कोविड-19: बचाव उपायों के कारगर पालन का अभाव, वायरस के लिये फैलने का मौक़ा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के 18 महीने बीत जाने के बावजूद, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों का असरदार ढँग से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

Media briefing on #COVID19 with @DrTedros https://t.co/YYi9KmpVua— World Health Organization (WHO) (@WHO) June 18, 2021

टीकाकरण में विषमता बरक़रार है और सामाजिक तौर पर घुलना-मिलना फिर से बढ़ रहा है, जिससे वायरस को फिर से अपना रूप बदलने, फैलने और लोगों की जान लेने का मौक़ा मिल रहा है.  
विश्व भर में, कोविड-19 महामारी से अब तक 17 करोड़ 69 लाख लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है और 38 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने शुक्रवार को जिनीवा में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि न्यायसंगत ढँग से वैक्सीनों को साझा ना किये जाने की वजह से, महामारी अब दो अलग-अलग रास्तों पर चल रही है.  
उन्होंने क्षोभ ज़ाहिर करते हुए कहा कि इसकी आँच अब विश्व के सबसे निर्धन और निर्बल समुदायों को महसूस हो रही है.
“हर क्षेत्र में अब ऐसे देश हैं जो अब संक्रमण और मृतक संख्या में तेज़ वृद्धि का सामना कर रहे हैं.”
लातिन अमेरिका के अनेक देशों में संक्रमण के मामलों मे त्वरित गति से बढ़ोत्तरी हो रही है, जबकि अन्य देशों में ये मामले एक ऊँचे स्तर पर पहुँच कर ठहर गए हैं.  
“अफ़्रीका में पिछले एक हफ़्ते में मामले 52 फ़ीसदी बढ़े हैं, और मौतों में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. और हमें हालात के और ज़्यादा ख़राब होने की आशंका है.”
महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा कि अफ़्रीका की कुल आबादी का महज़ एक फ़ीसदी का ही टीकाकरण हुआ है.
इन हालात में अगले वर्ष दान की जाने वाली वैक्सीन, उन लोगों के लिये बहुत देरे में पहुंचेगी, जिनकी मौत आज हो रही है, जो आज संक्रमित हो रहे हैं, और जिन्हें आज संक्रमण का जोखिम है.
टीकाकरण प्रयासों में तेज़ी की दरकार
यूएन एजेंसी के महानिदेशक ने बताया कि उनका लक्ष्य, इस वर्ष सितम्बर तक हर देश की लगभग 10 फ़ीसदी आबादी, वर्ष के अन्त तक 40 प्रतिशत और अगले साल के मध्य तक 70 प्रतिशत आबादी के टीकाकरण का लक्ष्य है.
संगठन के मुताबिक वैश्विक महामारी का अन्त करने के लिये इन अहम पड़ावों पर पहुँचना ज़रूरी होगा.  
धनी और मध्य आय वाले आधे से अधिक देशों और अर्थव्यवस्थाओं ने कुल आबादी के कम से कम 20 फ़ीसदी हिस्से का पूर्ण रूप से टीकाकरण कर दिया है.  
निम्न- और निम्नतर-मध्य आय वाले 79 देशों में से महज़ तीन ही टीकाकरण के इस स्तर तक पहुँच पाए हैं.  
महानिदेशक घेबरेयेसस ने जी-7 समूह, अमेरिका सहित अन्य देशों द्वारा वैक्सीन दान किये जाने की सराहना की है. अमेरिका ने जून और जुलाई में वैक्सीन की ख़ुराकों को साझा किये जाने की प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है.
इस पृष्ठभूमि में, यूएन एजेंसी प्रमुख ने अन्य देशों से भी इसका अनुसरण करने और ज़िन्दगियों की रक्षा करने के लिये वैक्सीन दान किये जाने का आहवान किया है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया है कि स्वास्थ्य प्रणालियों को पुख़्ता बनाने और टीकाकरण योजनाओं में देशों को सहायता व समर्थन जारी रहेगा.
मगर, इसके समानान्तर, देशों व कम्पनियों से टीकों का उत्पादन बढ़ाने और विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये और ज़्यादा ख़ुराकें साझा किये जाने का आग्रह किया गया है., विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के 18 महीने बीत जाने के बावजूद, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों का असरदार ढँग से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

Media briefing on #COVID19 with @DrTedros https://t.co/YYi9KmpVua

— World Health Organization (WHO) (@WHO) June 18, 2021

टीकाकरण में विषमता बरक़रार है और सामाजिक तौर पर घुलना-मिलना फिर से बढ़ रहा है, जिससे वायरस को फिर से अपना रूप बदलने, फैलने और लोगों की जान लेने का मौक़ा मिल रहा है.  

विश्व भर में, कोविड-19 महामारी से अब तक 17 करोड़ 69 लाख लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है और 38 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने शुक्रवार को जिनीवा में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि न्यायसंगत ढँग से वैक्सीनों को साझा ना किये जाने की वजह से, महामारी अब दो अलग-अलग रास्तों पर चल रही है.  

उन्होंने क्षोभ ज़ाहिर करते हुए कहा कि इसकी आँच अब विश्व के सबसे निर्धन और निर्बल समुदायों को महसूस हो रही है.

“हर क्षेत्र में अब ऐसे देश हैं जो अब संक्रमण और मृतक संख्या में तेज़ वृद्धि का सामना कर रहे हैं.”

लातिन अमेरिका के अनेक देशों में संक्रमण के मामलों मे त्वरित गति से बढ़ोत्तरी हो रही है, जबकि अन्य देशों में ये मामले एक ऊँचे स्तर पर पहुँच कर ठहर गए हैं.  

“अफ़्रीका में पिछले एक हफ़्ते में मामले 52 फ़ीसदी बढ़े हैं, और मौतों में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. और हमें हालात के और ज़्यादा ख़राब होने की आशंका है.”

महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा कि अफ़्रीका की कुल आबादी का महज़ एक फ़ीसदी का ही टीकाकरण हुआ है.

इन हालात में अगले वर्ष दान की जाने वाली वैक्सीन, उन लोगों के लिये बहुत देरे में पहुंचेगी, जिनकी मौत आज हो रही है, जो आज संक्रमित हो रहे हैं, और जिन्हें आज संक्रमण का जोखिम है.

टीकाकरण प्रयासों में तेज़ी की दरकार

यूएन एजेंसी के महानिदेशक ने बताया कि उनका लक्ष्य, इस वर्ष सितम्बर तक हर देश की लगभग 10 फ़ीसदी आबादी, वर्ष के अन्त तक 40 प्रतिशत और अगले साल के मध्य तक 70 प्रतिशत आबादी के टीकाकरण का लक्ष्य है.

संगठन के मुताबिक वैश्विक महामारी का अन्त करने के लिये इन अहम पड़ावों पर पहुँचना ज़रूरी होगा.  

धनी और मध्य आय वाले आधे से अधिक देशों और अर्थव्यवस्थाओं ने कुल आबादी के कम से कम 20 फ़ीसदी हिस्से का पूर्ण रूप से टीकाकरण कर दिया है.  

निम्न- और निम्नतर-मध्य आय वाले 79 देशों में से महज़ तीन ही टीकाकरण के इस स्तर तक पहुँच पाए हैं.  

महानिदेशक घेबरेयेसस ने जी-7 समूह, अमेरिका सहित अन्य देशों द्वारा वैक्सीन दान किये जाने की सराहना की है. अमेरिका ने जून और जुलाई में वैक्सीन की ख़ुराकों को साझा किये जाने की प्रतिबद्धता ज़ाहिर की है.

इस पृष्ठभूमि में, यूएन एजेंसी प्रमुख ने अन्य देशों से भी इसका अनुसरण करने और ज़िन्दगियों की रक्षा करने के लिये वैक्सीन दान किये जाने का आहवान किया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया है कि स्वास्थ्य प्रणालियों को पुख़्ता बनाने और टीकाकरण योजनाओं में देशों को सहायता व समर्थन जारी रहेगा.

मगर, इसके समानान्तर, देशों व कम्पनियों से टीकों का उत्पादन बढ़ाने और विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये और ज़्यादा ख़ुराकें साझा किये जाने का आग्रह किया गया है.

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