने उजागर की सामाजिक विषमता, कोवैक्स के तहत साढ़े तीन करोड़ ख़ुराकें वितरित

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौक़े पर अपने सन्देश में कहा है कि कोविड-19 स्वास्थ्य संकट ने, उजागर कर दिया है कि हमारे समाजों में कितनी विषमताएँ व्याप्त हैं.

विश्व स्वास्थ्य दिवस, हर वर्ष, 7 अप्रैल को मनाया जाता है. 

We call on #COVID19 vaccine manufacturers to:-share know-how to scale up manufacturing-dramatically increase the global supply of vaccines for the coming years-prioritize supplying to COVAX over new bilateral dealsJoin the call for #VaccinEquity:👉 https://t.co/A5OzBgY9oi pic.twitter.com/rRRw8vmUyw— World Health Organization (WHO) (@WHO) April 5, 2021

यूएन महासचिव ने सोमवार को जारी अपने सन्देश में, महामारी के दौरान नज़र आईं अनेक तरह की विषमताओं व अन्यायों को रेखांकित करते हुए कहा कि अभी तक, इस महामारी की वैक्सीनों का जो टीकाकरण हुआ है, उसके तहत, कुछ गिने-चुने धनी देशों में ही लोगों को वैक्सीन मिली हैं, या फिर ऐसे देशों में, जहाँ, इस वैक्सीन के वितरण के लिये इनका उत्पादन किया जा रहा है.
एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “कोविड-19 से बीमार होने या मौतें होने के मामले उन देशों में ज़्यादा हुए हैं, जहाँ निर्धनता ज़्यादा है, रहन-सहन और कामकाज के वंचित हालात हैं, भेदभाव व सामाजिक बहिष्करण ज़्यादा है.”
बहुत से देश प्रतीक्षा करने के लिये विवश
यूएन प्रमुख ने कहा कि वोवैक्स कार्यक्रम की बदौलत अब ज़्यादा देशों को कोविड-19 वैक्सीन की ख़ुराकें मिल पा रही हैं, मगर कम व मध्यम आय वाले देशों में ज़्यादातर लोग, अब भी मूक दर्शक बनकर प्रतीक्षा करने के लिये विवश हैं.
यूएन प्रमुख ने कहा, “इस तरह की विषमताएँ अनैतिक हें, और वो हमारे स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्थाओं और समाजों के लिये बेहद ख़तरनाक हैं.”
कोवैक्स कार्यक्रम, संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में चलाया जा रहा एक ऐसा अन्तरराष्ट्रीय प्रयास है जिसका मक़सद, दुनिया के सभी देशों में समान रूप से वैक्सीन उपलब्ध कराना है.
86 देशों में पहुँचाई वैक्सीन
संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने, सोमवार को यूएन मुख्यालय में, प्रेस वार्ता में कहा कि कोवैक्स कार्यक्रम के तहत, अभी तक, 86 देशों में पहुँचाई गईं वैक्सीन ख़ुराकें, 3 करोड़ 60 लाख लोगों को दी जा चुकी हैं. 
उन्होंने बताया कि देशों को वैक्सीन ख़ुराकें उपलब्ध कराने के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, सप्ताहान्त के दौरान, अल्जीरिया को 36 हज़ार ख़ुराकें पहुँचाई गई हैं.
अल्जीरिया में संयुक्त राष्ट्र के रैज़िडैंट कोऑर्डिनेटर (आरसी) एरिक ओवरवेस्ट ने कहा कि इन वैक्सीन ख़ुराकों की उपलब्धता से ये सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि किसी को भी पीछे ना छूटने दिया जाए.
उन्होंने कहा, “ज़मीनी स्थितों में मौजूद हमारी टीमों ने, स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने , वैक्सीनों के बारे में लोगों की सम्वेदनशीलता बढ़ाने मदद की है,  और शीतलन श्रंखला को सहारा दिया है.”
यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने पत्रकारों को बताया कि उधर लाओस में, चार हज़ार से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन दी गई है जिनमें अग्रिम मोर्चों पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं.
इन लोगों को कोवैक्स कार्यक्रम के तहत मुहैया कराई गई वैक्सीन के टीके लगाए गए हैं.
लाओस में यूएन रैज़िडैंट कोऑर्डिनेटर (आरसी) सारा सेक्केनेस टॉलेफ़्सेन के नेतृत्व में, यूएन टीमें, देश के टीकाकरण अभियान में मदद कर रही हैं, जो शुक्रवार को शुरू हुआ है.
13 करोड़ मामले
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ख़बर दी है कि 5 अप्रैल तक, दुनिया भर में, कोविड-19 के संक्रमण के मामले 13 करोड़, 10 लाख से भी ज़्यादा हो गए हैं.
साढ़े 28 लाख से ज़्यादा लोगों की मौत भी हुई है.
31 मार्च तक, दुनिया भर में, कोविड-19 वैक्सीन की 54 करोड़, 77 लाख, 27 हज़ार 366 ख़ुराकें दी जा चुकी थीं.
सर्वसुलभ वैक्सीन
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरश ने कहा है, “कोविड-19 महामारी से उबरने के प्रयासों में, हमें, नीति क्रियान्वयन और संसाधन आबण्टन इस तरह से करने होंगे ताकि सभी लोगों को एक समान स्वास्थ्य लाभ मिल सकें.”
उन्होंने कहा कि ऐसा करने से टिकाऊ विकास लक्ष्य, 2030 तक हासिल करने में मदद मिलेगी, और इसका ये मतलब भी है कि ‘यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज’ (यूएससी) के तहत सभी को स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराना भी शामिल है, ताकि हर एक इनसान, हर जगह, स्वस्थ व प्रसन्न रहकर अपना जीवन जी सके., संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौक़े पर अपने सन्देश में कहा है कि कोविड-19 स्वास्थ्य संकट ने, उजागर कर दिया है कि हमारे समाजों में कितनी विषमताएँ व्याप्त हैं.

विश्व स्वास्थ्य दिवस, हर वर्ष, 7 अप्रैल को मनाया जाता है. 

यूएन महासचिव ने सोमवार को जारी अपने सन्देश में, महामारी के दौरान नज़र आईं अनेक तरह की विषमताओं व अन्यायों को रेखांकित करते हुए कहा कि अभी तक, इस महामारी की वैक्सीनों का जो टीकाकरण हुआ है, उसके तहत, कुछ गिने-चुने धनी देशों में ही लोगों को वैक्सीन मिली हैं, या फिर ऐसे देशों में, जहाँ, इस वैक्सीन के वितरण के लिये इनका उत्पादन किया जा रहा है.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “कोविड-19 से बीमार होने या मौतें होने के मामले उन देशों में ज़्यादा हुए हैं, जहाँ निर्धनता ज़्यादा है, रहन-सहन और कामकाज के वंचित हालात हैं, भेदभाव व सामाजिक बहिष्करण ज़्यादा है.”

बहुत से देश प्रतीक्षा करने के लिये विवश

यूएन प्रमुख ने कहा कि वोवैक्स कार्यक्रम की बदौलत अब ज़्यादा देशों को कोविड-19 वैक्सीन की ख़ुराकें मिल पा रही हैं, मगर कम व मध्यम आय वाले देशों में ज़्यादातर लोग, अब भी मूक दर्शक बनकर प्रतीक्षा करने के लिये विवश हैं.

यूएन प्रमुख ने कहा, “इस तरह की विषमताएँ अनैतिक हें, और वो हमारे स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्थाओं और समाजों के लिये बेहद ख़तरनाक हैं.”

कोवैक्स कार्यक्रम, संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में चलाया जा रहा एक ऐसा अन्तरराष्ट्रीय प्रयास है जिसका मक़सद, दुनिया के सभी देशों में समान रूप से वैक्सीन उपलब्ध कराना है.

86 देशों में पहुँचाई वैक्सीन

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने, सोमवार को यूएन मुख्यालय में, प्रेस वार्ता में कहा कि कोवैक्स कार्यक्रम के तहत, अभी तक, 86 देशों में पहुँचाई गईं वैक्सीन ख़ुराकें, 3 करोड़ 60 लाख लोगों को दी जा चुकी हैं. 

उन्होंने बताया कि देशों को वैक्सीन ख़ुराकें उपलब्ध कराने के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, सप्ताहान्त के दौरान, अल्जीरिया को 36 हज़ार ख़ुराकें पहुँचाई गई हैं.

अल्जीरिया में संयुक्त राष्ट्र के रैज़िडैंट कोऑर्डिनेटर (आरसी) एरिक ओवरवेस्ट ने कहा कि इन वैक्सीन ख़ुराकों की उपलब्धता से ये सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि किसी को भी पीछे ना छूटने दिया जाए.

उन्होंने कहा, “ज़मीनी स्थितों में मौजूद हमारी टीमों ने, स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने , वैक्सीनों के बारे में लोगों की सम्वेदनशीलता बढ़ाने मदद की है,  और शीतलन श्रंखला को सहारा दिया है.”

यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने पत्रकारों को बताया कि उधर लाओस में, चार हज़ार से ज़्यादा लोगों को वैक्सीन दी गई है जिनमें अग्रिम मोर्चों पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं.

इन लोगों को कोवैक्स कार्यक्रम के तहत मुहैया कराई गई वैक्सीन के टीके लगाए गए हैं.

लाओस में यूएन रैज़िडैंट कोऑर्डिनेटर (आरसी) सारा सेक्केनेस टॉलेफ़्सेन के नेतृत्व में, यूएन टीमें, देश के टीकाकरण अभियान में मदद कर रही हैं, जो शुक्रवार को शुरू हुआ है.

13 करोड़ मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ख़बर दी है कि 5 अप्रैल तक, दुनिया भर में, कोविड-19 के संक्रमण के मामले 13 करोड़, 10 लाख से भी ज़्यादा हो गए हैं.

साढ़े 28 लाख से ज़्यादा लोगों की मौत भी हुई है.

31 मार्च तक, दुनिया भर में, कोविड-19 वैक्सीन की 54 करोड़, 77 लाख, 27 हज़ार 366 ख़ुराकें दी जा चुकी थीं.

सर्वसुलभ वैक्सीन

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरश ने कहा है, “कोविड-19 महामारी से उबरने के प्रयासों में, हमें, नीति क्रियान्वयन और संसाधन आबण्टन इस तरह से करने होंगे ताकि सभी लोगों को एक समान स्वास्थ्य लाभ मिल सकें.”

उन्होंने कहा कि ऐसा करने से टिकाऊ विकास लक्ष्य, 2030 तक हासिल करने में मदद मिलेगी, और इसका ये मतलब भी है कि ‘यूनिवर्सल हैल्थ कवरेज’ (यूएससी) के तहत सभी को स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया कराना भी शामिल है, ताकि हर एक इनसान, हर जगह, स्वस्थ व प्रसन्न रहकर अपना जीवन जी सके.

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