क्यूबा: लगातार 29वें वर्ष, अमेरिकी नाकेबन्दी का अन्त करने के लिये पुरज़ोर समर्थन

संयुक्त राष्ट्र महासभा में 184 देशों ने क्यूबा पर लागू अमेरिकी आर्थिक प्रतिबन्धों को हटाने की माँग करने वाले एक प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया है. यह लगातार 29वाँ साल है जब इस प्रस्ताव को भारी समर्थन हासिल हुआ है जबकि अमेरिका और इसराइल ने इसके ख़िलाफ़ मतदान किया.

न्यूयॉर्क के यूएन मुख्यालय में बुधवार को आयोजित बैठक में प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए. मतदान के दौरान – कोलम्बिया, यूक्रेन और संयुक्त अरब अमीरात अनुपस्थित रहे.  
अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से पुरज़ोर समर्थन के साथ, इस प्रस्ताव को वर्ष 1992 से पारित किया जाता रहा है, जनरल असेम्बली में उस साल, इस मुद्दे पर वार्षिक मतदान की शुरुआत हुई थी. 
हालांकि, वर्ष 2020 में कोविड-19 से बचाव के लिये ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र मतदान नहीं हो पाया था.  
यूएन महासभा में इस वोट का अन्तरराष्ट्रीय कूटनीति के सन्दर्भ में राजनैतिक महत्व है, मगर अमेरिकी काँग्रेस ही पिछले पाँच दशकों से जारी आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय पाबन्दियों को हटाने के सम्बन्ध में फैसला ले सकती है. 
मतदान के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज़ पैरिला भी उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा नाकाबन्दी, क्यूबाई जनता के मानवाधिकारों का व्यापक, खुला और अस्वीकार्य उल्लंघन है.   
क्यूबा के विदेश मंत्री के अनुमान के मुताबिक इन पाबन्दियों से वर्ष 2020 में 90 लाख डॉलर का नुक़सान हुआ है. 

UN Newsहवाना की एक सड़क का दृश्य.

उन्होंने कहा कि हाल के समय में, महामारी के कारण उपजे आर्थिक संकट से प्रभावित एक छोटे देश के विरुद्ध ये प्रतिबन्ध, आर्थिक युद्ध के समान हैं. 
बताया गया है कि मौजूदा परिस्थितियों की वजह से, क्यूबा के लिये कोविड-19 से मुक़ाबले के लिये ज़रूरी मेडिकल उपकरणों, सामग्री व खाद्य उत्पादन सम्बन्धी औज़ार प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हुआ है. 
“वायरस की तरह, नाकेबन्दी भी दम घोंटती है और जान से मारती है, इसे रोका जाना होगा.” 
अमेरिकी मिशन के लिये राजनैतिक समन्वयक रॉडनी हण्टर ने मतदान के दौरान कहा कि ये पाबन्दियाँ, एक ऐसा औज़ार हैं जिनके ज़रिये, क्यूबा में लोकतंत्र व मानवाधिकारों के लिये सम्मान को बढ़ावा देने और स्थानीय नागरिकों के लिये बुनियादी आज़ादियों को समर्थन देने का प्रयास किया जा रहा है. 
अमेरिकी प्रतिनिधि के मुताबिक, नाकेबन्दी के बावजूद अमेरिका क्यूबा की जनता की चुनौतियों को समझता है और इसीलिये वहाँ मानवीय राहत सामग्री का एक बड़ा आपूर्तिकर्ता देश है और मुख्य व्यापारिक साझीदार भी.  , संयुक्त राष्ट्र महासभा में 184 देशों ने क्यूबा पर लागू अमेरिकी आर्थिक प्रतिबन्धों को हटाने की माँग करने वाले एक प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया है. यह लगातार 29वाँ साल है जब इस प्रस्ताव को भारी समर्थन हासिल हुआ है जबकि अमेरिका और इसराइल ने इसके ख़िलाफ़ मतदान किया.

न्यूयॉर्क के यूएन मुख्यालय में बुधवार को आयोजित बैठक में प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए. मतदान के दौरान – कोलम्बिया, यूक्रेन और संयुक्त अरब अमीरात अनुपस्थित रहे.  

अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से पुरज़ोर समर्थन के साथ, इस प्रस्ताव को वर्ष 1992 से पारित किया जाता रहा है, जनरल असेम्बली में उस साल, इस मुद्दे पर वार्षिक मतदान की शुरुआत हुई थी. 

हालांकि, वर्ष 2020 में कोविड-19 से बचाव के लिये ऐहतियाती उपायों के मद्देनज़र मतदान नहीं हो पाया था.  

यूएन महासभा में इस वोट का अन्तरराष्ट्रीय कूटनीति के सन्दर्भ में राजनैतिक महत्व है, मगर अमेरिकी काँग्रेस ही पिछले पाँच दशकों से जारी आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय पाबन्दियों को हटाने के सम्बन्ध में फैसला ले सकती है. 

मतदान के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज़ पैरिला भी उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा नाकाबन्दी, क्यूबाई जनता के मानवाधिकारों का व्यापक, खुला और अस्वीकार्य उल्लंघन है.   

क्यूबा के विदेश मंत्री के अनुमान के मुताबिक इन पाबन्दियों से वर्ष 2020 में 90 लाख डॉलर का नुक़सान हुआ है. 

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हवाना की एक सड़क का दृश्य.

उन्होंने कहा कि हाल के समय में, महामारी के कारण उपजे आर्थिक संकट से प्रभावित एक छोटे देश के विरुद्ध ये प्रतिबन्ध, आर्थिक युद्ध के समान हैं. 

बताया गया है कि मौजूदा परिस्थितियों की वजह से, क्यूबा के लिये कोविड-19 से मुक़ाबले के लिये ज़रूरी मेडिकल उपकरणों, सामग्री व खाद्य उत्पादन सम्बन्धी औज़ार प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हुआ है. 

“वायरस की तरह, नाकेबन्दी भी दम घोंटती है और जान से मारती है, इसे रोका जाना होगा.” 

अमेरिकी मिशन के लिये राजनैतिक समन्वयक रॉडनी हण्टर ने मतदान के दौरान कहा कि ये पाबन्दियाँ, एक ऐसा औज़ार हैं जिनके ज़रिये, क्यूबा में लोकतंत्र व मानवाधिकारों के लिये सम्मान को बढ़ावा देने और स्थानीय नागरिकों के लिये बुनियादी आज़ादियों को समर्थन देने का प्रयास किया जा रहा है. 

अमेरिकी प्रतिनिधि के मुताबिक, नाकेबन्दी के बावजूद अमेरिका क्यूबा की जनता की चुनौतियों को समझता है और इसीलिये वहाँ मानवीय राहत सामग्री का एक बड़ा आपूर्तिकर्ता देश है और मुख्य व्यापारिक साझीदार भी.  

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