‘कोविड-19 से उबरने के प्रयासों में भ्रष्टाचार को नहीं घुसने दिया जा सकता’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोरोनावायरस महामारी की छाया में भ्रष्टाचार को फलने-फूलने का मौक़ा मिल गया है, और भ्रष्टाचार की जड़ में शामिल तत्वों को, नई वैक्सीन की उपलब्धता का फ़ायदा उनके स्वार्थ के लिये उठाने से रोका जाना होगा.

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, बुधवार को, अन्तरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस पर सन्देश में यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया कि कोविड-19 महामारी से उबरने के प्रयास, भ्रष्टाचार और बेईमान हरकतों के कारण बाधित ना हों.
यूएन प्रमुख ने कहा, “तमाम देश, अर्थव्यवस्थाओं को फिर से पटरी पर लाने, आपात सहायता मुहैया कराने और चिकित्सा सामग्रियों की ख़रीदारी में, भारी रक़म, तेज़ी से ख़र्च कर रही हैं.” 

#Corruption has the potential to exacerbate the current health, social, economic & humanitarian crises. To RECOVER with INTEGRITY preventing & fighting corruption in the health sector is crucial to ensure the effective functioning of health care systems. #UnitedAgainstCorruption pic.twitter.com/04ZoFyuO1D— UN Office on Drugs & Crime (@UNODC) December 8, 2020

“ऐसे में, ठोस निगरानी में भूल हो सकती है. और वैक्सीनों का विकास होना और इलाजों में, रिश्वतख़ोरी और फ़ायदा कमाने के जोखिम सामने आ सकते हैं.”
उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार, ऐसे लोगों से उनके संसाधन छीन लेता है, जिनकी उन्हें ज़रूरत होती है, भ्रष्टाचार से संस्थाओं में भरोसा कम होता है, वायरस के कारण उजागर हुईं असमानताएँ और गम्भीर होती हैं, और एक मज़बूत पुनर्बहाली के रास्ते में बाधाएँ उत्पन्न होती हैं.”
“हम, आर्थिक रिकवरी के लिये निर्धारित धन और अन्य अहम आपात संसाधनों को हाथ से नहीं निकलने दे सकते… महामारी से उबरने के प्रयासों में, भ्रष्टाचार और रिश्वतख़ोरी की रोकथाम और उसका मुक़ाबला करने के उपाय भी शामिल करने होंगे.”
वृहद साझेदारियाँ
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने सन्देश में, निगरानी, जवाबदेही और पार्दर्शिता को मज़बूत करने के वास्ते वृहद साझेदारियों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. इन प्रयासों में, भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ यूएन कन्वेन्शन द्वारा मुहैया कराए गए, वैश्विक भ्रष्टाचार निरोधक प्रावधनों और उपकरणों का सहारा लिया जाना चाहिये.
उन्होंने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कार्रवाई को, वृहद राष्ट्र और अन्तरराष्ट्रीय सुधारों और स्वच्छ प्रशासन को मज़बूत करने के उपायों का हिस्सा बनाए जाने का आहवान किया. इनमें अवैध वित्तीय लेनदारियां और कर चोरी के लिये सुरक्षित इलाक़ों से निपटना और चुराई हुई सम्पदाओं की वापसी जैसे उपाय भी शामिल हैं, और ये सब टिकाऊ विकास लक्ष्यों के अनुरूप करना होगा.
यूएन प्रमुख ने कहा, “अन्तरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस पर, हम सभी – देशों की सरकारें, कारोबारी संगठन, सिविल सोलायटी और तमाम साझेदार, जवाबदेही को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार व रिश्वतख़ोरी का ख़ात्मा करने के लिये, और एक ज़्यादा न्यायसंगत व समान दुनिया बनाने की ख़ातिर, एकजुट होकर काम करने का संकल्प लें.”
अन्तरारष्ट्रीय दिवस
अन्तरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस, हर वर्ष 9 दिसम्बर को बनाया जाता है. यूएन महासभा ने, भ्रष्टाचार के बारे में, और इसकी रोकथाम व इससे निपटने के प्रयासों में, यूएन कन्वेन्शन की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये, ये दिवस, वर्ष 2003 में शुरू किया था. 
इस वर्ष, ये दिवस, कोविड-19 महामारी से उबरने के प्रयासों के बीच मनाया जा रहा है, जिसमें इस मुद्दे पर ख़ास ज़ोर दिया गया है कि टिकाऊ पुनर्बहाली ईमानदारी और जवाबदेही के बल पर ही हासिल की जा सकती है.
इस दिवस के तहत, ऐसे कार्यक्रम व गतिविधियाँ आयोजित किये जा रहे हैं जिनके ज़रिये सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र, महामारी का मुक़ाबला करने के लिये आपात व आर्थिक उपायों और निजी क्षेत्र में, जवाबदेही को बढ़ावा देने पर ख़ास ज़ोर है.
इसके अतिरिक्त, खेलकूद में भ्रष्टाचार और लिंग व भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी ख़ास ध्यान खींचा गया है. विकास व शान्ति में खेलों की महत्ता पर ज़ोर दिया गया है और विविधता के ज़रिये, भ्रष्ट नैटवर्कों को तोड़ दिये जाने की तरफ़ भी ध्यान आकर्षित किया गया है. , संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि कोरोनावायरस महामारी की छाया में भ्रष्टाचार को फलने-फूलने का मौक़ा मिल गया है, और भ्रष्टाचार की जड़ में शामिल तत्वों को, नई वैक्सीन की उपलब्धता का फ़ायदा उनके स्वार्थ के लिये उठाने से रोका जाना होगा.

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, बुधवार को, अन्तरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस पर सन्देश में यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया कि कोविड-19 महामारी से उबरने के प्रयास, भ्रष्टाचार और बेईमान हरकतों के कारण बाधित ना हों.

यूएन प्रमुख ने कहा, “तमाम देश, अर्थव्यवस्थाओं को फिर से पटरी पर लाने, आपात सहायता मुहैया कराने और चिकित्सा सामग्रियों की ख़रीदारी में, भारी रक़म, तेज़ी से ख़र्च कर रही हैं.” 

“ऐसे में, ठोस निगरानी में भूल हो सकती है. और वैक्सीनों का विकास होना और इलाजों में, रिश्वतख़ोरी और फ़ायदा कमाने के जोखिम सामने आ सकते हैं.”

उन्होंने कहा, “भ्रष्टाचार, ऐसे लोगों से उनके संसाधन छीन लेता है, जिनकी उन्हें ज़रूरत होती है, भ्रष्टाचार से संस्थाओं में भरोसा कम होता है, वायरस के कारण उजागर हुईं असमानताएँ और गम्भीर होती हैं, और एक मज़बूत पुनर्बहाली के रास्ते में बाधाएँ उत्पन्न होती हैं.”

“हम, आर्थिक रिकवरी के लिये निर्धारित धन और अन्य अहम आपात संसाधनों को हाथ से नहीं निकलने दे सकते… महामारी से उबरने के प्रयासों में, भ्रष्टाचार और रिश्वतख़ोरी की रोकथाम और उसका मुक़ाबला करने के उपाय भी शामिल करने होंगे.”

वृहद साझेदारियाँ

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपने सन्देश में, निगरानी, जवाबदेही और पार्दर्शिता को मज़बूत करने के वास्ते वृहद साझेदारियों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. इन प्रयासों में, भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ यूएन कन्वेन्शन द्वारा मुहैया कराए गए, वैश्विक भ्रष्टाचार निरोधक प्रावधनों और उपकरणों का सहारा लिया जाना चाहिये.

उन्होंने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कार्रवाई को, वृहद राष्ट्र और अन्तरराष्ट्रीय सुधारों और स्वच्छ प्रशासन को मज़बूत करने के उपायों का हिस्सा बनाए जाने का आहवान किया. इनमें अवैध वित्तीय लेनदारियां और कर चोरी के लिये सुरक्षित इलाक़ों से निपटना और चुराई हुई सम्पदाओं की वापसी जैसे उपाय भी शामिल हैं, और ये सब टिकाऊ विकास लक्ष्यों के अनुरूप करना होगा.

यूएन प्रमुख ने कहा, “अन्तरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस पर, हम सभी – देशों की सरकारें, कारोबारी संगठन, सिविल सोलायटी और तमाम साझेदार, जवाबदेही को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार व रिश्वतख़ोरी का ख़ात्मा करने के लिये, और एक ज़्यादा न्यायसंगत व समान दुनिया बनाने की ख़ातिर, एकजुट होकर काम करने का संकल्प लें.”

अन्तरारष्ट्रीय दिवस

अन्तरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस, हर वर्ष 9 दिसम्बर को बनाया जाता है. यूएन महासभा ने, भ्रष्टाचार के बारे में, और इसकी रोकथाम व इससे निपटने के प्रयासों में, यूएन कन्वेन्शन की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिये, ये दिवस, वर्ष 2003 में शुरू किया था. 

इस वर्ष, ये दिवस, कोविड-19 महामारी से उबरने के प्रयासों के बीच मनाया जा रहा है, जिसमें इस मुद्दे पर ख़ास ज़ोर दिया गया है कि टिकाऊ पुनर्बहाली ईमानदारी और जवाबदेही के बल पर ही हासिल की जा सकती है.

इस दिवस के तहत, ऐसे कार्यक्रम व गतिविधियाँ आयोजित किये जा रहे हैं जिनके ज़रिये सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र, महामारी का मुक़ाबला करने के लिये आपात व आर्थिक उपायों और निजी क्षेत्र में, जवाबदेही को बढ़ावा देने पर ख़ास ज़ोर है.

इसके अतिरिक्त, खेलकूद में भ्रष्टाचार और लिंग व भ्रष्टाचार के मुद्दों पर भी ख़ास ध्यान खींचा गया है. विकास व शान्ति में खेलों की महत्ता पर ज़ोर दिया गया है और विविधता के ज़रिये, भ्रष्ट नैटवर्कों को तोड़ दिये जाने की तरफ़ भी ध्यान आकर्षित किया गया है. 

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