कोविड-19: भारत व ब्राज़ील में मामलों की अधिकता, यूएन एजेंसियाँ सक्रिय

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि पिछले सप्ताह, विश्व भर में कोविड-19 संक्रमण के कुल जितने मामलों की पुष्टि हुई, उनमें आधे से ज़्यादा भारत और ब्राज़ील में सामने आए हैं. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, भारत में कोरोनावायरस के कारण उपजे गम्भीर हालात के मद्देनज़र, जवाबी कार्रवाई में स्थानीय एजेंसियों की सहायता में जुटी हैं.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी WHO के प्रमुख डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने सोमवार को जिनीवा में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि महामारी की शुरुआत के पहले छह महीनों में जितने मामले दर्ज किये गए थे, पिछले दो सप्ताह में उससे अधिक संख्या में संक्रमण मामलों की पुष्टि हुई है.

“#India🇮🇳 and #Brazil🇧🇷 account for more than half of last week’s #COVID19 cases, but there are many other countries all over the world that face a very fragile situation”-@DrTedros— World Health Organization (WHO) (@WHO) May 3, 2021

“पिछले सप्ताह, संक्रमण के कुल मामलों में से आधे से अधिक भारत और ब्राज़ील में दर्ज हुए. मगर दुनिया में अनेक अन्य ऐसे देश हैं जोकि बेहद नाज़ुक हालात का सामना कर रहे हैं.”
भारत में पिछले 24 घण्टों में तीन लाख 68 हज़ार मामलों की पुष्टि और तीन हज़ार 400 से अधिक लोगों की मौत हुई है.
वहीं, ब्राज़ील में पिछले 24 घण्टों में 66 हज़ार से अधिक संक्रमण मामले सामने आए हैं और दो हज़ार 600 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.
महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा कि यूएन स्वास्थ्य एजेंसी, महत्वपूर्ण उपकरणों, आपूर्ति, लैब में ज़रूरी सामग्री व सचल अस्पतालों के रूप में सहायता प्रदान कर रही है.  
“जिन परिवारों को अस्पताल में बिस्तर नहीं मिल पाया है, उनकी देखभाल के लिये लोगों को परामर्श भी मुहैया कराया जा रहा है.”
“जिन मरीज़ों को अति-गम्भीर या गम्भीर बीमारी है, WHO उनका उपचार डेक्सामीथेज़ोन से किये जाने की सिफ़ारिश करता है.”
बताया गया है कि यूएन स्वास्थ्य एजेंसी और उसका संस्थान,  दुनिया भर में ऑक्सीजन और सम्बन्धित सामग्री के लिये धनराशि की व्यवस्था करने में जुटा है.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने सर्वजन से सुरक्षा बरतने के लिये WHO व राष्ट्रीय स्तर पर जारी दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है.
“शारीरिक दूरी बरतना, भीड-भाड़ से बचना, अच्छी तरह से कसा हुआ मास्क पहनना, जिससे नाक व मुँह सही ढँग से ढके हों, खिड़कियाँ खुली रखना, खाँसते व छींकते हुए अपनी बाँह से ढँकना और हाथों को साफ़ करते रहना.”
महानिदेशक घेबरेयेसस ने सचेत किया है कि भारत और ब्राज़ील में जो कुछ भी हो रहा है, सार्वजनिक स्वास्थ्य सतर्कता के अभाव में, वही अन्य स्थानों पर भी घटित हो सकता है.   
यूएन एजेंसियों का सहयोग
यूएन महासचिव के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कोविड-19 महामारी पर जवाबी कार्रवाई में भारत में संयुक्त राष्ट्र टीम, स्थानीय एजेंसियों को मदद प्रदान कर रही हैं. इन प्रयासों के तहत भ्रामक सूचनाओं से भी निपटा जा रहा है.
इस क्रम में ग़लत जानकारी के प्रसार को रोकने और भरोसेमन्द सूचना व जीवनरक्षक सलाह मुहैया कराने के उद्देश्य से संचालित ‘वैरीफ़ाइड’ मुहिम को बढ़ावा दिया जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव की यह मुहिम पिछले वर्ष शुरू की गई थी.
वहीं संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) भारत में राष्ट्रीय टीकाकरण रणनीति को आगे बढ़ाने में जुटा है.  
यूएन एजेंसी अहम सन्देशों का अनेक भाषाओं में अनुवाद कर रही है और 16 राज्यों में समुदायों के बीच में कामकाज का दायरा व स्तर बढ़ाया जा रहा है.
मिथकों को तोड़ने व अन्य प्रयासों के तहत अब तक, ग्रामीण और शहरी इलाक़ों में दो करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई गई है.
इस कार्य में साढ़े छह लाख कर्मचारियों की अग्रिम मोर्चे पर तैनाती की गई है जिन्हें वैक्सीन से जुड़े महत्वपूर्ण सन्देशों के प्रचार-प्रसार के लिये प्रशिक्षित किया गया है.
इसके अलावा, यूएन टीम, देश भर में सामुदायिक रेडियो स्टेशन के साथ मिलकर ग्रामीण इलाक़ों में डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों तक कोविड-19 के फैलाव की रोकथाम करने और टीकाकरण की अहमियत पर जागरूकता बढ़ाने के कार्य में जुटी है., विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि पिछले सप्ताह, विश्व भर में कोविड-19 संक्रमण के कुल जितने मामलों की पुष्टि हुई, उनमें आधे से ज़्यादा भारत और ब्राज़ील में सामने आए हैं. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ, भारत में कोरोनावायरस के कारण उपजे गम्भीर हालात के मद्देनज़र, जवाबी कार्रवाई में स्थानीय एजेंसियों की सहायता में जुटी हैं.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी WHO के प्रमुख डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने सोमवार को जिनीवा में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि महामारी की शुरुआत के पहले छह महीनों में जितने मामले दर्ज किये गए थे, पिछले दो सप्ताह में उससे अधिक संख्या में संक्रमण मामलों की पुष्टि हुई है.

“पिछले सप्ताह, संक्रमण के कुल मामलों में से आधे से अधिक भारत और ब्राज़ील में दर्ज हुए. मगर दुनिया में अनेक अन्य ऐसे देश हैं जोकि बेहद नाज़ुक हालात का सामना कर रहे हैं.”

भारत में पिछले 24 घण्टों में तीन लाख 68 हज़ार मामलों की पुष्टि और तीन हज़ार 400 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

वहीं, ब्राज़ील में पिछले 24 घण्टों में 66 हज़ार से अधिक संक्रमण मामले सामने आए हैं और दो हज़ार 600 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा कि यूएन स्वास्थ्य एजेंसी, महत्वपूर्ण उपकरणों, आपूर्ति, लैब में ज़रूरी सामग्री व सचल अस्पतालों के रूप में सहायता प्रदान कर रही है.  

“जिन परिवारों को अस्पताल में बिस्तर नहीं मिल पाया है, उनकी देखभाल के लिये लोगों को परामर्श भी मुहैया कराया जा रहा है.”

“जिन मरीज़ों को अति-गम्भीर या गम्भीर बीमारी है, WHO उनका उपचार डेक्सामीथेज़ोन से किये जाने की सिफ़ारिश करता है.”

बताया गया है कि यूएन स्वास्थ्य एजेंसी और उसका संस्थान,  दुनिया भर में ऑक्सीजन और सम्बन्धित सामग्री के लिये धनराशि की व्यवस्था करने में जुटा है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने सर्वजन से सुरक्षा बरतने के लिये WHO व राष्ट्रीय स्तर पर जारी दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है.

“शारीरिक दूरी बरतना, भीड-भाड़ से बचना, अच्छी तरह से कसा हुआ मास्क पहनना, जिससे नाक व मुँह सही ढँग से ढके हों, खिड़कियाँ खुली रखना, खाँसते व छींकते हुए अपनी बाँह से ढँकना और हाथों को साफ़ करते रहना.”

महानिदेशक घेबरेयेसस ने सचेत किया है कि भारत और ब्राज़ील में जो कुछ भी हो रहा है, सार्वजनिक स्वास्थ्य सतर्कता के अभाव में, वही अन्य स्थानों पर भी घटित हो सकता है.   

यूएन एजेंसियों का सहयोग

यूएन महासचिव के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कोविड-19 महामारी पर जवाबी कार्रवाई में भारत में संयुक्त राष्ट्र टीम, स्थानीय एजेंसियों को मदद प्रदान कर रही हैं. इन प्रयासों के तहत भ्रामक सूचनाओं से भी निपटा जा रहा है.

इस क्रम में ग़लत जानकारी के प्रसार को रोकने और भरोसेमन्द सूचना व जीवनरक्षक सलाह मुहैया कराने के उद्देश्य से संचालित ‘वैरीफ़ाइड’ मुहिम को बढ़ावा दिया जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव की यह मुहिम पिछले वर्ष शुरू की गई थी.

वहीं संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) भारत में राष्ट्रीय टीकाकरण रणनीति को आगे बढ़ाने में जुटा है.  

यूएन एजेंसी अहम सन्देशों का अनेक भाषाओं में अनुवाद कर रही है और 16 राज्यों में समुदायों के बीच में कामकाज का दायरा व स्तर बढ़ाया जा रहा है.

मिथकों को तोड़ने व अन्य प्रयासों के तहत अब तक, ग्रामीण और शहरी इलाक़ों में दो करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई गई है.

इस कार्य में साढ़े छह लाख कर्मचारियों की अग्रिम मोर्चे पर तैनाती की गई है जिन्हें वैक्सीन से जुड़े महत्वपूर्ण सन्देशों के प्रचार-प्रसार के लिये प्रशिक्षित किया गया है.

इसके अलावा, यूएन टीम, देश भर में सामुदायिक रेडियो स्टेशन के साथ मिलकर ग्रामीण इलाक़ों में डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों तक कोविड-19 के फैलाव की रोकथाम करने और टीकाकरण की अहमियत पर जागरूकता बढ़ाने के कार्य में जुटी है.

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