कोविड-19: शरणार्थियों के टीकाकरण में आई रूकावटों को दूर करने का आग्रह 

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने सदस्य देशों से टीकाकरण अभियानों में गति लाने की पुकार लगाई है और विश्व के आठ करोड़ से अधिक विस्थापितों के लिये वैक्सीन ख़ुराकों की सुलभता सुनिश्चित किये जाने का आग्रह किया है. 

यूएन शरणार्थी एजेंसी में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख ऐन बर्टन ने कहा, “नैतिक अनिवार्यता से इतर, यह हमारे सामूहिक स्व-हित में भी है.”
“जब तक वैश्विक महामारी कहीं भी क़ाबू से बाहर रहती है, तब तक यह हर किसी के लिये, हर जगह ख़तरा है.”

“I transformed my trauma, my pain and my suffering into an opportunity for leadership.”@Victor_OCHEN sits down to share his thoughts with our chief @FilippoGrandi.#WorldRefugeeDay pic.twitter.com/n9TuJ30jea— UNHCR, the UN Refugee Agency (@Refugees) June 19, 2021

यूएन एजेंसी 162 देशों की निगरानी कर रही है जिनमें से 91 देशों में, अब तक शरणार्थियों व शरण की तलाश करने वाले लोगों के टीकाकरण की शुरुआत हो गई है. 
शरणार्थी एजेंसी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि विश्व में जबरन विस्थापन का शिकार आठ करोड़ 24 लाख लोगों के टीकाकरण में मौजूद रूकावटों को हटाने के लिये और ज़्यादा प्रयास किये जाने होंगे.   
इनमें सब-सहारा अफ़्रीका भी है जहाँ कोविड-19 संक्रमण के नए मामलों में तेज़ उछाल देखने को मिला है, यहाँ अनेक टीकाकरण केन्द्र, उन इलाक़ों से दूर हैं जहाँ शरणार्थी रहते हैं.
कुछ देशों में, लोगों से टीकाकरण से पहले पहचान दस्तावेज़ों की माँग की गई है, और अनेक शरणार्थियों के पास ये उपलब्ध नहीं हैं.  
अन्य देशों ने ऑनलाइन वैक्सीन पंजीकरण प्रणालियों को स्थापित किया है, मगर इण्टरनेट के दायरे से दूर या निरक्षर लोगों के इस सुविधा से वंचित रह जाने की आशंका है.  
यूएन एजेंसी ने बताया कि अनेक देशों ने सकारात्मक क़दम उठाए हैं और मोल्दोवा व सर्बिया ने आश्रय-स्थलों तक वैक्सीन की ख़ुराकों को पहुँचाया है. 
वहीं सेनेगल और कैमरून में, शरणार्थियों को उनके समुदायों के नज़दीक स्थित केन्द्रों में पंजीकरण की सुविधा दी गई है. 
पुर्तगाल में उन लोगों के लिये एक विशिष्ट पंजीकरण प्रणाली को शुरू किया गया है जिनके पास दस्तावेज़ नहीं हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय स्तर पर टीकाकरण के दायरे से किसी को भी बाहर ना छूटने दिया जाए.  
यूएन एजेंसी अधिकारी ने कहा, “दुनिया भर में, हमने कोविड-19 टीकाकरण योजना में शरणार्थियों को पीछे ना छोड़ देने अटल संकल्प देखा है. मगर टीकाकरण में अवरोध बरक़रार हैं.”
उन्होंने सचेत किया कि शरणार्थियों के समावेशन के आश्वासन को वास्तविकता में बदलने के लिये मज़बूत प्रयासों की आवश्यकता है. 
यूएन एजेंसी ने अपने बयान में सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने की इच्छा ज़ाहिर की है ताकि वर्ष 2021 के अन्त तक कम से कम 20 फ़ीसदी शरणार्थियों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके.  
न्यायसंगत वैक्सीन वितरण के लिये यूएन की कोवैक्स पहल में यही लक्ष्य निर्धारित किया गया है.  
शरणार्थी एजेंसी ने अन्य देशों से वैक्सीन की अतिरिक्त ख़ुराकों को निम्नतर और मध्य आय वाले देशों के साथ साझा करने और कोवैक्स पहल को समर्थन देने का आग्रह किया है., संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने सदस्य देशों से टीकाकरण अभियानों में गति लाने की पुकार लगाई है और विश्व के आठ करोड़ से अधिक विस्थापितों के लिये वैक्सीन ख़ुराकों की सुलभता सुनिश्चित किये जाने का आग्रह किया है. 

यूएन शरणार्थी एजेंसी में सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख ऐन बर्टन ने कहा, “नैतिक अनिवार्यता से इतर, यह हमारे सामूहिक स्व-हित में भी है.”

“जब तक वैश्विक महामारी कहीं भी क़ाबू से बाहर रहती है, तब तक यह हर किसी के लिये, हर जगह ख़तरा है.”

“I transformed my trauma, my pain and my suffering into an opportunity for leadership.”@Victor_OCHEN sits down to share his thoughts with our chief @FilippoGrandi.#WorldRefugeeDay pic.twitter.com/n9TuJ30jea

— UNHCR, the UN Refugee Agency (@Refugees) June 19, 2021

यूएन एजेंसी 162 देशों की निगरानी कर रही है जिनमें से 91 देशों में, अब तक शरणार्थियों व शरण की तलाश करने वाले लोगों के टीकाकरण की शुरुआत हो गई है. 

शरणार्थी एजेंसी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि विश्व में जबरन विस्थापन का शिकार आठ करोड़ 24 लाख लोगों के टीकाकरण में मौजूद रूकावटों को हटाने के लिये और ज़्यादा प्रयास किये जाने होंगे.   

इनमें सब-सहारा अफ़्रीका भी है जहाँ कोविड-19 संक्रमण के नए मामलों में तेज़ उछाल देखने को मिला है, यहाँ अनेक टीकाकरण केन्द्र, उन इलाक़ों से दूर हैं जहाँ शरणार्थी रहते हैं.

कुछ देशों में, लोगों से टीकाकरण से पहले पहचान दस्तावेज़ों की माँग की गई है, और अनेक शरणार्थियों के पास ये उपलब्ध नहीं हैं.  

अन्य देशों ने ऑनलाइन वैक्सीन पंजीकरण प्रणालियों को स्थापित किया है, मगर इण्टरनेट के दायरे से दूर या निरक्षर लोगों के इस सुविधा से वंचित रह जाने की आशंका है.  

यूएन एजेंसी ने बताया कि अनेक देशों ने सकारात्मक क़दम उठाए हैं और मोल्दोवा व सर्बिया ने आश्रय-स्थलों तक वैक्सीन की ख़ुराकों को पहुँचाया है. 

वहीं सेनेगल और कैमरून में, शरणार्थियों को उनके समुदायों के नज़दीक स्थित केन्द्रों में पंजीकरण की सुविधा दी गई है. 

पुर्तगाल में उन लोगों के लिये एक विशिष्ट पंजीकरण प्रणाली को शुरू किया गया है जिनके पास दस्तावेज़ नहीं हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय स्तर पर टीकाकरण के दायरे से किसी को भी बाहर ना छूटने दिया जाए.  

यूएन एजेंसी अधिकारी ने कहा, “दुनिया भर में, हमने कोविड-19 टीकाकरण योजना में शरणार्थियों को पीछे ना छोड़ देने अटल संकल्प देखा है. मगर टीकाकरण में अवरोध बरक़रार हैं.”

उन्होंने सचेत किया कि शरणार्थियों के समावेशन के आश्वासन को वास्तविकता में बदलने के लिये मज़बूत प्रयासों की आवश्यकता है. 

यूएन एजेंसी ने अपने बयान में सभी सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने की इच्छा ज़ाहिर की है ताकि वर्ष 2021 के अन्त तक कम से कम 20 फ़ीसदी शरणार्थियों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके.  

न्यायसंगत वैक्सीन वितरण के लिये यूएन की कोवैक्स पहल में यही लक्ष्य निर्धारित किया गया है.  

शरणार्थी एजेंसी ने अन्य देशों से वैक्सीन की अतिरिक्त ख़ुराकों को निम्नतर और मध्य आय वाले देशों के साथ साझा करने और कोवैक्स पहल को समर्थन देने का आग्रह किया है.

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