कोविड-19: प्रभावित देशों को सैकड़ों मीट्रिक टन चिकित्सा सामग्री की सहायता

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में आए तेज़ उछाल के मद्देनज़र 340 मीट्रिक टन ज़रूरी चिकित्सा सामग्री और दवाएँ प्रदान की हैं. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रभावित देशों को जवाबी कार्रवाई में हरसम्भव सहायता सुनिश्चित करते हुए मौजूदा ज़रूरतों का पूरा करने के लिये संगठित प्रयासों में जुटी है.  

It is normal for a person 👩🏽👨🏽 to experience mild to moderate side effects after getting #vaccinated against #COVID19. pic.twitter.com/Poj1CDW4q2— WHO South-East Asia (@WHOSEARO) May 21, 2021

भारत, नेपाल, और श्रीलंका सहित अन्य देश संक्रमण की तेज़ लहर की चपेट में हैं. भारत में पिछले 24 घण्टों में दो लाख 40 हज़ार मामलों की पुष्टि हुई है और तीन हज़ार 700 से अधिक लोगों की मौत हुई है.
नेपाल में संयुक्त राष्ट्र टीम के मुताबिक, कुछ ही हफ़्तों में संक्रमण की संख्या एक दिन में 150 से बढ़कर प्रतिदिन आठ हज़ार का आँकड़ा पार कर गई है.
स्वास्थ्य संगठन में क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह ने बताया, “हज़ारों ऑक्सीजन कॉण्सनट्रेटर्स, टैस्टिंग किटें, अस्पतालों में बिस्तर, टैण्ट और निजी बचाव उपकरणों सहित अन्य महत्वपूर्ण आपूर्ति की खेप को देशों के लिये रवाना किया गया है.”
ये सामग्री तेज़ी से उन इलाक़ों में भेजी जा रही है जहाँ इनकी सबसे अधिक आवश्यकता है.
भारत में हाल के हफ़्तों में बड़ी संख्या में संक्रमण के मामले सामने आए हैं. इसके मद्देनज़र, मेडिकल सामान की खेप पहुँचने के कुछ ही दिनों के भीतर, देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवश्यक सामग्री को रवाना किया गया है.
यूएन एजेंसी की वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले सप्ताह चार हज़ार ऑक्सीजन कॉण्सनट्रेटर्स, 120 से ज़्यादा टैण्ट, सचल मेडिकल अस्पतालों के लिये 400 बिस्तर, 12 लाख मास्क और नमूने एकत्र करने के लिये साढ़े छह लाख किटों को दिल्ली भेज गया है.
उन्होंने कहा कि जीवनरक्षक दवाओं और मेडिकल सामग्री का त्वरित गति से वितरण, मौजूदा आपात हालात में जवाबी कार्रवाई के नज़रिये से बेहद अहम है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन, देशों के साथ मिलकर, संयुक्त रूप से मौजूदा आवश्यकताओं और कमियों की समीक्षा करने में जुटा है. आने वाले हफ़्तों में, नेपाल, भूटान, मालदीव और श्रीलंका में भी चिकित्सा सामग्री की खेप को रवाना किया जाएगा.
क्षेत्रीय निदेशक के मुताबिक वैश्विक महामारी पर जवाबी कार्रवाई को मज़बूती प्रदान करने के लिये सामूहिक प्रयासों की ज़रूरत है.
“विश्व स्वास्थ्य संगठन क्षेत्र में सभी देशों के साथ मिलकर काम करने और मौजूदा उभार से निपटने व उसके बाद के लिये भी उन्हें समर्थन देने के लिये संकल्पित है.”
साझीदार संगठनों और दानदाताओं के समर्थन से अब तक प्रभावित देशों को डेढ़ करोड़ डॉलर की मदद प्रदान की जा चुकी है., विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में आए तेज़ उछाल के मद्देनज़र 340 मीट्रिक टन ज़रूरी चिकित्सा सामग्री और दवाएँ प्रदान की हैं. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रभावित देशों को जवाबी कार्रवाई में हरसम्भव सहायता सुनिश्चित करते हुए मौजूदा ज़रूरतों का पूरा करने के लिये संगठित प्रयासों में जुटी है.  

It is normal for a person 👩🏽👨🏽 to experience mild to moderate side effects after getting #vaccinated against #COVID19. pic.twitter.com/Poj1CDW4q2

— WHO South-East Asia (@WHOSEARO) May 21, 2021

भारत, नेपाल, और श्रीलंका सहित अन्य देश संक्रमण की तेज़ लहर की चपेट में हैं. भारत में पिछले 24 घण्टों में दो लाख 40 हज़ार मामलों की पुष्टि हुई है और तीन हज़ार 700 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

नेपाल में संयुक्त राष्ट्र टीम के मुताबिक, कुछ ही हफ़्तों में संक्रमण की संख्या एक दिन में 150 से बढ़कर प्रतिदिन आठ हज़ार का आँकड़ा पार कर गई है.

स्वास्थ्य संगठन में क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर पूनम खेत्रपाल सिंह ने बताया, “हज़ारों ऑक्सीजन कॉण्सनट्रेटर्स, टैस्टिंग किटें, अस्पतालों में बिस्तर, टैण्ट और निजी बचाव उपकरणों सहित अन्य महत्वपूर्ण आपूर्ति की खेप को देशों के लिये रवाना किया गया है.”

ये सामग्री तेज़ी से उन इलाक़ों में भेजी जा रही है जहाँ इनकी सबसे अधिक आवश्यकता है.

भारत में हाल के हफ़्तों में बड़ी संख्या में संक्रमण के मामले सामने आए हैं. इसके मद्देनज़र, मेडिकल सामान की खेप पहुँचने के कुछ ही दिनों के भीतर, देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवश्यक सामग्री को रवाना किया गया है.

यूएन एजेंसी की वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले सप्ताह चार हज़ार ऑक्सीजन कॉण्सनट्रेटर्स, 120 से ज़्यादा टैण्ट, सचल मेडिकल अस्पतालों के लिये 400 बिस्तर, 12 लाख मास्क और नमूने एकत्र करने के लिये साढ़े छह लाख किटों को दिल्ली भेज गया है.

उन्होंने कहा कि जीवनरक्षक दवाओं और मेडिकल सामग्री का त्वरित गति से वितरण, मौजूदा आपात हालात में जवाबी कार्रवाई के नज़रिये से बेहद अहम है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन, देशों के साथ मिलकर, संयुक्त रूप से मौजूदा आवश्यकताओं और कमियों की समीक्षा करने में जुटा है. आने वाले हफ़्तों में, नेपाल, भूटान, मालदीव और श्रीलंका में भी चिकित्सा सामग्री की खेप को रवाना किया जाएगा.

क्षेत्रीय निदेशक के मुताबिक वैश्विक महामारी पर जवाबी कार्रवाई को मज़बूती प्रदान करने के लिये सामूहिक प्रयासों की ज़रूरत है.

“विश्व स्वास्थ्य संगठन क्षेत्र में सभी देशों के साथ मिलकर काम करने और मौजूदा उभार से निपटने व उसके बाद के लिये भी उन्हें समर्थन देने के लिये संकल्पित है.”

साझीदार संगठनों और दानदाताओं के समर्थन से अब तक प्रभावित देशों को डेढ़ करोड़ डॉलर की मदद प्रदान की जा चुकी है.

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