Online News Channel

News

झारखंड: पलामू टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों की गिनती शुरू, 420 से अधिक लगाए गए सीसीटीवी कैमरे

झारखंड: पलामू टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों की गिनती शुरू, 420 से अधिक लगाए गए सीसीटीवी कैमरे
November 28
08:42 2018

इनसाईट आॅनलाइन न्यूज

झारखंड के पलामू स्थित टाइगर रिजर्व एरिया पलामू टाइगर प्रोजेक्ट समेत पूरे राज्य में बाघों की गिनती शुरू हुई है। राज्य में पुराने इतिहास वाले इलाके में भी बाघों की गिनती हो रही है। जिस इलाके में दशकों पहले भी बाघ देखा गया है, उस इलाके में भी पता लगाया जा रहा है कि वहां बाघ है या नहीं।

पलामू टाइगर रिजर्व समेत पूरे राज्य में बाघों की गिनती शुरू, लगाए गए सीसीटीवी और आधुनिक उपकरण

पलामू टाइगर रिजर्व के कोर एरिया के संरक्षक अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि पोस्ट मानसून बाघों की गिनती चल रही है, सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। कैमरा लगाने का काम चल रहा है। बाघों की गिनती के लिए मैन पॉवर की कमी नहीं है। इससे पहले 2006-10 और 2014 में बाघों की गिनती हो चुकी है।

पलामू टाइगर रिजर्व बेतला नेशनल पार्क के अंतर्गत है और लातेहार, पालमू और गढ़वा के इलाके तक में फैला हुआ है। प्रत्येक 4 वर्ष में बाघों की गिनती होती है, हालांकि टाइगर प्रोजेक्ट प्रत्येक वर्ष गिनती करवाता है।

झारखंड: पलामू टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों की गिनती शुरू, 420 से अधिक लगाए गए सीसीटीवी कैमरे

पलामू टाइगर रिजर्व 779 वर्ग किमिलोटर में फैला हुआ है। बाघों के संरक्षण के लिए पूरे देश में नौ टाइगर प्रोजेक्ट एरिया बनाए गए थे, जिसमें से एक पलामू भी था। 1982 में पलामू टाइगर रिजर्व एरिया में 55 बाघ थे, 2003-4 में यह संख्या 34 से 36 हो गई थी। सरकार ने 2022 तक बाघों की गिनती दुगना करने का लक्ष्य रखा है।

झारखंड: पलामू टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों की गिनती शुरू, 420 से अधिक लगाए गए सीसीटीवी कैमरे

इस बार बाघों की गिनती वैज्ञानिक तरीके से हो रही है, जिसके लिए कई आधुनिक उपकरण लगाए गए है। अकेले पलामू टाइगर रिजर्व एरिया में 450 से अधिक ट्रैकिंग कैमरा लगाया गया है। बाघ के स्कैट की भी जांच की जाएगी।

झारखंड: पलामू टाइगर रिजर्व एरिया में बाघों की गिनती शुरू, 420 से अधिक लगाए गए सीसीटीवी कैमरे

पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कम से कम 06 बाघ होने का अधिकारी दावा करते हैं। बाघों की गिनती के लिए टाइगर प्रोजेक्ट के कोर और बफर एरिया में बड़ी संख्या में ट्रैकर को लगाया गया है। पहले बाघों की पद चिन्ह से गिनती की जाती थी, लेकिन अब स्कैट की भी जांच की जाती है। बाघों के संभावित क्षेत्र में कैमरे लगाए गए हैं।

(सन्मार्ग से साभार)
Home Essentials
Abhushan
Sri Alankar
Raymond

About Author

admin_news

admin_news

Related Articles

0 Comments

No Comments Yet!

There are no comments at the moment, do you want to add one?

Write a comment

Write a Comment

Subscribe to Our Newsletter

LATEST ARTICLES

    Indian cinema was never always about stars: Actress Rajshri Deshpande

Indian cinema was never always about stars: Actress Rajshri Deshpande

0 comment Read Full Article