नाइजीरिया: स्कूल पर हमले के बाद 300 से ज़्यादा लड़कियाँ लापता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने पश्चिमोत्तर नाइजीरिया के एक माध्यमिक स्कूल पर शुक्रवार को हुए हमले की पुरज़ोर निन्दा की है. इस हमले के बाद सैकड़ों लड़कियाँ लापता बताई गई हैं. 

नाइजीरिया में यूनीसेफ़ के प्रतिनिधि पीटर हॉकिन्स ने हमलावरों से लड़कियों को तत्काल रिहा किये जाने की माँग की है. बताया गया है कि देश में युवाओं के ख़िलाफ़ हाल के समय में अत्याचारों की सिलसिलेवार घटनाओं की यह ताज़ा कड़ी ज़ामफारा प्रान्त में सामने आई है. 
“नाइजीरिया में स्कूली बच्चों पर एक और क्रूर हमले से हम ग़ुस्से में हैं और दुखी हैं.”
“यह बाल अधिकारों का पूर्ण उल्लंघन है और इससे गुज़रना बच्चों के लिये भयावह अनुभव है. ऐसा अनुभव जिसके उनके मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण पर दीर्घकालीन असर हो सकते हैं.”
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने अगवा किये गए बच्चों की तत्काल व बिना शर्त रिहाई की माँग की है और कहा है कि उन्हें परिजनों के पास सुरक्षित लौटाया जाना होगा. 
महासचिव गुटेरेश के प्रवक्ता की ओर से जारी में बयान में आगाह किया गया है कि स्कूलों और अन्य शिक्षण केन्द्रों पर हमले बाल अधिकारों व व्यापक रूप से मानवाधिकारों का गम्भीर उल्लंघन है.
“उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि स्कूल बच्चों के सीखने के लिये, हिंसा के भय के बग़ैर सुरक्षित स्थल होने चाहिए.”
महासचिव ने नाइजीरियाई प्रशासन से आग्रह किया है कि दोषियों की ज़िम्मेदारी तय करने के काम में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए.
यूनीसेफ़ के प्रतिनिधि पीटर हॉकिन्स ने क्षोभ जताया कि नाइजीरिया में इस तरह की घटनाएँ जीवन का हिस्सा बनती जा रही हैं. 
उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ एक विशेष बातचीत में कहा कि उपद्रवी, परिजनों व प्रशासन से बँधकों की रिहाई के लिये फ़िरौती के रूप में जल्द धन कमाना चाहते हैं. 
इसे अन्जाम देने के लिये वे अक्सर ऐसी संस्थाओं को निशाना बनाते हैं, जोकि राज्यसत्ता की पहुँच से दूर ग्रामीण इलाक़ों में हैं. 
इससे पहले की एक घटना में बड़ी संख्या में लड़कों व अध्यापकों को एक कॉलेज से अगवा कर लिया था. 
हमला रात में हुआ 
ख़बरों के अनुसार, शुक्रवार को यह हमला आधी रात के समय ज़ामफारा प्रान्त के लड़कियों के एक सरकारी स्कूल में हुआ.
यूनीसेफ़ अधिकारी ने इस हमले की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए लड़कियों की तत्काल रिहाई की माँग की है, और सरकार से आग्रह किया है कि उनकी सुरक्षित रिहाई के लिये हरसम्भव क़दम उठाए जाने होंगे.
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना होगा कि बच्चे स्कूलों में सुरक्षित महसूस करें, और अभिभावक अपने बच्चों को हर सुबह स्कूल भेजते समय उनकी सुरक्षा के सम्बन्ध में चिन्तित ना हों. 
नाइजीरिया के पश्चिमोत्तर, उत्तर-मध्य और पूर्वी इलाक़ों में सक्रिय हथियारबन्द गुटों के अलावा देश के पूर्वोत्तर इलाक़ों में बोको हराम चरमपन्थियों का नियन्त्रण है. 
क़रीब सात वर्ष पहले बोको हरामन ने पूर्वोत्तर नाइजीरिया के चिबोक से 276 लड़कियों को अगवा कर लिया था, जिनमें से बहुत सी लड़कियाँ आज भी लापता हैं. 
बोको हराम का मोटे तौर पर अर्थ है – पश्चिमी शिक्षा वर्जित है.
ऐसी घटनाओं में बढ़ोत्तरी के बावजूद मानवीय राहतकर्मियों ने ज़ोर देकर कहा है कि शिक्षा को प्राथमिकता देना जारी रखना होगा, और उसे सबसे वंचित समुदायों के लिये सुलभ बनाया जाना होगा. , संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने पश्चिमोत्तर नाइजीरिया के एक माध्यमिक स्कूल पर शुक्रवार को हुए हमले की पुरज़ोर निन्दा की है. इस हमले के बाद सैकड़ों लड़कियाँ लापता बताई गई हैं. 

नाइजीरिया में यूनीसेफ़ के प्रतिनिधि पीटर हॉकिन्स ने हमलावरों से लड़कियों को तत्काल रिहा किये जाने की माँग की है. बताया गया है कि देश में युवाओं के ख़िलाफ़ हाल के समय में अत्याचारों की सिलसिलेवार घटनाओं की यह ताज़ा कड़ी ज़ामफारा प्रान्त में सामने आई है. 

“नाइजीरिया में स्कूली बच्चों पर एक और क्रूर हमले से हम ग़ुस्से में हैं और दुखी हैं.”

“यह बाल अधिकारों का पूर्ण उल्लंघन है और इससे गुज़रना बच्चों के लिये भयावह अनुभव है. ऐसा अनुभव जिसके उनके मानसिक स्वास्थ्य व कल्याण पर दीर्घकालीन असर हो सकते हैं.”

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने अगवा किये गए बच्चों की तत्काल व बिना शर्त रिहाई की माँग की है और कहा है कि उन्हें परिजनों के पास सुरक्षित लौटाया जाना होगा. 

महासचिव गुटेरेश के प्रवक्ता की ओर से जारी में बयान में आगाह किया गया है कि स्कूलों और अन्य शिक्षण केन्द्रों पर हमले बाल अधिकारों व व्यापक रूप से मानवाधिकारों का गम्भीर उल्लंघन है.

“उन्होंने ज़ोर देकर कहा है कि स्कूल बच्चों के सीखने के लिये, हिंसा के भय के बग़ैर सुरक्षित स्थल होने चाहिए.”

महासचिव ने नाइजीरियाई प्रशासन से आग्रह किया है कि दोषियों की ज़िम्मेदारी तय करने के काम में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए.

यूनीसेफ़ के प्रतिनिधि पीटर हॉकिन्स ने क्षोभ जताया कि नाइजीरिया में इस तरह की घटनाएँ जीवन का हिस्सा बनती जा रही हैं. 

उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ एक विशेष बातचीत में कहा कि उपद्रवी, परिजनों व प्रशासन से बँधकों की रिहाई के लिये फ़िरौती के रूप में जल्द धन कमाना चाहते हैं. 

इसे अन्जाम देने के लिये वे अक्सर ऐसी संस्थाओं को निशाना बनाते हैं, जोकि राज्यसत्ता की पहुँच से दूर ग्रामीण इलाक़ों में हैं. 

इससे पहले की एक घटना में बड़ी संख्या में लड़कों व अध्यापकों को एक कॉलेज से अगवा कर लिया था. 

हमला रात में हुआ 

ख़बरों के अनुसार, शुक्रवार को यह हमला आधी रात के समय ज़ामफारा प्रान्त के लड़कियों के एक सरकारी स्कूल में हुआ.

यूनीसेफ़ अधिकारी ने इस हमले की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए लड़कियों की तत्काल रिहाई की माँग की है, और सरकार से आग्रह किया है कि उनकी सुरक्षित रिहाई के लिये हरसम्भव क़दम उठाए जाने होंगे.

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना होगा कि बच्चे स्कूलों में सुरक्षित महसूस करें, और अभिभावक अपने बच्चों को हर सुबह स्कूल भेजते समय उनकी सुरक्षा के सम्बन्ध में चिन्तित ना हों. 

नाइजीरिया के पश्चिमोत्तर, उत्तर-मध्य और पूर्वी इलाक़ों में सक्रिय हथियारबन्द गुटों के अलावा देश के पूर्वोत्तर इलाक़ों में बोको हराम चरमपन्थियों का नियन्त्रण है. 

क़रीब सात वर्ष पहले बोको हरामन ने पूर्वोत्तर नाइजीरिया के चिबोक से 276 लड़कियों को अगवा कर लिया था, जिनमें से बहुत सी लड़कियाँ आज भी लापता हैं. 

बोको हराम का मोटे तौर पर अर्थ है – पश्चिमी शिक्षा वर्जित है.

ऐसी घटनाओं में बढ़ोत्तरी के बावजूद मानवीय राहतकर्मियों ने ज़ोर देकर कहा है कि शिक्षा को प्राथमिकता देना जारी रखना होगा, और उसे सबसे वंचित समुदायों के लिये सुलभ बनाया जाना होगा. 

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