कोविड-19: भारत में फैल रहे कोरोनावायरस का वेरिएंट ‘चिन्ताजनक’

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि शुरुआती अध्ययन दर्शाते हैं कि भारत में मिले कोरोनावायरस का नया प्रकार (B.1.167)  ज़्यादा तेज़ी से फैलता है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने कोरोनावायरस के इस वेरिएंट के वर्गीकरण में बदलाव करते हुए अब इसे चिन्ताजनक (Variant of concern) क़रार दिया है.

इससे पहले स्वास्थ्य संगठन ने वायरस के इस रूप को ‘Variant of interest’ की श्रेणी में रखा था, जिसके तहत इसके फैलाव की निगरानी की जा रही थी.

Media briefing on #COVID19 with @DrTedros https://t.co/6SISISeZOT— World Health Organization (WHO) (@WHO) May 10, 2021

कोविड-19 पर यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की विशेषज्ञ डॉक्टर मारिया वान कर्कहोवे ने सोमवार को जिनीवा में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए, इस वर्गीकरण में किये गए बदलाव के बारे में जानकारी दी.
 उन्होंने कहा कि वायरस के इस रूप को सबसे पहले भारत में देखा गया था, और अब तक उपलब्ध जानकारी बताती है कि वायरस के फैलाव की रफ़्तार ज़्यादा है.
भारत, पिछले कई हफ़्तों से संक्रमण की तेज़ लहर की चपेट में है.
देश में पिछले 24 घण्टों में तीन लाख 29हज़ार मामले दर्ज किये जा चुके हैं और तीन हज़ार 800 से अधिक लोगों की मौत हुई है.
डॉक्टर मारिया वान कर्कहोवे के मुताबिक अभी ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है जो बताती हों कि रोग निदान, उपचार या वैक्सीन इस वेरिएंट पर बेअसर हैं.
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरस के इस नए प्रकार के सम्बन्ध में अभी और जानकारी जुटाये जाने की आवश्यकता है, विशेष रूप से उसकी वंशावली के बारे में.
वेरिएंट का विश्लेषण
यूएन एजेंसी विशेषज्ञ ने कहा कि अभी कहीं ज़्यादा सीक्वेंसिंग किये जाने की ज़रूरत है और सम्बन्धित जानकारी को साझा किया जाना होगा, ताकि यह पता चल सके कि वायरस का ये वेरिएंट किस स्तर पर फैल रहा है.
बताया गया है कि वायरस के प्रकारों और उनमें आने वाले बदलावों पर नज़र रखने वाली यूएन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम पिछले कुछ दिनों से, भारत और अन्य देशों में हुए अध्ययनों के विश्लेषण में जुटी रही है, जहाँ ये वायरस का वेरिएंट फैल रहा है.
यूएन विशेषज्ञों की टीम के साथ चर्चा के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि B.1.167 वेरिएंट के फैलाव की दर अधिक है
उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट पर वैक्सीन की कारगरता, रोग की गम्भीरता पर अध्ययन किया जा रहा है, मगर यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व सामाजिक उपाय कारगर हैं.
यूएन विशेषज्ञ ने कहा कि आने वाले दिनों में, दुनिया भर में नए वेरिएंट का उभरना जारी रहेगा, इनमेंसे  कुछ चिन्ता का विषय भी होंगे.
इसके मद्देनज़र, मौजूदा स्वास्थ्य औज़ारों से इनके फैलाव, संक्रमण, गम्भीर बीमारी व मौतों को रोकने के लिये हरसम्भव प्रयास किये जाने होंगे.
मगर उन्होंने आगाह किया कि ज़्यादा तेज़ी से फैलने वाले वायरस के वेरिएंट की रोकथाम के लिये पहले से कहीं ज़्यादा कड़ाई से उपायों को अपनाना होगा., विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि शुरुआती अध्ययन दर्शाते हैं कि भारत में मिले कोरोनावायरस का नया प्रकार (B.1.167)  ज़्यादा तेज़ी से फैलता है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने कोरोनावायरस के इस वेरिएंट के वर्गीकरण में बदलाव करते हुए अब इसे चिन्ताजनक (Variant of concern) क़रार दिया है.

इससे पहले स्वास्थ्य संगठन ने वायरस के इस रूप को ‘Variant of interest’ की श्रेणी में रखा था, जिसके तहत इसके फैलाव की निगरानी की जा रही थी.

Media briefing on #COVID19 with @DrTedros https://t.co/6SISISeZOT

— World Health Organization (WHO) (@WHO) May 10, 2021

कोविड-19 पर यूएन स्वास्थ्य एजेंसी की विशेषज्ञ डॉक्टर मारिया वान कर्कहोवे ने सोमवार को जिनीवा में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए, इस वर्गीकरण में किये गए बदलाव के बारे में जानकारी दी.

 उन्होंने कहा कि वायरस के इस रूप को सबसे पहले भारत में देखा गया था, और अब तक उपलब्ध जानकारी बताती है कि वायरस के फैलाव की रफ़्तार ज़्यादा है.

भारत, पिछले कई हफ़्तों से संक्रमण की तेज़ लहर की चपेट में है.

देश में पिछले 24 घण्टों में तीन लाख 29हज़ार मामले दर्ज किये जा चुके हैं और तीन हज़ार 800 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

डॉक्टर मारिया वान कर्कहोवे के मुताबिक अभी ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है जो बताती हों कि रोग निदान, उपचार या वैक्सीन इस वेरिएंट पर बेअसर हैं.

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरस के इस नए प्रकार के सम्बन्ध में अभी और जानकारी जुटाये जाने की आवश्यकता है, विशेष रूप से उसकी वंशावली के बारे में.

वेरिएंट का विश्लेषण

यूएन एजेंसी विशेषज्ञ ने कहा कि अभी कहीं ज़्यादा सीक्वेंसिंग किये जाने की ज़रूरत है और सम्बन्धित जानकारी को साझा किया जाना होगा, ताकि यह पता चल सके कि वायरस का ये वेरिएंट किस स्तर पर फैल रहा है.

बताया गया है कि वायरस के प्रकारों और उनमें आने वाले बदलावों पर नज़र रखने वाली यूएन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम पिछले कुछ दिनों से, भारत और अन्य देशों में हुए अध्ययनों के विश्लेषण में जुटी रही है, जहाँ ये वायरस का वेरिएंट फैल रहा है.

यूएन विशेषज्ञों की टीम के साथ चर्चा के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि B.1.167 वेरिएंट के फैलाव की दर अधिक है

उन्होंने कहा कि इस वेरिएंट पर वैक्सीन की कारगरता, रोग की गम्भीरता पर अध्ययन किया जा रहा है, मगर यह स्पष्ट है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य व सामाजिक उपाय कारगर हैं.

यूएन विशेषज्ञ ने कहा कि आने वाले दिनों में, दुनिया भर में नए वेरिएंट का उभरना जारी रहेगा, इनमेंसे  कुछ चिन्ता का विषय भी होंगे.

इसके मद्देनज़र, मौजूदा स्वास्थ्य औज़ारों से इनके फैलाव, संक्रमण, गम्भीर बीमारी व मौतों को रोकने के लिये हरसम्भव प्रयास किये जाने होंगे.

मगर उन्होंने आगाह किया कि ज़्यादा तेज़ी से फैलने वाले वायरस के वेरिएंट की रोकथाम के लिये पहले से कहीं ज़्यादा कड़ाई से उपायों को अपनाना होगा.

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