जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में अमेरिका की वापसी का स्वागत

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने शपथ ग्रहण समारोह के तुरन्त बाद जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में फिर शामिल होने की घोषणा की है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने राष्ट्रपति बाइडन की इस घोषणा का स्वागत किया है और जलवायु कार्रवाई की रफ़्तार को आगे बढ़ाने के लिये नए नेतृत्व के साथ काम करने की उत्सुकता ज़ाहिर की है.

राष्ट्रपति बाइडन ने शपथ ग्रहण समारोह के कुछ ही घण्टों के बाद एक कार्यकारी आदेश जारी किया है. इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प के प्रशासन द्वारा वर्ष 2015 के पेरिस जलवायु समझौते से पीछे हटने के फ़ैसले को पलट दिया गया है. 

I warmly welcome @POTUS Joe Biden’s steps for the USA to re-enter the #ParisAgreement, the global roadmap to tackle the climate emergency.With all countries fully engaged, we have a real opportunity to prevent climate catastrophe & embark on transformative #ClimateAction.— António Guterres (@antonioguterres) January 20, 2021

पेरिस समझौते में वैश्विक तापमान में बढोत्तरी को रोकने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जनों में कटौती का महत्वाकाँक्षी लक्ष्य रखा गया है. 
यूएन प्रमुख ने कहा, “मैं जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते और जलवायु संकट से निपटने के लिये महत्वाकाँक्षी कार्रवाई हेतु सरकारों, शहरों, प्रान्तों, व्यवसायों और लोगों के बढ़ते गठबन्धन में फिर शामिल होने के लिये राष्ट्रपति बाइडन द्वारा उठाये गये क़दमों का गर्मजोशी से स्वागत करता हूँ.”
अमेरिका उन 194 देशों में शामिल रहा है जिन्होंने दिसम्बर 2015 में समझौते पर हस्ताक्षर किये थे. 
तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के बाद राष्ट्रपति पद की ज़िम्मेदारी सम्भालने वाले डॉनल्ड ट्रम्प ने तीन वर्ष पहले इस समझौते से क़दम वापिस खींचने की घोषणा की थी. 
यह निर्णय पिछले वर्ष नवम्बर में अमल में आ गया था. 
कार्बन तटस्थता की ओर लम्बा सफ़र
पेरिस समझौते में सरकारों से अपेक्षा की गई है कि राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई योजनाओं के ज़रिये महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाया जायेगा. 
महासचिव गुटेरेश ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि दिसम्बर 2020 में एक शिखर वार्ता के बाद वैश्विक स्तर पर कुल मिलाकर 50 फ़ीसदी कार्बन प्रदूषण के लिये ज़िम्मेदार देशों ने कार्बन तटस्थता (नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य) हासिल करने का संकल्प लिया है. 
“आज राष्ट्रपति बाइडन का संकल्प उस आँकड़े को दो-तिहाई तक ले आया है. लेकिन अभी एक लम्बा रास्ता तय करना है.”
“जलवायु संकट का बदतर होना जारी है, और 1.5 डिग्री सेल्सिय तक तापमान में बढ़ोत्तरी को सीमित करने और सबसे निर्बलों की रक्षा के लिये मददगार और ज़्यादा जलवायु सहनशील समाजों के निर्माण का समय निकला जा रहा है.” 
यूएन प्रमुख ने नए अमेरिकी राष्ट्रपति और अन्य विश्व नेताओं के साथ जलवायु संकट को हल करने और कोविड-19 से पुनर्बहाली के लिये मिलकर काम करने के संकल्प को रेखांकित किया है., अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने शपथ ग्रहण समारोह के तुरन्त बाद जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते में फिर शामिल होने की घोषणा की है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने राष्ट्रपति बाइडन की इस घोषणा का स्वागत किया है और जलवायु कार्रवाई की रफ़्तार को आगे बढ़ाने के लिये नए नेतृत्व के साथ काम करने की उत्सुकता ज़ाहिर की है.

राष्ट्रपति बाइडन ने शपथ ग्रहण समारोह के कुछ ही घण्टों के बाद एक कार्यकारी आदेश जारी किया है. इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प के प्रशासन द्वारा वर्ष 2015 के पेरिस जलवायु समझौते से पीछे हटने के फ़ैसले को पलट दिया गया है. 

पेरिस समझौते में वैश्विक तापमान में बढोत्तरी को रोकने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जनों में कटौती का महत्वाकाँक्षी लक्ष्य रखा गया है. 

यूएन प्रमुख ने कहा, “मैं जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते और जलवायु संकट से निपटने के लिये महत्वाकाँक्षी कार्रवाई हेतु सरकारों, शहरों, प्रान्तों, व्यवसायों और लोगों के बढ़ते गठबन्धन में फिर शामिल होने के लिये राष्ट्रपति बाइडन द्वारा उठाये गये क़दमों का गर्मजोशी से स्वागत करता हूँ.”

अमेरिका उन 194 देशों में शामिल रहा है जिन्होंने दिसम्बर 2015 में समझौते पर हस्ताक्षर किये थे. 

तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के बाद राष्ट्रपति पद की ज़िम्मेदारी सम्भालने वाले डॉनल्ड ट्रम्प ने तीन वर्ष पहले इस समझौते से क़दम वापिस खींचने की घोषणा की थी. 

यह निर्णय पिछले वर्ष नवम्बर में अमल में आ गया था. 

कार्बन तटस्थता की ओर लम्बा सफ़र

पेरिस समझौते में सरकारों से अपेक्षा की गई है कि राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई योजनाओं के ज़रिये महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाया जायेगा. 

महासचिव गुटेरेश ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि दिसम्बर 2020 में एक शिखर वार्ता के बाद वैश्विक स्तर पर कुल मिलाकर 50 फ़ीसदी कार्बन प्रदूषण के लिये ज़िम्मेदार देशों ने कार्बन तटस्थता (नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य) हासिल करने का संकल्प लिया है. 

“आज राष्ट्रपति बाइडन का संकल्प उस आँकड़े को दो-तिहाई तक ले आया है. लेकिन अभी एक लम्बा रास्ता तय करना है.”

“जलवायु संकट का बदतर होना जारी है, और 1.5 डिग्री सेल्सिय तक तापमान में बढ़ोत्तरी को सीमित करने और सबसे निर्बलों की रक्षा के लिये मददगार और ज़्यादा जलवायु सहनशील समाजों के निर्माण का समय निकला जा रहा है.” 

यूएन प्रमुख ने नए अमेरिकी राष्ट्रपति और अन्य विश्व नेताओं के साथ जलवायु संकट को हल करने और कोविड-19 से पुनर्बहाली के लिये मिलकर काम करने के संकल्प को रेखांकित किया है.

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