खाड़ी क्षेत्र: आपसी मतभेदों को पाटने की घोषणा का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को खाड़ी सहयोग परिषद (Gulf Cooperation Council) की शिखर वार्ता के दौरान क्षेत्रीय एकजुटता और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिये की गई घोषणा का स्वागत किया है. आल उला घोषणा के ज़रिये खाड़ी क्षेत्र में शान्ति व समृद्धि को मज़बूती प्रदान किये जाने का लक्ष्य रखा गया है.  

अल उला घोषणा सऊदी अरब के उस शहर के नाम पर आधारित है जहाँ खाड़ी सहयोग परिषद की 41वीं शिखर बैठक आयोजित की गई है. ताज़ा घोषणा में खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों में पास्परिक एकता की अहमियत पर बल दिया गया है.
साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा, शान्ति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने की बात कही गई है.
महासचिव गुटेरेश ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मिस्र और क़तर के बीच वायुक्षेत्र, भूमि और जल मार्ग खोले जाने की घोषणा का भी स्वागत किया है.
अपने बयान में महासचिव गुटेरेश ने ओमान के स्वर्गीय सुल्तान और क़ुवैत के स्वर्गीय अमीर सहित क्षेत्र के उन अहम नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया है जिन्होंने खाड़ी क्षेत्र में उभरी दरार को पाटने के लिये अथक प्रयास किये हैं.
यूएन प्रमुख ने भरोसा जताया है कि सभी सम्बन्धित पक्ष सकारात्मक भावना के साथ अपने रिश्तों को मज़बूती प्रदान किये जाने की प्रक्रिया जारी रखेंगे.
क्षेत्र में राजनैतिक हालात वर्ष 2017 में उस समय ख़राब हो गये थे जब सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र ने क़तर के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक सम्बन्धों को ख़त्म कर दिया था.
क़तर पर कथित तौर पर ऐसे गुटों को समर्थन देने का आरोप लगाया गया था जिन्हें ये देश आतंकवादी संगठन के रूप में देखते हैं.
क़तर से कुछ माँगों की सूची देते हुए उन्हें पूरा करने के लिये कहा गया था लेकिन उसने इन सभी आरोपों को नकार दिया था., संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को खाड़ी सहयोग परिषद (Gulf Cooperation Council) की शिखर वार्ता के दौरान क्षेत्रीय एकजुटता और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिये की गई घोषणा का स्वागत किया है. आल उला घोषणा के ज़रिये खाड़ी क्षेत्र में शान्ति व समृद्धि को मज़बूती प्रदान किये जाने का लक्ष्य रखा गया है.  

अल उला घोषणा सऊदी अरब के उस शहर के नाम पर आधारित है जहाँ खाड़ी सहयोग परिषद की 41वीं शिखर बैठक आयोजित की गई है. ताज़ा घोषणा में खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों में पास्परिक एकता की अहमियत पर बल दिया गया है.

साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा, शान्ति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने की बात कही गई है.

महासचिव गुटेरेश ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मिस्र और क़तर के बीच वायुक्षेत्र, भूमि और जल मार्ग खोले जाने की घोषणा का भी स्वागत किया है.

अपने बयान में महासचिव गुटेरेश ने ओमान के स्वर्गीय सुल्तान और क़ुवैत के स्वर्गीय अमीर सहित क्षेत्र के उन अहम नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया है जिन्होंने खाड़ी क्षेत्र में उभरी दरार को पाटने के लिये अथक प्रयास किये हैं.

यूएन प्रमुख ने भरोसा जताया है कि सभी सम्बन्धित पक्ष सकारात्मक भावना के साथ अपने रिश्तों को मज़बूती प्रदान किये जाने की प्रक्रिया जारी रखेंगे.

क्षेत्र में राजनैतिक हालात वर्ष 2017 में उस समय ख़राब हो गये थे जब सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र ने क़तर के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक सम्बन्धों को ख़त्म कर दिया था.

क़तर पर कथित तौर पर ऐसे गुटों को समर्थन देने का आरोप लगाया गया था जिन्हें ये देश आतंकवादी संगठन के रूप में देखते हैं.

क़तर से कुछ माँगों की सूची देते हुए उन्हें पूरा करने के लिये कहा गया था लेकिन उसने इन सभी आरोपों को नकार दिया था.

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