कोवैक्स पहल: कोरोनावायरस वैक्सीन की ऐतिहासिक खेप पहुँची घाना

कोविड-19 महामारी पर क़ाबू पाने के प्रयासों के तहत, जीवनरक्षक कोरोनावायरस वैक्सीन की छह लाख ख़ुराकों की खेप, घाना पहुँच गई है. ऑक्सफ़र्ड युनिवर्सिटी और ऐस्ट्राज़ेनेका द्वारा विकसित इन  टीकों की आपूर्ति संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में कोवैक्स पहल के अन्तर्गत पहली बार किसी देश में की गई है, जिसे ऐतिहासिक क़रार दिया गया है.  इस पहल का लक्ष्य, सभी ज़रूरतमन्द देशों तक, कोविड-19 वैक्सीन का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना है.

घाना भेजे गए टीकों का उत्पादन भारत के सीरम इन्स्टीट्यूट में किया गया है, और संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली ‘कोवैक्स पहल’ के तहत ये टीके, पहली बार भारत से बाहर भेजे गए हैं.  
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने (WHO), बुधवार को, इस ख़बर की पुष्टि करते हुए कहा कि ऑक्सफ़र्ड-एस्ट्राज़ेनेका द्वारा विकसित वैक्सीनों की आपूर्ति जल्द ही आइवरी कोस्ट में की जाएगी.  

Today, #Ghana🇬🇭 became the first country to receive #COVID19 vaccine doses shipped via the COVAX Facility. This is a 𝙝𝙞𝙨𝙩𝙤𝙧𝙞𝙘 𝙨𝙩𝙚𝙥 towards our goal to ensure equitable distribution of COVID-19 vaccines globally. #VaccinEquity➡️ https://t.co/GDJP4IjBsN pic.twitter.com/efiji9cDIP— World Health Organization (WHO) (@WHO) February 24, 2021

वैक्सीन वितरण के प्रयासों में तेज़ी लाते हुए टीकों की आपूर्ति को जल्द ही उन सदस्य देशों में भेजा जाएगा, जिन्होंने वितरण के लिये अनिवार्य शर्तों को पूरा कर लिया है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस और कोवैक्स पहल के अन्य साझीदार संगठनों, वैक्सीन अलायन्स (GAVI) और महामारी से मुक़ाबले की तैयारी के लिये गठबन्धन (Coalition for Epidemic Preparedness Innovations/CEPI) ने वैक्सीनों की खेप घाना पहुँचने का स्वागत किया है. 
यूएन एजेंसी प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा है कि इस वर्ष के पहले 100 दिनों में सभी स्वास्थ्यकर्मियों और बुज़ुर्गों को टीके लगाए जाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिये अभी बहुत कुछ किये जाने की ज़रूरत है. 
“हम इस महामारी को तब तक कहीं भी ख़त्म नहीं कर सकते, जब तक हम इसका अन्त हर जगह ना कर दें.”
“वैक्सीनों के न्यायसंगत वितरण की साझा दूरदृष्टि को साकार करने की दिशा में आज पहला क़दम लिया गया है, लेकिन यह अभी महज़ शुरुआत है. अभी हमें सरकारों और विनिर्माताओं के साथ मिलकर बहुत काम करना है.” 
न्यायसंगत वितरण का आहवान
CEPI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉक्टर रिचर्ड हैचेट ने न्यायोचित ढँग से सार्वभौमिक वैक्सीन वितरण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा, “कोविड-19 के ख़िलाफ़ रिकॉर्ड समय में अनेक सुरक्षित व कारगर वैक्सीन उपलब्ध हैं.”
लेकिन कोविड-19 के नए प्रकारों का फैलाव भी तेज़ हो रहा है, जिससे महामारी एक ऐसे नए चरण में प्रवेश कर रही है जहाँ उसका अनुमान लगाना कठिन है.  
उन्होंने स्पष्ट किया, “यह अहम है कि जिन वैक्सीनों को हमने विकसित किया है, उन्हें तात्कालिक तौर पर दुनिया भर में साझा किया जाए, ताकि बीमारी का फैलाव कम हो सके, वायरस के रूप बदलने की गति धीमी हो, और महामारी का अन्त किया जा सके.”
कोवैक्स पहल में साझीदार संगठन GAVI के प्रमुख डॉक्टर सेट बर्कले ने इस मुहिम के लिये ज़्यादा समर्थन जुटाने के उद्देश्य से बताया कि घाना में वैक्सीनों का वितरण एक गर्वित कर देने वाला लम्हा है. 
लेकिन यह भी दोहराया जाना होगा कि आगामी हफ़्तों में, इसमें शामिल सभी अर्थव्यवस्थाओं को सबसे ज़्यादा जोखिम झेल रहे लोगों की रक्षा सुनिश्चित करनी होगी, फिर चाहे वे जहाँ भी हों.
उन्होंने सरकारों और व्यवसायों का आहवान किया कि कोवैक्स पहल के लिये फिर से संकल्प लेते हुए इस वायरस को जल्द से जल्द हराना होगा.   
कोरोनावायरस वैक्सीन की ख़ुराकों को पहल में प्रतिभागी देशों तक पहुँचाने के लिये कुछ अनिवार्य शर्तों को पूरा किया जाना अहम है.
इनमें वैक्सीन के लिये राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण से मंज़ूरी, राष्ट्रीय टीकाकरण योजना की उपलब्धता और आयात के लिये लाइसेन्स का होना आवश्यक है.  
मौतों की संख्या में गिरावट
इस बीच, विश्व भर में कोरोनावायरस संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है. 
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने बुधवार को एक अपडेट जारी किया है जिसके अनुसार पिछले सप्ताह 66 हज़ार मौतों की पुष्टि हुई.
संगठन का कहना है कि पश्चिमी प्रशान्त (Western Pacific) के अलावा हर क्षेत्र में मौतों के आँकड़े में कमी आई है, जबकि पश्चिमी प्रशान्त में छह फ़ीसदी ज़्यादा मौतें हुई हैं. 
कोविड-19 संक्रमणों के नए मामलों में भी छह में से चार क्षेत्रों में 11 प्रतिशत की गिरावट आई है. लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में क्रमश: दो और सात फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. 
अब तक, दुनिया भर में कोरोनावायरस के 11 करोड़ से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 24 लाख लोगों की मौत हुई है. 
अमेरिका, ब्राज़ील फ़्राँस, भारत और रूस में भी सबसे ज़्यादा संख्या में संक्रमणों का दर्ज किया जाना जारी है., कोविड-19 महामारी पर क़ाबू पाने के प्रयासों के तहत, जीवनरक्षक कोरोनावायरस वैक्सीन की छह लाख ख़ुराकों की खेप, घाना पहुँच गई है. ऑक्सफ़र्ड युनिवर्सिटी और ऐस्ट्राज़ेनेका द्वारा विकसित इन  टीकों की आपूर्ति संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में कोवैक्स पहल के अन्तर्गत पहली बार किसी देश में की गई है, जिसे ऐतिहासिक क़रार दिया गया है.  इस पहल का लक्ष्य, सभी ज़रूरतमन्द देशों तक, कोविड-19 वैक्सीन का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना है.

घाना भेजे गए टीकों का उत्पादन भारत के सीरम इन्स्टीट्यूट में किया गया है, और संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली ‘कोवैक्स पहल’ के तहत ये टीके, पहली बार भारत से बाहर भेजे गए हैं.  

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने (WHO), बुधवार को, इस ख़बर की पुष्टि करते हुए कहा कि ऑक्सफ़र्ड-एस्ट्राज़ेनेका द्वारा विकसित वैक्सीनों की आपूर्ति जल्द ही आइवरी कोस्ट में की जाएगी.  

वैक्सीन वितरण के प्रयासों में तेज़ी लाते हुए टीकों की आपूर्ति को जल्द ही उन सदस्य देशों में भेजा जाएगा, जिन्होंने वितरण के लिये अनिवार्य शर्तों को पूरा कर लिया है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस और कोवैक्स पहल के अन्य साझीदार संगठनों, वैक्सीन अलायन्स (GAVI) और महामारी से मुक़ाबले की तैयारी के लिये गठबन्धन (Coalition for Epidemic Preparedness Innovations/CEPI) ने वैक्सीनों की खेप घाना पहुँचने का स्वागत किया है. 

यूएन एजेंसी प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा है कि इस वर्ष के पहले 100 दिनों में सभी स्वास्थ्यकर्मियों और बुज़ुर्गों को टीके लगाए जाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिये अभी बहुत कुछ किये जाने की ज़रूरत है. 

“हम इस महामारी को तब तक कहीं भी ख़त्म नहीं कर सकते, जब तक हम इसका अन्त हर जगह ना कर दें.”

“वैक्सीनों के न्यायसंगत वितरण की साझा दूरदृष्टि को साकार करने की दिशा में आज पहला क़दम लिया गया है, लेकिन यह अभी महज़ शुरुआत है. अभी हमें सरकारों और विनिर्माताओं के साथ मिलकर बहुत काम करना है.” 

न्यायसंगत वितरण का आहवान

CEPI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉक्टर रिचर्ड हैचेट ने न्यायोचित ढँग से सार्वभौमिक वैक्सीन वितरण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा, “कोविड-19 के ख़िलाफ़ रिकॉर्ड समय में अनेक सुरक्षित व कारगर वैक्सीन उपलब्ध हैं.”

लेकिन कोविड-19 के नए प्रकारों का फैलाव भी तेज़ हो रहा है, जिससे महामारी एक ऐसे नए चरण में प्रवेश कर रही है जहाँ उसका अनुमान लगाना कठिन है.  

उन्होंने स्पष्ट किया, “यह अहम है कि जिन वैक्सीनों को हमने विकसित किया है, उन्हें तात्कालिक तौर पर दुनिया भर में साझा किया जाए, ताकि बीमारी का फैलाव कम हो सके, वायरस के रूप बदलने की गति धीमी हो, और महामारी का अन्त किया जा सके.”

कोवैक्स पहल में साझीदार संगठन GAVI के प्रमुख डॉक्टर सेट बर्कले ने इस मुहिम के लिये ज़्यादा समर्थन जुटाने के उद्देश्य से बताया कि घाना में वैक्सीनों का वितरण एक गर्वित कर देने वाला लम्हा है. 

लेकिन यह भी दोहराया जाना होगा कि आगामी हफ़्तों में, इसमें शामिल सभी अर्थव्यवस्थाओं को सबसे ज़्यादा जोखिम झेल रहे लोगों की रक्षा सुनिश्चित करनी होगी, फिर चाहे वे जहाँ भी हों.

उन्होंने सरकारों और व्यवसायों का आहवान किया कि कोवैक्स पहल के लिये फिर से संकल्प लेते हुए इस वायरस को जल्द से जल्द हराना होगा.   

कोरोनावायरस वैक्सीन की ख़ुराकों को पहल में प्रतिभागी देशों तक पहुँचाने के लिये कुछ अनिवार्य शर्तों को पूरा किया जाना अहम है.

इनमें वैक्सीन के लिये राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण से मंज़ूरी, राष्ट्रीय टीकाकरण योजना की उपलब्धता और आयात के लिये लाइसेन्स का होना आवश्यक है.  

मौतों की संख्या में गिरावट

इस बीच, विश्व भर में कोरोनावायरस संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या में लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है. 

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने बुधवार को एक अपडेट जारी किया है जिसके अनुसार पिछले सप्ताह 66 हज़ार मौतों की पुष्टि हुई.

संगठन का कहना है कि पश्चिमी प्रशान्त (Western Pacific) के अलावा हर क्षेत्र में मौतों के आँकड़े में कमी आई है, जबकि पश्चिमी प्रशान्त में छह फ़ीसदी ज़्यादा मौतें हुई हैं. 

कोविड-19 संक्रमणों के नए मामलों में भी छह में से चार क्षेत्रों में 11 प्रतिशत की गिरावट आई है. लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र में क्रमश: दो और सात फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. 

अब तक, दुनिया भर में कोरोनावायरस के 11 करोड़ से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 24 लाख लोगों की मौत हुई है. 

अमेरिका, ब्राज़ील फ़्राँस, भारत और रूस में भी सबसे ज़्यादा संख्या में संक्रमणों का दर्ज किया जाना जारी है.

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