पश्चिमोत्तर अमेरिका और कैनेडा – ‘असाधारण व ख़तरनाक’ ताप लहर की चपेट में

संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) का कहना है कि पश्चिमोत्तर संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी कैनेडा के इलाक़े, एक असाधारण और ख़तरनाक ताप लहर की चपेट में हैं. ये दुनिया का वे हिस्से है जहाँ लोग आम तौर पर ठण्डे मौसम के अभ्यस्त हैं. 

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की प्रवक्ता क्लेयर नुलिस ने बताया, “पाँच या ज़्यादा दिनों के लिये, दिन में तापमान शायद 45 सेल्सियस तक पहुँचने की सम्भावना है, इसलिये यह एक बेहद लम्बी अवधि है, और रातें भी बेहद गर्म होंगी.”

Extreme #heatwave is baking Northwest USA and Western CanadaMajor impacts for health, ecosystems and economyMultiple records have been brokenLytton smashed Canadian temperature record Sunday with 46.6°C and broke it again Monday with 47.9°CTnx @metoffice for this animation pic.twitter.com/mToCENwjdl— World Meteorological Organization (@WMO) June 29, 2021

कैनेडा में गत रविवार, ब्रिटिश कोलम्बिया के लिटन में अब तक का सबसे अधिक तापमान, 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
“इसने पिछले रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है – आम तौर पर जब कोई रिकॉर्ड टूटता है, तो यह कम अन्तर से होता है, इस बार यह 1.6 सेल्सियस से टूटा है.” 
24 घण्टे बाद ही, सोमवार को लिटन में यह रिकॉर्ड फिर टूट गया जब 47.9 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया.
ब्रिटिश कोलम्बिया प्रान्त में स्थित होने, रॉकी पर्वतों और ग्लेशियर नेशनल पार्क के इलाक़े में होने के बावजूद, यहाँ मध्य पूर्व और उत्तर अफ़्रीका के देशों वाले तापमान दर्ज किये जा रहे हैं.  
यूएन एजेंसी के अनुसार, तापमान का ऊँचा स्तर लोगों के स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण के लिये एक बड़ा ख़तरा है. 
इसलिये भी क्योंकि ये क्षेत्र और स्थानीय आबादी इतने गर्म मौसम के अभ्यस्त नहीं हैं और ना ही बड़ी संख्या में लोगों के पास एयर कण्डीशनिंग की सुविधा है. 
अमेरिका के सियेटल शहर में रविवार को 40 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो अब तक का अधिकतम तापमान है. मगर सोमवार को ही यह रिकॉर्ड तब ध्वस्त हो गया जब तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस पहुँच गया. 
संगठन ने कहा कि सबसे निर्बलों को ताप लहर के दुष्प्रभावों से बचाने के लिये स्थानीय प्रशासन ने समय-पूर्व चेतावनी जारी की है, जो कि स्वागतयोग्य है. 
ताप लहर की चपेट में अन्य क्षेत्र
मौसम विज्ञान विशेषज्ञ आरमेल कास्टेलन ने बताया कि ऊँचे तापमान, तटीय इलाक़ों में इस सप्ताह की शुरुआत में और सप्ताह के मध्य तक ब्रिटिश कोलम्बिया के अन्दरूनी इलाक़ों में अपने शिखर पर होंगे. 
इसके बाद, झुलसा देने वाली गर्मी पूर्व दिशा में ऐलबर्टा की ओर बढ़ेगी. 
ऊँचे तापमान की मौजूदा लहर से लगभग दो सप्ताह पहले भी, दक्षिण-पश्चिम और कैलिफ़ोर्निया इलाक़ों को कुछ अवधि के लिये बेहद गर्म दिनों का सामना करना पड़ा था.  
उत्तरी गोलार्ध के अन्य हिस्सों में भी गर्मी के मौसम के शुरुआती दिनों में अभूतपूर्व परिस्थितियाँ देखने को मिली हैं. इनमें उत्तर अफ़्रीका, अरब प्रायद्वीप, पूर्वी योरोप, ईरान और पश्चिमोत्तर भारतीय उपमहाद्वीप के इलाक़े हैं.
अनेक स्थानों पर दैनिक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक मापा गया और सहारा में यह 50C के पार जाने की सम्भावना है. 
पश्चिमी रूस और कैस्पियन सागर के आस-पास के इलाक़ों में भी असाधारण स्तर पर तापमान दर्ज किये गए हैं जिसकी वजह उच्च दबाव वाला एक बड़ा इलाक़ा बताया गया है. , संयुक्त राष्ट्र की मौसम विज्ञान एजेंसी (WMO) का कहना है कि पश्चिमोत्तर संयुक्त राज्य अमेरिका और पश्चिमी कैनेडा के इलाक़े, एक असाधारण और ख़तरनाक ताप लहर की चपेट में हैं. ये दुनिया का वे हिस्से है जहाँ लोग आम तौर पर ठण्डे मौसम के अभ्यस्त हैं. 

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की प्रवक्ता क्लेयर नुलिस ने बताया, “पाँच या ज़्यादा दिनों के लिये, दिन में तापमान शायद 45 सेल्सियस तक पहुँचने की सम्भावना है, इसलिये यह एक बेहद लम्बी अवधि है, और रातें भी बेहद गर्म होंगी.”

Extreme #heatwave is baking Northwest USA and Western Canada
Major impacts for health, ecosystems and economy
Multiple records have been broken
Lytton smashed Canadian temperature record Sunday with 46.6°C and broke it again Monday with 47.9°C
Tnx @metoffice for this animation pic.twitter.com/mToCENwjdl

— World Meteorological Organization (@WMO) June 29, 2021

कैनेडा में गत रविवार, ब्रिटिश कोलम्बिया के लिटन में अब तक का सबसे अधिक तापमान, 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

“इसने पिछले रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है – आम तौर पर जब कोई रिकॉर्ड टूटता है, तो यह कम अन्तर से होता है, इस बार यह 1.6 सेल्सियस से टूटा है.” 

24 घण्टे बाद ही, सोमवार को लिटन में यह रिकॉर्ड फिर टूट गया जब 47.9 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया.

ब्रिटिश कोलम्बिया प्रान्त में स्थित होने, रॉकी पर्वतों और ग्लेशियर नेशनल पार्क के इलाक़े में होने के बावजूद, यहाँ मध्य पूर्व और उत्तर अफ़्रीका के देशों वाले तापमान दर्ज किये जा रहे हैं.  

यूएन एजेंसी के अनुसार, तापमान का ऊँचा स्तर लोगों के स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण के लिये एक बड़ा ख़तरा है. 

इसलिये भी क्योंकि ये क्षेत्र और स्थानीय आबादी इतने गर्म मौसम के अभ्यस्त नहीं हैं और ना ही बड़ी संख्या में लोगों के पास एयर कण्डीशनिंग की सुविधा है. 

अमेरिका के सियेटल शहर में रविवार को 40 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो अब तक का अधिकतम तापमान है. मगर सोमवार को ही यह रिकॉर्ड तब ध्वस्त हो गया जब तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस पहुँच गया. 

संगठन ने कहा कि सबसे निर्बलों को ताप लहर के दुष्प्रभावों से बचाने के लिये स्थानीय प्रशासन ने समय-पूर्व चेतावनी जारी की है, जो कि स्वागतयोग्य है. 

ताप लहर की चपेट में अन्य क्षेत्र

मौसम विज्ञान विशेषज्ञ आरमेल कास्टेलन ने बताया कि ऊँचे तापमान, तटीय इलाक़ों में इस सप्ताह की शुरुआत में और सप्ताह के मध्य तक ब्रिटिश कोलम्बिया के अन्दरूनी इलाक़ों में अपने शिखर पर होंगे. 

इसके बाद, झुलसा देने वाली गर्मी पूर्व दिशा में ऐलबर्टा की ओर बढ़ेगी. 

ऊँचे तापमान की मौजूदा लहर से लगभग दो सप्ताह पहले भी, दक्षिण-पश्चिम और कैलिफ़ोर्निया इलाक़ों को कुछ अवधि के लिये बेहद गर्म दिनों का सामना करना पड़ा था.  

उत्तरी गोलार्ध के अन्य हिस्सों में भी गर्मी के मौसम के शुरुआती दिनों में अभूतपूर्व परिस्थितियाँ देखने को मिली हैं. इनमें उत्तर अफ़्रीका, अरब प्रायद्वीप, पूर्वी योरोप, ईरान और पश्चिमोत्तर भारतीय उपमहाद्वीप के इलाक़े हैं.

अनेक स्थानों पर दैनिक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक मापा गया और सहारा में यह 50C के पार जाने की सम्भावना है. 

पश्चिमी रूस और कैस्पियन सागर के आस-पास के इलाक़ों में भी असाधारण स्तर पर तापमान दर्ज किये गए हैं जिसकी वजह उच्च दबाव वाला एक बड़ा इलाक़ा बताया गया है. 

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