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झारखंड न्यूज ऑफ द डे : ‘108 एम्बुलेंस सेवा बना गुमला के लोगों के लिए जीवन रक्षक’

September 22
09:20 2019

इनसाइट ऑनलाइन न्यूज़ डेस्क

बिमारी और हादसे दस्तक देकर नहीं आते। पर इनके आने से इंसान के जीवन में उथल पुथल जरूर मच जाती है। बिमारी अक्सर लोगों को झकझोर देती है फिर चाहे वो आर्थिक तौर पर हो या मानसिक तौर पर।

हादसों की अगर हम बात करें तो अक्सर हादसे की स्थिति में जब लोगों की जान पर बन आती है, तब सबसे पहले जरूरत पड़ती है उस हादसे के शिकार व्यक्ति को एम्बुलेंस सेवा की। सड़क दुर्घटनाओं से ज्यादातर मौतें समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण होती है। कई बार जिंदगी और मौत के बीच इतना कम फासला होता है कि एक-एक पल बेहद कीमती होता है।

ऐसी स्थिति में लोगों को सही उपचार मिलने से उनकी जान बचाई जा सकती है। किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में मरीज को प्राथमिक चिकित्सा देते हुए तुरंत नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने शुरू की इमरजेंसी मेडिकल एम्बुलेंस सेवा। जी हां!! अब आप या आपके आसपास किसी कि अचानक तबियत बिगड़ने एवं अकस्मिक दुर्धटना जैसे आपातकालीन स्थिति में उक्त व्यक्ति को तत्काल इलाज की जरूरत होने पर आप टोल फ्री संख्या 108 पर डायल कर सकते हैं।

आदिवासी बहुल जिला गुमला में लोगों को आपातकालीन चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार की 108 नं0 एम्बुलेंस सेवा यहां के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है।

आपको बता दें कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में 108 नं0 पर डायल करने से कॉल सेन्टर मरीज के बारे एवं उसके लोकेशन की जानकारी लेता है व उक्त लोकेशन पर जीपीएस के माध्यम से मात्र 4 मिनट के अंदर नजदीकी एम्बुलेंस जो उस वक्त घटनास्थल ससे सबसे नजदीक हो उसे सूचित करता है। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस शहरी क्षेत्र में अधिकतम 25 मिनट, अर्द्ध शहरी क्षेत्र में 40 मिनट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 55 मिनट के अंदर पहुंच जाती है। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस सेवा दुर्गम पहाड़ी एवं पिछड़े इलाकों में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

यह एम्बुलेंस अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं से लैस है। एंबुलेंस में लाईफ सपोर्ट सिस्टम के अलावा चालक, दक्ष इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन या पारा मेडिकल स्टाफ मौजूद रहते हैं।

जिनके जरिये 24 घंटे मरीजों को सेवा दी जाती है। ज्ञातव्य हो कि इस एम्बुलेंस में मरीजों के लिए स्लीपर स्ट्रेचर के सुविधा के साथ ही एम्बुलेंस में फर्स्ट एड बॉक्स, ऑक्सीजन सिलिंडर, मरहम-पट्टी, इमरजेंसी दवा की सुविधा सहित अन्य जरूरी उपकरण भी उपलब्ध हैं। जिससे मरीज को तत्काल इलाज की सुविधा दी जा सकती है। इस तरह किसी भी तरह की दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति में लोगों की जान बचाने में यह सेवा अत्यंत कारगर साबित हो रही है।

विदित हो कि गुमला जिले में कुल 11 108 नं0 एम्बुलेंस मौजूद हैं। जिसमें सिसई प्रखंड में 3, बिशुनपुर में 2, गुमला में 5 व पालकोट में 1 एम्बुलेंस मौजूद है। वहीं जिले में नवम्बर 2017 से अबतक 7,500 से अधिक लोगों को निःशुल्क 108 ऐम्बुलेंस से तत्काल आपातकालीन चिकित्सीय सेवा उपलब्ध कराई जा चुकी है।

भविष्य में भी 108 एंबुलेंस सेवा इसी तरह गुमला जिले के जरूरतमंदों को आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का कार्य तत्परता से करती रहेगी। ताकि फिर किसी जरूरतमंद को दुर्घटना या बीमारी की आपातकालीन स्थिति में उपचार के अभाव में अपनी जान ना गंवानी पड़े।

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