Latest News Site

News

झारखंड की शांति भंग करने वालों से सख्ती से निपटेगी सरकार : हेमंत

झारखंड की शांति भंग करने वालों से सख्ती से निपटेगी सरकार : हेमंत
January 26
12:53 2020

दुमका 26 जनवरी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शासन और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करने की हिदायत देते हुए आज कहा कि सरकार राज्य की शांति भंग करने वालों से सख्ती से निपटेगी।

श्री सोरेन ने 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उप राजधानी दुमका के पुलिस लाइन मैदान में झंडोत्तोलन के बाद राज्य की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन संवेदनशीलता से काम करेगा। साथ ही, उनकी सरकार राज्य की शांति भंग करने वाले तत्वों से कड़ाई से निपटेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा तथा लोहरदग्गा की घटना मैं मर्माहत हूं। राज्य के हर नागरिक से यह अपील करता हूं कि संविधान से मिले अपने अधिकारों के तहत अपनी बात रखें। सभी को अपनी बात कहने का हक़ है। सभी को अपनी परम्परा और संस्कृति के अनुसार जीने का अधिकार है। देश का संविधान सभी को अपना धर्म संप्रदाय भाषा परंपरा और संस्कृति के अनुसार जीवन जीने का अधिकार देता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि धान, गेहूं जैसी मुख्य फसलों के साथ सब्जियों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को मुहैया कराया जाएगा। श्री सोरेन ने व्यक्ति निर्माण पर ज़ोर देते हुए कहा कि संरचना विकास से केवल ढांचा तैयार हो ता है,पर व्यक्ति निर्माण के आधार पर विकास से हर चेहरे पर खुशहाली की चमक आती है।
श्री सोरेन ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ को बेहतर बनाने तथा पर्यटन को विकसित करने सहित विभिन्न विकास योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तार से चर्चा की। समारोह में संथालपरगना के आयुक्त अरविंद कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक राजकुमार लकड़ा, उपायुक्त राजेश्वरी बी., पुलिस अधीक्षक वाई. एस. रमेश सहित जिले के वरीय प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए।
गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर जिला प्रशासन, ग्रामीण विकास अभिकरण, सूचना जनसंपर्क, गव्य विकास सहित विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक झांकियां निकाली गई। समारोह में मुख्यमंत्री ने आकर्षक बेहतरीन झांकियों की टीम को पुरस्कृत किया।

श्री सोरेन ने कहा कि यह राज्य संविधान के प्रावधानों और उच्चतम न्यायालय के फैसले के अनुसार चलेगा। किसी को यह अधिकार नहीं दिया जा सकता है कि वे संविधान को चुनौती दें, किसी को भी हिंसा करने की छूट नहीं दी जा सकती। राज्य की शान्ति बिगाड़ने वालों के खिलाफ सरकार सख्ती से पेश आएगी। उन्होंने कहा कि भीड़तंत्र के आगे न तो हमारी सरकार झुकेगी और न ही किसी भीड़तंत्र को अपनी मनमानी करने की छूट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीम राव अम्बेडकर का संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं है। उन्होंने संविधान के संकल्पों का स्मरण कराते हुए कहा कि संविधान में सभी को समान रूप से जीने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने रोजगार सबसे बड़ी चुनौती है। सरकार सबसे पहले पंचायत से लेकर जिला एवं राज्य स्तर पर रिक्तियों को भरने का कार्य करेगी। सरकार ने युवाओं को हुनरमंद बनाकर बनाने और रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
श्री सोरेन ने कहा कि सरकार बड़े बांधों के संरचना निर्माण और विस्थापन के औचित्य को देखते हुए पूर्व के निर्णयों की उपयोगिता, लाभ और प्रभावों के आधार पर समीक्षा करगी। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के केन्द्र में झारखंड की मूल चेतना के साथ विकास की की अवधारणा ही रहेगी।इसी सोच के तहत राज्य सरकार जल,जंगल और जमीन की चेतना के साथ किसानों-मजदूरों के साथ पूर्ण दृढ़ता से खड़ी रहेगी।
(वार्ता)

TBZ
G.E.L Shop Association
Novelty Fashion Mall
Status
Akash
Swastik Tiles
Reshika Boutique
Paul Opticals
Metro Glass
Krsna Restaurant
Motilal Oswal
Chotanagpur Handloom
Kamalia Sales
Home Essentials
Raymond

About Author

Prashant Kumar

Prashant Kumar

Related Articles

0 Comments

No Comments Yet!

There are no comments at the moment, do you want to add one?

Write a comment

Only registered users can comment.

Sponsored Ad

SPONSORED ADS SPONSORED ADS SPONSORED ADS SPONSORED ADS SPONSORED ADS

LATEST ARTICLES

    पश्चिमी देशों की संस्कृति की भांति भारत में भी उम्रदराज पुरुषों से शादी का प्रचलन दिखाई देने लगा है?

पश्चिमी देशों की संस्कृति की भांति भारत में भी उम्रदराज पुरुषों से शादी का प्रचलन दिखाई देने लगा है?

Read Full Article