डॉरीन मलाम्बो: 2020 यूएन महिला पुलिस अधिकारी पुरस्कार विजेता 

दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) में लैंगिक मामलों की सलाहकार चीफ़ इन्सपैक्टर डॉरीन मलाम्बो को वर्ष 2020 के लिये यूएन महिला पुलिस अधिकारी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. महिलाओं, लड़कियों, बच्चों और विकलाँगों के अधिकारों को सुनिश्चित करने में अहम योगदान के लिये डॉरीन मलाम्बो को मंगलवार को आयोजित एक वर्चुअल पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया गया.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चीफ़ इन्सपैक्टर डॉरीन मलाम्बो को बधाई देते हुए यूएन शान्तिरक्षा मिशन में उनके योगदान की सराहना की है. 

🚨Meet Chief Inspector Doreen Malambo from Zambia🇿🇲, @UNPOL Woman Police Officer of the Year!🚨A survivor of domestic violence herself, she works w/ @unmissmedia to prevent gender-based violence in South Sudan, incl. through engagement of men. #UNPoliceWeek #womeninpeacekeeping pic.twitter.com/jzC9j2yxOU— UN Peacekeeping (@UNPeacekeeping) November 3, 2020

डॉरीन मलाम्बो ज़ाम्बिया से हैं और देश की पुलिस सेवा में 24 वर्षों से कार्यरत हैं. दक्षिण सूडान में यूएन मिशन के साथ उनकी तैनाती वर्ष 2019 मे हुई जहाँ उनकी ज़िम्मेदारी सामुदायिक विचार-विमर्श में भागीदारी करना और अपराध रोकथाम व नियन्त्रण के लिये प्रयासों को संगठित करना है. 
चीफ़ इन्सपैक्टर मलाम्बो इससे पहले लाइबेरिया में यूएन मिशन (UNMIL) में अपनी सेवाएँ प्रदान कर चुकी हैं. लाइबेरिया में उनकी भूमिका यौन, लिंग-आधारित और घरेलू हिंसा की रोकथाम व ऐसे मामलों की जाँच करना था. 
दक्षिण सूडान में तैनाती के कुछ ही समय के भीतर उनके प्रयासों ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू किया. 
डॉरीन मलाम्बो ने अन्य यूएन संस्थाओं के साथ साझीदारियों के प्रयास किये जिसके परिणामस्वरूप ज़मीनी स्तर पर पुरुषों के साथ रचनात्मक सहयोग को मज़बूत किया गया. इससे महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों के लिये हालात बेहतर बनाने में मदद मिली.  
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के साथ मिलकर काम करते हुए उन्होंने महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों के लिये एक पहल की शुरुआत की जिससे दक्षिण सूडान में यौन व लिंग-आधारित अपराधों में कमी लाने और उनकी रोकथाम में मदद मिली है.  
इस प्रोजेक्ट के तहत, चीफ़ इन्सपैक्टर म्लाम्बो ने विभिन्न समूहों के एक नैटवर्क को स्थापित किया जिनकी अगुवाई पुरुष स्थानीय पुलिस अधिकारी कर रहे थे. 
इसके ज़रिये समुदायों में अन्य पुरुषों के साथ सम्पर्क बनाने, आवश्यक जानकारी पहुँचाने और महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों की रक्षा व बढ़ावा देने का प्रयास किया गया. 
उन्होंने महिला नैटवर्क की स्थापना के प्रयासों के लिये अपने सैन्य समकक्षों को भी समर्थन प्रदान किया है.  
“यह जानना कि मैं महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज में उनके सक्रिय समावेशन व भागीदारी के लिये काम कर बदलाव ला पा रही हूँ, मुझे प्रोत्साहित करता है.”
“उनके हितों, चिन्ताओं, ज़रूरतों व योगदानों की दृश्यता को बढ़ाने की कुँजी महिला सशक्तिकरण में है.”
यूएन महिला पुलिस अधिकारी वार्षिक अवॉर्ड से जुड़ी कुछ अहम बातें: 
– यूएन महिला पुलिस अधिकारी पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा अभियानों में महिला पुलिस अधिकारियों के असाधारण योगदान को सम्मानित करना और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है. 
– वर्ष 2020 में इस सम्मान के ख़ास मायने हैं. इस साल महिलाएँ, शान्ति और सुरक्षा पर सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 के पारित होने की 20वीं वर्षगाँठ है. साथ ही काँगो में संयुक्त राष्ट्र अभियान के दौरान यूएन पुलिस की पहली तैनाती 60 वर्ष पहले हुई थी.  
– फ़िलहाल दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र के 16 शान्तिरक्षा अभियानों में लगभग 11 हज़ार यूएन पुलिसकर्मी अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा की स्थापना के लिये प्रयासरत हैं और हिंसक संघर्ष के दौरान, उसके बाद और अन्य संकटपूर्ण हालात में मेज़बान देशों की मदद कर रहे हैं.
इनमें एक हज़ार 300 महिला पुलिसकर्मी हैं. , दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) में लैंगिक मामलों की सलाहकार चीफ़ इन्सपैक्टर डॉरीन मलाम्बो को वर्ष 2020 के लिये यूएन महिला पुलिस अधिकारी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. महिलाओं, लड़कियों, बच्चों और विकलाँगों के अधिकारों को सुनिश्चित करने में अहम योगदान के लिये डॉरीन मलाम्बो को मंगलवार को आयोजित एक वर्चुअल पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया गया.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने चीफ़ इन्सपैक्टर डॉरीन मलाम्बो को बधाई देते हुए यूएन शान्तिरक्षा मिशन में उनके योगदान की सराहना की है. 

डॉरीन मलाम्बो ज़ाम्बिया से हैं और देश की पुलिस सेवा में 24 वर्षों से कार्यरत हैं. दक्षिण सूडान में यूएन मिशन के साथ उनकी तैनाती वर्ष 2019 मे हुई जहाँ उनकी ज़िम्मेदारी सामुदायिक विचार-विमर्श में भागीदारी करना और अपराध रोकथाम व नियन्त्रण के लिये प्रयासों को संगठित करना है. 

चीफ़ इन्सपैक्टर मलाम्बो इससे पहले लाइबेरिया में यूएन मिशन (UNMIL) में अपनी सेवाएँ प्रदान कर चुकी हैं. लाइबेरिया में उनकी भूमिका यौन, लिंग-आधारित और घरेलू हिंसा की रोकथाम व ऐसे मामलों की जाँच करना था. 

दक्षिण सूडान में तैनाती के कुछ ही समय के भीतर उनके प्रयासों ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू किया. 

डॉरीन मलाम्बो ने अन्य यूएन संस्थाओं के साथ साझीदारियों के प्रयास किये जिसके परिणामस्वरूप ज़मीनी स्तर पर पुरुषों के साथ रचनात्मक सहयोग को मज़बूत किया गया. इससे महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों के लिये हालात बेहतर बनाने में मदद मिली.  

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के साथ मिलकर काम करते हुए उन्होंने महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों के लिये एक पहल की शुरुआत की जिससे दक्षिण सूडान में यौन व लिंग-आधारित अपराधों में कमी लाने और उनकी रोकथाम में मदद मिली है.  

इस प्रोजेक्ट के तहत, चीफ़ इन्सपैक्टर म्लाम्बो ने विभिन्न समूहों के एक नैटवर्क को स्थापित किया जिनकी अगुवाई पुरुष स्थानीय पुलिस अधिकारी कर रहे थे. 

इसके ज़रिये समुदायों में अन्य पुरुषों के साथ सम्पर्क बनाने, आवश्यक जानकारी पहुँचाने और महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों की रक्षा व बढ़ावा देने का प्रयास किया गया. 

उन्होंने महिला नैटवर्क की स्थापना के प्रयासों के लिये अपने सैन्य समकक्षों को भी समर्थन प्रदान किया है.  

“यह जानना कि मैं महिलाओं को सशक्त बनाने और समाज में उनके सक्रिय समावेशन व भागीदारी के लिये काम कर बदलाव ला पा रही हूँ, मुझे प्रोत्साहित करता है.”

“उनके हितों, चिन्ताओं, ज़रूरतों व योगदानों की दृश्यता को बढ़ाने की कुँजी महिला सशक्तिकरण में है.”

यूएन महिला पुलिस अधिकारी वार्षिक अवॉर्ड से जुड़ी कुछ अहम बातें: 

– यूएन महिला पुलिस अधिकारी पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा अभियानों में महिला पुलिस अधिकारियों के असाधारण योगदान को सम्मानित करना और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है. 

– वर्ष 2020 में इस सम्मान के ख़ास मायने हैं. इस साल महिलाएँ, शान्ति और सुरक्षा पर सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 के पारित होने की 20वीं वर्षगाँठ है. साथ ही काँगो में संयुक्त राष्ट्र अभियान के दौरान यूएन पुलिस की पहली तैनाती 60 वर्ष पहले हुई थी.  

– फ़िलहाल दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र के 16 शान्तिरक्षा अभियानों में लगभग 11 हज़ार यूएन पुलिसकर्मी अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा की स्थापना के लिये प्रयासरत हैं और हिंसक संघर्ष के दौरान, उसके बाद और अन्य संकटपूर्ण हालात में मेज़बान देशों की मदद कर रहे हैं.

इनमें एक हज़ार 300 महिला पुलिसकर्मी हैं. 

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