Latest News Site

News

ज्यादा एंटीबायोटिक लेने से हो सकती हैं पेट की गंभीर बीमारियां

ज्यादा एंटीबायोटिक लेने से हो सकती हैं पेट की गंभीर बीमारियां
December 02
09:35 2018

रोजाना की दौड़ती-भागती जिंदगी में अक्सर हम लोग सरदर्द, पेटदर्द या बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी एंटीबायोटिक दवा ले लेते हैं और तबीयत ठीक होने पर अक्सर ऐसा करते रहते हैं लेकिन चिकित्सकों ने जरूरत से अधिक एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन करने पर डायरिया जैसी पेट की गंभीर बीमारियां होने की चेतावनी दी है।

नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल के इंटरनल मेडीसिन सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सतीश कौल ने आईएएनएस से कहा, “जरूरत से अधिक एंटीबायोटिक का सेवन आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे आपको डायरिया जैसी पेट की बीमारियां हो सकती हैं। गलत एंटीबायोटिक लेना भी एक समस्या बन सकता है अगर आपको उस दवा से एलर्जी है तो।”

उन्होंने कहा, “किसी भी एंटीबायोटिक का गलत या जरूरत से अधिक इस्तेमाल कई परेशानियां खड़ी कर सकता है जैसे कि इंफेक्शन जल्दी ठीक न हो पाना आदि। इससे ऐंटीबायोटिक रेसिस्टेंट ऑर्गेज्मस भी विकसित हो सकते हैं। अगर आप बिना डॉक्टर की सलाह के कोइ ऐन्टीबायोटिक लगातार लेते रहेंगे तो यह खतरा बहुत बढ़ सकता है।”

डॉ. सतीश कौल ने कहा, “वर्तमान में एंटीबायोटिक प्रतिरोधक क्षमता विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन गयी है। हमें अधिक से अधिक लोगों को एंटीबायोटिक्स के सही उपयोग और उसके फंक्शन के बारे में बताना चाहिए ताकि इस समस्या का निदान हो सके। हमें इस समस्या को गंभीरता से लेने की जरूरत है।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मुताबिक, एंटीबायोटिक दवाएं, वायरस संक्रमण को रोकने और इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली दवाएं हैं। एंटीबायोटिक प्रतिरोध तब होता है, जब इन दवाओं के उपयोग के जवाब में बैक्टीरिया अपना स्वरूप बदल लेता है।

ज्यादा एंटीबायोटिक लेने से हो सकती हैं पेट की गंभीर बीमारियां

डब्लूएचओ) के मुताबिक, “बिना जरूरत के एंटीबायोटिक दवा लेने से एंटीबायोटिक प्रतिरोध में वृद्धि होती है, जो कि वैश्विक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है। एंटीबायोटिक प्रतिरोध संक्रमण से मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने, इलाज के लिए अधिक राशि और बीमारी गंभीर होने पर मरीज की मौत भी हो सकती है।”

डब्लूएचओ के मुताबिक, एंटीबायोटिक प्रतिरोध संक्रमण किसी भी देश में किसी भी आयुवर्ग और किसी को भी प्रभावित कर सकता है। साथ ही जब बैक्टीरिया एंटीबायोटिक के प्रतिरोध हो जाता है तो आम से संक्रमण का भी इलाज नहीं किया जा सकता।

वहीं श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट के इंटरनल मेडीसिन सीनियर कंसलटेंट डॉ. अरविन्द अग्रवाल ने आईएएनएस को बताया, ” आजकल सरदर्द, पेटदर्द या बुखार होने पर हम बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी एंटीबायोटिक दवा ले लेते हैं। कई बार तो हम बिना किसी जरूरत के भी एंटीबायोटिक लेते रहते हैं। बिना आवश्यकता के और नियमित रूप से एंटीबायोटिक लेते रहते से आपके शरीर के माइक्रोब्स या बैक्टीरिया खुद को बदल लेते हैं जिससे एंटीबायोटिक्स उन्हें हानि नहीं पहुंचा पाते।”

उन्होंने कहा, “यह एंटीबायोटिक प्रतिरोध क्षमता कहलाती है। एंटीबायोटिक का जरूरत से अधिक इस्तेमाल करने से सबसे प्रभावशाली एंटीबायोटिक दवाइयों का भी कुछ बैक्टीरिया पर असर नहीं पड़ता। ये बैक्टीरिया अपने आप को इस तरह बदल लेते हैं कि दवा, केमिकल्स या इंफेक्शन हटाने वाले किसी भी इलाज का इनपर या तो बिलकुल ही असर नहीं पड़ता या फिर बहुत कम असर पड़ता है।”

डॉ. अरविन्द अग्रवाल ने कहा, “ऐसे बैक्टीरिया न सिर्फ दवाइयों से खुद को बचा लेते हैं बल्कि अपनी संख्या भी बढ़ाते रहते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अधिक खतरनाक साबित होता है। बैक्टीरिया और इससे होने वाली बीमारियों को खत्म करने के लिए ली जाती हैं और यह सर्दी, खांसी, बुखार जैसे वायरल इंफेक्शन को खत्म नहीं कर सकता।”

–आईएएनएस

G.E.L Shop Association
kallu
Novelty Fashion Mall
Fly Kitchen
Harsha Plastics
Status
Tanishq
Akash
Swastik Tiles
Reshika Boutique
Paul Opticals
Metro Glass
Krsna Restaurant
Motilal Oswal
Chotanagpur Handloom
Kamalia Sales
Home Essentials
Raymond

About Author

admin_news

admin_news

Related Articles

0 Comments

No Comments Yet!

There are no comments at the moment, do you want to add one?

Write a comment

Write a Comment

Sponsored Ad

SPONSORED ADS SPONSORED ADS SPONSORED ADS

LATEST ARTICLES

    चाणक्य के अनमोल विचार : भाग-40

चाणक्य के अनमोल विचार : भाग-40

0 comment Read Full Article

Subscribe to Our Newsletter