कोविड-19: वैक्सीन की 25 करोड़ ख़ुराकों को दान करने का आग्रह

कोरोनावायरस वैक्सीन की करीब दो अरब ख़ुराकों को अब तक वैश्विक स्तर पर वितरित किया जा चुका है, मगर इसका 0.5 फ़ीसदी ही निम्न आय वाले देशों को मिल पाया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को कहा है कि ऐसे देशों में अग्रिम मोर्चे पर डटे स्वास्थ्यकर्मियों और बुज़ुर्गों को एक ख़ुराक मिलना भी बाक़ी है, जिसे ध्यान में रखते हुए करोड़ों ख़ुराकों को दान किये जाने का आहवान किया गया है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक के वरिष्ठ सलाहकार और ‘Access to COVID-19 Tools Accelerator’ हब के प्रमुख डॉक्टर ब्रूस ऐलवर्ड ने बताया, “इस सप्ताह, हम शायद दो अरब ख़ुराकों को पार कर लेंगे, अगर हमने पहले ही इसे पार नहीं किया है.”
उन्होंने कहा कि इन दो अरब ख़ुराकों में से, 75 फ़ीसदी से अधिक महज़ 10 देशों में पहुँची हैं, मुख्य रूप से चीन, अमेरिका और भारत में.

Very appreciative of @POTUS’ announcement that 🇺🇸 will share an initial 19M #COVID19 vax doses via #COVAX to protect those most at-risk & for encouraging others to do the same. We hope to work closely with 🇺🇸 to share 80M doses before July. #VaccinEquityhttps://t.co/7menjtcQHA— Tedros Adhanom Ghebreyesus (@DrTedros) June 3, 2021

इन तीन देशों में वैक्सीन की 60 प्रतिशत ख़ुराकें दी गई हैं, जबकि सबसे कम आय वाले देशों को 0.5 प्रतिशत ख़ुराकें ही मिल पाई हैं. ये देश विश्व आबादी का लगभग 10 प्रतिशत हैं.
यूएन स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने चिन्ता जताई कि मौजूदा हालात में, वैश्विक महामारी से उबरने की प्रक्रिया, दो अलग-अलग रफ़्तार से चल रही है.
उच्च आय और वैक्सीन उत्पादन करने वाले देशों में उच्च-जोखिम आबादी और युवजनों के लिये भी वैक्सीन सफलतापूर्वक दी जा रही है.
इसके विपरीत, निम्नतर आय वाले देशों को अपने स्वास्थ्यकर्मियों, बुज़ुर्गों के टीकाकरण के लिये पर्याप्त ख़ुराकें उपलब्ध नही हैं, जबकि मौजूगा स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक संकट से बाहर निकलने के नज़रिये से यह अहम है.
डॉक्टर ऐलवर्ड ने अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों और सबसे निर्बलों की रक्षा के लिये 25 करोड़ ख़ुराकों को दान दिये जाने की अपील की है.
“25 करोड़ ख़ुराकों को दान में दिये जाने की यह अपील सितम्बर के अन्त तक की अवधि के लिये है, जून और जुलाई में कम से कम 10 करोड़ दी जानी होंगी.”
“व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिये हमें यह करने की ज़रूरत है.”
अमेरिका से आठ करोड़ ख़ुराकें
यूएन एजेंसी के अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका ने गुरुवार को यूएन समर्थित पहल, कोवैक्स के लिये आठ करोड़ ख़ुराकों को दान करने की अपील की है. इसके तहत, इस महीने ढाई करोड़ ख़ुराकें दी जाएँगी.
उन्होने इसे एक अच्छी शुरुआत क़रार दिया है, मगर इस पहल में अन्य देशों के शामिल होने की अहमियत पर भी बल दिया है.
डॉक्टर ऐलवर्ड के मुताबिक यह एकदम बेतुकी बात है कि कुछ देश, महामारी के दौरान अपने अहम कर्मचारियों की रक्षा करने में अक्षम है, जबकि वैक्सीन पिछले छह महीने से उपलब्ध हैं.
हालांकि उन्होंने आगाह किया कि कोविड-19 वैक्सीन की ख़ुराकों को बढ़ाने के लिये किये जा रहे प्रयासों के दौरान, बुनियादी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों से ध्यान नहीं हटाया जाना होगा.
इसके तहत संदिग्ध संक्रमितों का पता लगाना, संक्रमितों को अलग रखकर इलाज करना और उनके सम्पर्क में आये लोगों की निगरानी करना है.
इस क्रम में उन्होंने 16 अरब डॉलर के वित्त पोषण की कमी पर क्षोभ जताया है. उन्होंने कहा कि निजी बचाव उपकरण, वैण्टीलेटर, ऑक्सीजन और स्टेरॉयड दवाओं के अभाव में लोगों की मौत होती रहेगी.
विश्व में अब तक कोविड-19 के 17 करोड़ 17 लाख मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 36 लाख 97 हज़ार लोगों की मौत हुई है., कोरोनावायरस वैक्सीन की करीब दो अरब ख़ुराकों को अब तक वैश्विक स्तर पर वितरित किया जा चुका है, मगर इसका 0.5 फ़ीसदी ही निम्न आय वाले देशों को मिल पाया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को कहा है कि ऐसे देशों में अग्रिम मोर्चे पर डटे स्वास्थ्यकर्मियों और बुज़ुर्गों को एक ख़ुराक मिलना भी बाक़ी है, जिसे ध्यान में रखते हुए करोड़ों ख़ुराकों को दान किये जाने का आहवान किया गया है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक के वरिष्ठ सलाहकार और ‘Access to COVID-19 Tools Accelerator’ हब के प्रमुख डॉक्टर ब्रूस ऐलवर्ड ने बताया, “इस सप्ताह, हम शायद दो अरब ख़ुराकों को पार कर लेंगे, अगर हमने पहले ही इसे पार नहीं किया है.”

उन्होंने कहा कि इन दो अरब ख़ुराकों में से, 75 फ़ीसदी से अधिक महज़ 10 देशों में पहुँची हैं, मुख्य रूप से चीन, अमेरिका और भारत में.

Very appreciative of @POTUS‘ announcement that 🇺🇸 will share an initial 19M #COVID19 vax doses via #COVAX to protect those most at-risk & for encouraging others to do the same. We hope to work closely with 🇺🇸 to share 80M doses before July. #VaccinEquityhttps://t.co/7menjtcQHA

— Tedros Adhanom Ghebreyesus (@DrTedros) June 3, 2021

इन तीन देशों में वैक्सीन की 60 प्रतिशत ख़ुराकें दी गई हैं, जबकि सबसे कम आय वाले देशों को 0.5 प्रतिशत ख़ुराकें ही मिल पाई हैं. ये देश विश्व आबादी का लगभग 10 प्रतिशत हैं.

यूएन स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने चिन्ता जताई कि मौजूदा हालात में, वैश्विक महामारी से उबरने की प्रक्रिया, दो अलग-अलग रफ़्तार से चल रही है.

उच्च आय और वैक्सीन उत्पादन करने वाले देशों में उच्च-जोखिम आबादी और युवजनों के लिये भी वैक्सीन सफलतापूर्वक दी जा रही है.

इसके विपरीत, निम्नतर आय वाले देशों को अपने स्वास्थ्यकर्मियों, बुज़ुर्गों के टीकाकरण के लिये पर्याप्त ख़ुराकें उपलब्ध नही हैं, जबकि मौजूगा स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक संकट से बाहर निकलने के नज़रिये से यह अहम है.

डॉक्टर ऐलवर्ड ने अग्रिम मोर्चे पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों और सबसे निर्बलों की रक्षा के लिये 25 करोड़ ख़ुराकों को दान दिये जाने की अपील की है.

“25 करोड़ ख़ुराकों को दान में दिये जाने की यह अपील सितम्बर के अन्त तक की अवधि के लिये है, जून और जुलाई में कम से कम 10 करोड़ दी जानी होंगी.”

“व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिये हमें यह करने की ज़रूरत है.”

अमेरिका से आठ करोड़ ख़ुराकें

यूएन एजेंसी के अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका ने गुरुवार को यूएन समर्थित पहल, कोवैक्स के लिये आठ करोड़ ख़ुराकों को दान करने की अपील की है. इसके तहत, इस महीने ढाई करोड़ ख़ुराकें दी जाएँगी.

उन्होने इसे एक अच्छी शुरुआत क़रार दिया है, मगर इस पहल में अन्य देशों के शामिल होने की अहमियत पर भी बल दिया है.

डॉक्टर ऐलवर्ड के मुताबिक यह एकदम बेतुकी बात है कि कुछ देश, महामारी के दौरान अपने अहम कर्मचारियों की रक्षा करने में अक्षम है, जबकि वैक्सीन पिछले छह महीने से उपलब्ध हैं.

हालांकि उन्होंने आगाह किया कि कोविड-19 वैक्सीन की ख़ुराकों को बढ़ाने के लिये किये जा रहे प्रयासों के दौरान, बुनियादी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों से ध्यान नहीं हटाया जाना होगा.

इसके तहत संदिग्ध संक्रमितों का पता लगाना, संक्रमितों को अलग रखकर इलाज करना और उनके सम्पर्क में आये लोगों की निगरानी करना है.

इस क्रम में उन्होंने 16 अरब डॉलर के वित्त पोषण की कमी पर क्षोभ जताया है. उन्होंने कहा कि निजी बचाव उपकरण, वैण्टीलेटर, ऑक्सीजन और स्टेरॉयड दवाओं के अभाव में लोगों की मौत होती रहेगी.

विश्व में अब तक कोविड-19 के 17 करोड़ 17 लाख मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 36 लाख 97 हज़ार लोगों की मौत हुई है.

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