कोविड-19: वैक्सीन की समान वैश्विक उपलब्धता के लिये नई पहल ‘Only Together’

संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया भर में कोविड-19 महामारी वैक्सीन की न्यायसंगत और समानतापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में, गुरूवार को एक नया वैश्विक अभियान शुरू किया है जिसका नाम है – ‘Only Together’ यानि ‘केवल एकजुटता के साथ ’.

इस पहल के तहत सभी देशों में, सभी लोगों को वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये वैश्विक एकजुटता की ज़रूरत को रेखांकित किया गया है.

Today I am launching a new campaign calling for #COVID19 vaccines to be available to everyone, everywhere.This year of crisis has caused a tidal wave of suffering.#OnlyTogether can we all end this pandemic & get back to the things we love.https://t.co/h2sLtgSGwK pic.twitter.com/04OlSA5BxC— António Guterres (@antonioguterres) March 11, 2021

ध्यान रहे कि शुरुआती चरण में, ये वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों और बहुत कमज़ोर स्वास्थ्य वाले लोगों को दी जा रही है.
पीड़ा की तूफ़ानी लहर
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने ये स्वास्थ्य पहल शुरू करते हुए एक वीडियो सन्देश में कहा, “कोरोनावायरस ने 25 लाख से भी ज़्यादा लोगों की ज़िन्दगियाँ ख़त्म कर दी हैं, और लाखों अन्य लोगों को, दीर्घकालीन स्वास्थ्य प्रभावों के साथ जीने के लिये मजबूर कर दिया है.”
यूएन उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा, “पिछले एक वर्ष के दौरान हम सभी, वो सब नहीं कर पाए हैं जो हमें दूसरों के साथ मिलकर करना बहुत पसन्द है, जैसेकि एक साथ भोजन खाना, गल बहियाँ करना, और स्कूल व कामकाज के स्थानों को जाना.”
“लाखों लोगों से उनके कोई ना कोई प्रियजन छिन गए हैं और बहुत से लोगों की आजीविकाएँ ख़त्म हो गई हैं.”
आशा का नया दौर
संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में, दुनिया भर में, न्यायसंगत व समानतापूर्ण वैक्सीन उपलब्धता के लिये, कोवैक्स कार्यक्रम के तहत, लाखों ख़ुराकें, अनेक देशों में भेजे जाने का विशाल कार्यक्रम जारी है.
इस कार्यक्रम से लाभान्वित होने वाले देशों में अनेक निर्धनतम देश भी हैं.
कोविड-19 वैक्सीन लोगों को मौत के मुँह से बचाने, वायरस के नए रूप वजूद में आने से रोकने, अर्थव्यवस्थाओं में फिर से जान फूँकने और महामारी का ख़ात्मा करने के लिये सर्वश्रेष्ठ आशा जगाती है. 
उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने ध्यान दिलाते हुए ये भी कहा कि वैक्सीन के लिये ऐतिहासिक वैश्विक प्रयासों ने, इस वायरस को हराने के लिये हम सभी के भीतर, उम्मीद जगाई है.
उन्हेंने ज़ोर देकर कहा, “नई गति व उम्मीद परवान चढ़ने के लिये ज़रूरी है कि हम सभी ये सुनिश्चित करने के लिये एक साथ मिलकर काम करें कि कोविड-19 की वैक्सीन, हर एक जन को, हर एक स्थान पर, उपलब्ध हो.”
“हम सभी, केवल एक साथ मिलकर ही, महामारी का अन्त कर सकते हैं और आशा का एक नया दौर शुरू कर सकते हैं.”
वैश्विक भलाई
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस बात पर चिन्ता व्यक्त की कि केवल मुट्ठी भर धनी देशों में ही, वैक्सीन की ज़्यादातर ख़ुराकें उपलब्ध कराई जा हैं.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कोविड-19 की वैक्सीन को, एक वैश्विक सार्वजनिक भलाई समझा जाना चाहिये.
संयुक्त के नेतृत्व वाले, कोवैक्स कार्यक्रम के तहत, वर्ष 2021 के अन्त तक, सभी भागीदार देशों की लगभग एक तिहाई आबादी को, वैक्सीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.
लेकिन इन हालात में ये मंज़िल दूर नज़र आती है क्योंकि लगभग 10 धनी देशों ने, तकरीबन 80 प्रतिशत वैक्सीन ख़ुराकें अपने यहाँ एकत्र कर ली हैं. कुछ देश तो, अपनी पूरी आबादी को, अगले कुछ महीनों के दौरान ही, वैक्सीन ख़ुराकें उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहे हैं.
यूएन प्रमुख ने कहा, “कोई भी देश, इस संकट पर, अकेले पार नहीं पा सकता.” 
उन्होंने तमाम देशों की सरकारों और कारोबारों का आग्रह किया कि वो वैक्सीन की ख़ुराकें और उसे तैयार करने की टैक्नॉलॉजी एक दूसरे के साथ साझा करें, ताकि वैक्सीन ख़ुराकों की तादाद बढ़ाई जा सके, और वितरण में तेज़ी के साथ-साथ, उसका दायरा भी बढ़ाया जा सके.
कोवैक्स का सह-नेतृत्व विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), GAVI और CEPI, यूनीसेफ़ की साझेदारी में कर रहे हैं. इस कार्यक्रम को 190 देशों का समर्थन हासिल है.
इस कार्यक्रम के अन्तर्गत, वर्ष के अन्त तक दुनिया भर में, जितनी आबादी को वैक्सीन की ख़ुराकें मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है, उसे पूरा करने के लिये, अभी दो अरब डॉलर की रक़म की और ज़रूरत है., संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया भर में कोविड-19 महामारी वैक्सीन की न्यायसंगत और समानतापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में, गुरूवार को एक नया वैश्विक अभियान शुरू किया है जिसका नाम है – ‘Only Together’ यानि ‘केवल एकजुटता के साथ ’.

इस पहल के तहत सभी देशों में, सभी लोगों को वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये वैश्विक एकजुटता की ज़रूरत को रेखांकित किया गया है.

ध्यान रहे कि शुरुआती चरण में, ये वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मियों और बहुत कमज़ोर स्वास्थ्य वाले लोगों को दी जा रही है.

पीड़ा की तूफ़ानी लहर

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने ये स्वास्थ्य पहल शुरू करते हुए एक वीडियो सन्देश में कहा, “कोरोनावायरस ने 25 लाख से भी ज़्यादा लोगों की ज़िन्दगियाँ ख़त्म कर दी हैं, और लाखों अन्य लोगों को, दीर्घकालीन स्वास्थ्य प्रभावों के साथ जीने के लिये मजबूर कर दिया है.”

यूएन उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने कहा, “पिछले एक वर्ष के दौरान हम सभी, वो सब नहीं कर पाए हैं जो हमें दूसरों के साथ मिलकर करना बहुत पसन्द है, जैसेकि एक साथ भोजन खाना, गल बहियाँ करना, और स्कूल व कामकाज के स्थानों को जाना.”

“लाखों लोगों से उनके कोई ना कोई प्रियजन छिन गए हैं और बहुत से लोगों की आजीविकाएँ ख़त्म हो गई हैं.”

आशा का नया दौर

संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में, दुनिया भर में, न्यायसंगत व समानतापूर्ण वैक्सीन उपलब्धता के लिये, कोवैक्स कार्यक्रम के तहत, लाखों ख़ुराकें, अनेक देशों में भेजे जाने का विशाल कार्यक्रम जारी है.

इस कार्यक्रम से लाभान्वित होने वाले देशों में अनेक निर्धनतम देश भी हैं.

कोविड-19 वैक्सीन लोगों को मौत के मुँह से बचाने, वायरस के नए रूप वजूद में आने से रोकने, अर्थव्यवस्थाओं में फिर से जान फूँकने और महामारी का ख़ात्मा करने के लिये सर्वश्रेष्ठ आशा जगाती है. 

उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ने ध्यान दिलाते हुए ये भी कहा कि वैक्सीन के लिये ऐतिहासिक वैश्विक प्रयासों ने, इस वायरस को हराने के लिये हम सभी के भीतर, उम्मीद जगाई है.

उन्हेंने ज़ोर देकर कहा, “नई गति व उम्मीद परवान चढ़ने के लिये ज़रूरी है कि हम सभी ये सुनिश्चित करने के लिये एक साथ मिलकर काम करें कि कोविड-19 की वैक्सीन, हर एक जन को, हर एक स्थान पर, उपलब्ध हो.”

“हम सभी, केवल एक साथ मिलकर ही, महामारी का अन्त कर सकते हैं और आशा का एक नया दौर शुरू कर सकते हैं.”

वैश्विक भलाई

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस बात पर चिन्ता व्यक्त की कि केवल मुट्ठी भर धनी देशों में ही, वैक्सीन की ज़्यादातर ख़ुराकें उपलब्ध कराई जा हैं.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कोविड-19 की वैक्सीन को, एक वैश्विक सार्वजनिक भलाई समझा जाना चाहिये.

संयुक्त के नेतृत्व वाले, कोवैक्स कार्यक्रम के तहत, वर्ष 2021 के अन्त तक, सभी भागीदार देशों की लगभग एक तिहाई आबादी को, वैक्सीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.

लेकिन इन हालात में ये मंज़िल दूर नज़र आती है क्योंकि लगभग 10 धनी देशों ने, तकरीबन 80 प्रतिशत वैक्सीन ख़ुराकें अपने यहाँ एकत्र कर ली हैं. कुछ देश तो, अपनी पूरी आबादी को, अगले कुछ महीनों के दौरान ही, वैक्सीन ख़ुराकें उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रहे हैं.

यूएन प्रमुख ने कहा, “कोई भी देश, इस संकट पर, अकेले पार नहीं पा सकता.” 

उन्होंने तमाम देशों की सरकारों और कारोबारों का आग्रह किया कि वो वैक्सीन की ख़ुराकें और उसे तैयार करने की टैक्नॉलॉजी एक दूसरे के साथ साझा करें, ताकि वैक्सीन ख़ुराकों की तादाद बढ़ाई जा सके, और वितरण में तेज़ी के साथ-साथ, उसका दायरा भी बढ़ाया जा सके.

कोवैक्स का सह-नेतृत्व विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), GAVI और CEPI, यूनीसेफ़ की साझेदारी में कर रहे हैं. इस कार्यक्रम को 190 देशों का समर्थन हासिल है.

इस कार्यक्रम के अन्तर्गत, वर्ष के अन्त तक दुनिया भर में, जितनी आबादी को वैक्सीन की ख़ुराकें मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है, उसे पूरा करने के लिये, अभी दो अरब डॉलर की रक़म की और ज़रूरत है.

,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *