कोविड-19: मृतक संख्या हुई 40 लाख, वैश्विक वैक्सीन योजना की दरकार

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के कारण मौत का शिकार हुए लोगों की संख्या बुधवार देर शाम 40 लाख से ज़्यादा हो गई जोकि एक अन्य घातक और दुर्भाग्यपूर्ण पड़ाव है. उन्होंने कहा है कि इस पड़ाव ने इस तत्काल ज़रूरत को और ज़्यादा रेखांकित कर दिया है कि विश्व को, महामारी पर जल्द से जल्द पूरी तरह क़ाबू पाने के लिये एक वैश्विक वैक्सीन योजना लागू करनी होगी.

यूएन प्रमुख ने कहा, “हम में से बहुत से लोग, इस नुक़सान को सीधे तौर पर समझते हैं और इसकी तकलीफ़ भी महसूस करते हैं.”

4 million have now died due to #COVID19. “Until everyone is vaccinated, everyone is under threat”, says the @UN Secretary-General in a statement issued Wednesday night. pic.twitter.com/0e07vaVlwB— UN News (@UN_News_Centre) July 8, 2021

“हम उन सभी के मातम में शामिल हैं जिन माता-पिताओं ने  मुश्किल हालात में भी रास्ता दिखाना जारी रखा, जिन पुत्र और पुत्रियों ने हमें प्रेरित किया, जिन बुज़ुर्गों ने अपनी बुद्धिमत्ता दूसरों के साथ साझा की, वो सहयोगी और मित्र जिन्होंने हमारी ज़िन्दगियों में जान फूँकी.”
उन्होंने कहा कि बेशक, वैक्सीन हमें उम्मीद की किरणें दिखाती है, मगर ज़्यादातर दुनिया वैक्सीन की उपलब्धता में अभी बहुत पीछे है: “वायरस, वैक्सीन वितरण की रफ़्तार से आगे है. ये महामारी अभी ख़त्म होने से बहुत दूर है.”
“इस महामारी के कुल पीड़ितों में से आधे से ज़्यादा की मौत इसी वर्ष हुई है. अगर इस वायरस को इसी तरह जंगल की आग की तरह फैलने दिया गया तो लाखों अन्य ज़िन्दगियाँ भी जोखिम के दायरे में हैं.”
वैरिएंट बढ़त पर हैं
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि कोविड-19 का जितना फैलाव हो रहा है उसी रफ़्तार से उसके नए प्रकार या रूप यानि वैरिएंट सामने आ रहे हैं, जिनमें से कुछ की संक्रमण दर तो बहुत ज़्यादा है, जो बहुत जानलेवा हैं और उनमें मौजूदा वैक्सीनों को बेअसर कर देने की क्षमता मौजूद होने का भी अंदेशा है.
यूएन प्रमुख ने कहा, “वैक्सीन उत्पादन, उपलब्धता और वितरण में कमियों को दूर करने के लिये ऐसे विशाल वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयासों की दरकार है जो इतिहास में कभी नहीं देखे गए.”
उन्होंने एक ऐसी वैश्विक वैक्सीन योजना का आहवान किया जिसमें वैक्सीन उत्पादन दो गुना और समान वितरण सुनिश्चित किया जाए और इसके लिये संयुक्त राष्ट्र द्वारा समर्थित कोवैक्स कार्यक्रम का इस्तेमाल किया जाना चाहिये.
आपात कार्य बल
यूएन प्रमुख ने कहा कि इस योजना को मूर्त रूप देने के लिये वो एक ऐसे आपात कार्य बल के गठन का आहवान करते हूैं जिसके तहत वैक्सीन उत्पादन क्षमताओं वाले देशों, विश्व स्वास्थ्य संगठन, वैश्विक वैक्सीन गठबन्धन – गावी और अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान एकजुट हों, जो प्रासंगिक फ़ार्मास्यूटिकल कम्पनियों और निर्माताओं के साथ तालमेल बिठा सकें.
यूएन महासचिव ने कहा कि वैक्सीन उत्पादन और वितरण में समानता हासिल करना हमारे दौर का एक तात्कालिक नैतिक इम्तेहान है जोकि एक व्यावहारिक अनिवार्यता भी है. ”जब तक हर एक इंसान का टीकाकरण नहीं हो जाता है, तब तक हर कोई जोखिम के दायरे में है.”, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के कारण मौत का शिकार हुए लोगों की संख्या बुधवार देर शाम 40 लाख से ज़्यादा हो गई जोकि एक अन्य घातक और दुर्भाग्यपूर्ण पड़ाव है. उन्होंने कहा है कि इस पड़ाव ने इस तत्काल ज़रूरत को और ज़्यादा रेखांकित कर दिया है कि विश्व को, महामारी पर जल्द से जल्द पूरी तरह क़ाबू पाने के लिये एक वैश्विक वैक्सीन योजना लागू करनी होगी.

यूएन प्रमुख ने कहा, “हम में से बहुत से लोग, इस नुक़सान को सीधे तौर पर समझते हैं और इसकी तकलीफ़ भी महसूस करते हैं.”

4 million have now died due to #COVID19. “Until everyone is vaccinated, everyone is under threat”, says the @UN Secretary-General in a statement issued Wednesday night. pic.twitter.com/0e07vaVlwB

— UN News (@UN_News_Centre) July 8, 2021

“हम उन सभी के मातम में शामिल हैं जिन माता-पिताओं ने  मुश्किल हालात में भी रास्ता दिखाना जारी रखा, जिन पुत्र और पुत्रियों ने हमें प्रेरित किया, जिन बुज़ुर्गों ने अपनी बुद्धिमत्ता दूसरों के साथ साझा की, वो सहयोगी और मित्र जिन्होंने हमारी ज़िन्दगियों में जान फूँकी.”

उन्होंने कहा कि बेशक, वैक्सीन हमें उम्मीद की किरणें दिखाती है, मगर ज़्यादातर दुनिया वैक्सीन की उपलब्धता में अभी बहुत पीछे है: “वायरस, वैक्सीन वितरण की रफ़्तार से आगे है. ये महामारी अभी ख़त्म होने से बहुत दूर है.”

“इस महामारी के कुल पीड़ितों में से आधे से ज़्यादा की मौत इसी वर्ष हुई है. अगर इस वायरस को इसी तरह जंगल की आग की तरह फैलने दिया गया तो लाखों अन्य ज़िन्दगियाँ भी जोखिम के दायरे में हैं.”

वैरिएंट बढ़त पर हैं

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि कोविड-19 का जितना फैलाव हो रहा है उसी रफ़्तार से उसके नए प्रकार या रूप यानि वैरिएंट सामने आ रहे हैं, जिनमें से कुछ की संक्रमण दर तो बहुत ज़्यादा है, जो बहुत जानलेवा हैं और उनमें मौजूदा वैक्सीनों को बेअसर कर देने की क्षमता मौजूद होने का भी अंदेशा है.

यूएन प्रमुख ने कहा, “वैक्सीन उत्पादन, उपलब्धता और वितरण में कमियों को दूर करने के लिये ऐसे विशाल वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयासों की दरकार है जो इतिहास में कभी नहीं देखे गए.”

उन्होंने एक ऐसी वैश्विक वैक्सीन योजना का आहवान किया जिसमें वैक्सीन उत्पादन दो गुना और समान वितरण सुनिश्चित किया जाए और इसके लिये संयुक्त राष्ट्र द्वारा समर्थित कोवैक्स कार्यक्रम का इस्तेमाल किया जाना चाहिये.

आपात कार्य बल

यूएन प्रमुख ने कहा कि इस योजना को मूर्त रूप देने के लिये वो एक ऐसे आपात कार्य बल के गठन का आहवान करते हूैं जिसके तहत वैक्सीन उत्पादन क्षमताओं वाले देशों, विश्व स्वास्थ्य संगठन, वैश्विक वैक्सीन गठबन्धन – गावी और अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान एकजुट हों, जो प्रासंगिक फ़ार्मास्यूटिकल कम्पनियों और निर्माताओं के साथ तालमेल बिठा सकें.

यूएन महासचिव ने कहा कि वैक्सीन उत्पादन और वितरण में समानता हासिल करना हमारे दौर का एक तात्कालिक नैतिक इम्तेहान है जोकि एक व्यावहारिक अनिवार्यता भी है. ”जब तक हर एक इंसान का टीकाकरण नहीं हो जाता है, तब तक हर कोई जोखिम के दायरे में है.”

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