प्राण निछावर करने वाले यूएन कर्मचारियों की स्मृतियों को सहेजने का संकल्प

संयुक्त राष्ट्र ने उन 336 कर्मचारियों को एक स्मरण समारोह में श्रृद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने वर्ष 2020 में अपने दायित्व का निर्वहन करते समय प्राण निछावर कर दिये. किसी एक वर्ष में यह अब तक की सबसे बड़ी मृतक संख्या है. यूएन महासचिव ने गुरुवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए, इन सभी कर्मचारियों को सदैव याद रखने का संकल्प लिया है.

इस स्मरण समारोह को ऑनलाइन आयोजित किया गया, जिसमें उन असैन्य व वर्दीधारी कर्मचारियों को श्रृद्धांजलि अर्पित की गई, जिनकी द्वेषपूर्ण कृत्यों, प्राकृतिक आपदाओं व अन्य घटनाओं में मौत हुई है.
वैश्विक महामारी कोविड-19 और उसके व्यापक प्रभावों के कारण, मृतकों में वे यूएन सहकर्मी भी हैं जिनकी कोविड या किसी अन्य बीमारी से मौत हुई है.
यूएन प्रमुख ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में वर्ष 2020 जैसा कोई अन्य साल नहीं था.”
“दुनिया को एक निर्दयी महामारी का सामना करना पड़ा, जोकि अब भी भीषण पीड़ा का सबब बनी हुई है. लाखों परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है. यूएन परिवार भी इससे अलग नहीं है.”
महासचिव गुटेरेश ने ऐसे सभी सहकर्मियों की स्मृति में एक मिनट का मौन धारण किया. समारोह के दौरान उनके नामों को पढ़ा गया.
विविधतापूर्ण परिवार
महासचिव ने कहा कि 80 से भी ज़्यादा देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले ये सहकर्मी, संयुक्त राष्ट्र अनुभव की विविधता व समृद्धता को प्रदर्शित करते हैं.
“उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की दूरदृष्टि व मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिये अपना करियर समर्पित कर दिया – शान्ति हासिल करना, टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना, मानवाधिकारों को आगे बढ़ाना.”
यूएन प्रमुख ने कहा कि वर्ष 2020 में जिन यूएन कर्मचारियों की मौत हुई है, उन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकेगा.
साथ ही उन्होंने कर्मचारी सुरक्षा व देखभाल से सम्बन्धित परिपाटियों की समीक्षा करने और उन्हें बेहतर बनाने का संकल्प ज़ाहिर किया है.
संयुक्त राष्ट्र स्टाफ़ यूनियन की अध्यक्ष पैट्रिशिया नेमेथ ने ऑनलाइन कार्यक्रम में ध्यान दिलाया कि अपने प्राणों का बलिदान करने वाले सेवारत कर्मचारी सबसे निर्बलों की स्वतंत्रताओं की रक्षा और उनकी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करना चाहते थे., संयुक्त राष्ट्र ने उन 336 कर्मचारियों को एक स्मरण समारोह में श्रृद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने वर्ष 2020 में अपने दायित्व का निर्वहन करते समय प्राण निछावर कर दिये. किसी एक वर्ष में यह अब तक की सबसे बड़ी मृतक संख्या है. यूएन महासचिव ने गुरुवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए, इन सभी कर्मचारियों को सदैव याद रखने का संकल्प लिया है.

इस स्मरण समारोह को ऑनलाइन आयोजित किया गया, जिसमें उन असैन्य व वर्दीधारी कर्मचारियों को श्रृद्धांजलि अर्पित की गई, जिनकी द्वेषपूर्ण कृत्यों, प्राकृतिक आपदाओं व अन्य घटनाओं में मौत हुई है.

वैश्विक महामारी कोविड-19 और उसके व्यापक प्रभावों के कारण, मृतकों में वे यूएन सहकर्मी भी हैं जिनकी कोविड या किसी अन्य बीमारी से मौत हुई है.

यूएन प्रमुख ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में वर्ष 2020 जैसा कोई अन्य साल नहीं था.”

“दुनिया को एक निर्दयी महामारी का सामना करना पड़ा, जोकि अब भी भीषण पीड़ा का सबब बनी हुई है. लाखों परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है. यूएन परिवार भी इससे अलग नहीं है.”

महासचिव गुटेरेश ने ऐसे सभी सहकर्मियों की स्मृति में एक मिनट का मौन धारण किया. समारोह के दौरान उनके नामों को पढ़ा गया.

विविधतापूर्ण परिवार

महासचिव ने कहा कि 80 से भी ज़्यादा देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले ये सहकर्मी, संयुक्त राष्ट्र अनुभव की विविधता व समृद्धता को प्रदर्शित करते हैं.

“उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की दूरदृष्टि व मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिये अपना करियर समर्पित कर दिया – शान्ति हासिल करना, टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना, मानवाधिकारों को आगे बढ़ाना.”

यूएन प्रमुख ने कहा कि वर्ष 2020 में जिन यूएन कर्मचारियों की मौत हुई है, उन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकेगा.

साथ ही उन्होंने कर्मचारी सुरक्षा व देखभाल से सम्बन्धित परिपाटियों की समीक्षा करने और उन्हें बेहतर बनाने का संकल्प ज़ाहिर किया है.

संयुक्त राष्ट्र स्टाफ़ यूनियन की अध्यक्ष पैट्रिशिया नेमेथ ने ऑनलाइन कार्यक्रम में ध्यान दिलाया कि अपने प्राणों का बलिदान करने वाले सेवारत कर्मचारी सबसे निर्बलों की स्वतंत्रताओं की रक्षा और उनकी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करना चाहते थे.

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