पाकिस्तान: क्वेटा में ‘कायरतापूर्ण’ आतंकवादी हमले की कड़ी निन्दा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तान के क्वेटा शहर में 21 अप्रैल, 2021, को हुए आतंकवादी हमले की कठोर शब्दों में निन्दा की है. तहरीक़-ए-तालिबान संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया है, जिसमें पाँच लोगों की मौत हुई है और अनेक अन्य घायल हुए हैं.
 

ख़बरों के अनुसार यह बम धमाका, बुधवार, 21 अप्रैल, को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रान्त की राजधानी क्वेटा में स्थित एक होटल में हुआ. विस्फोट में पाँच लोग मारे गये और 12 घायल हुए हैं.
इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने क्वेटा के सेरेना होटेल में हुए हमले की कड़ी निन्दा की थी.
यूएन प्रमुख ने पीड़ितों के परिजनों, पाकिस्तान की जनता व सरकार के प्रति अपनी सम्वेदनाएँ ज़ाहिर करते हुए भरोसा दिलाया था कि संयुक्त राष्ट्र, आतंकवाद व हिंसक चरमपंथ के विरुद्ध प्रयासों में, देश की जनता व सरकार के साथ एकजुट है. 
सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने शनिवार को जारी वक्तव्य में पुरज़ोर ढंग से कहा है कि आतंकवाद अपने सभी रूपों में अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिये सबसे गम्भीर ख़तरों में से है.
आतंकवाद, एक बड़ा ख़तरा
सुरक्षा परिषद ने ‘निन्दनीय आतंकी कृत्य’ के दोषियों, हमले में उनकी मदद करने वालों और धन मुहैया कराने वालों की जवाबदेही तय करने और सज़ा दिलाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.
साथ ही सभी सदस्य देशों से अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनों और सुरक्षा परिषद प्रस्तावों के अन्तर्गत तय हुए दायित्वों को निभाने और पाकिस्तान सरकार व स्थानीय एजेंसियों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करने की बात कही है.
सुरक्षा परिषद ने दोहराया है कि कोई भी आतंकी कार्रवाई आपराधिक है जिसे न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता, चाहे उसे किसी के भी द्वारा, किसी भी मन्तव्य से अन्जाम दिया गया हो.
सुरक्षा परिषद ने कहा है कि आतंकवादी हमलों से अन्तररराष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा के लिये ख़तरे से सभी देशों को निपटने की ज़रूरत है और यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अन्तरराष्ट्रीय शरणीर्थी क़ानून, अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून और मानवीय क़ानून के तहत की जानी होगी.
सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य देशों ने पीड़ितों के परिजनों और पाकिस्तान सरकार के प्रति अपनी गहरी सम्वेदनाएँ व्यक्त की हैं और घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है., संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तान के क्वेटा शहर में 21 अप्रैल, 2021, को हुए आतंकवादी हमले की कठोर शब्दों में निन्दा की है. तहरीक़-ए-तालिबान संगठन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया है, जिसमें पाँच लोगों की मौत हुई है और अनेक अन्य घायल हुए हैं.
 

ख़बरों के अनुसार यह बम धमाका, बुधवार, 21 अप्रैल, को पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रान्त की राजधानी क्वेटा में स्थित एक होटल में हुआ. विस्फोट में पाँच लोग मारे गये और 12 घायल हुए हैं.

इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने क्वेटा के सेरेना होटेल में हुए हमले की कड़ी निन्दा की थी.

यूएन प्रमुख ने पीड़ितों के परिजनों, पाकिस्तान की जनता व सरकार के प्रति अपनी सम्वेदनाएँ ज़ाहिर करते हुए भरोसा दिलाया था कि संयुक्त राष्ट्र, आतंकवाद व हिंसक चरमपंथ के विरुद्ध प्रयासों में, देश की जनता व सरकार के साथ एकजुट है. 

सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने शनिवार को जारी वक्तव्य में पुरज़ोर ढंग से कहा है कि आतंकवाद अपने सभी रूपों में अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिये सबसे गम्भीर ख़तरों में से है.

आतंकवाद, एक बड़ा ख़तरा

सुरक्षा परिषद ने ‘निन्दनीय आतंकी कृत्य’ के दोषियों, हमले में उनकी मदद करने वालों और धन मुहैया कराने वालों की जवाबदेही तय करने और सज़ा दिलाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.

साथ ही सभी सदस्य देशों से अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनों और सुरक्षा परिषद प्रस्तावों के अन्तर्गत तय हुए दायित्वों को निभाने और पाकिस्तान सरकार व स्थानीय एजेंसियों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करने की बात कही है.

सुरक्षा परिषद ने दोहराया है कि कोई भी आतंकी कार्रवाई आपराधिक है जिसे न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता, चाहे उसे किसी के भी द्वारा, किसी भी मन्तव्य से अन्जाम दिया गया हो.

सुरक्षा परिषद ने कहा है कि आतंकवादी हमलों से अन्तररराष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा के लिये ख़तरे से सभी देशों को निपटने की ज़रूरत है और यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अन्तरराष्ट्रीय शरणीर्थी क़ानून, अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून और मानवीय क़ानून के तहत की जानी होगी.

सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य देशों ने पीड़ितों के परिजनों और पाकिस्तान सरकार के प्रति अपनी गहरी सम्वेदनाएँ व्यक्त की हैं और घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है.

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