फ़िलीपीन्स: ‘गोनी’ प्रभावित समुदायों को तत्काल राहत के लिये 4.5 करोड़ डॉलर का आग्रह

फ़िलीपीन्स में संयुक्त राष्ट्र और मानवीय राहत साझेदार संगठनों ने सोमवार को साढ़े चार करोड़ डॉलर की एक राहत कार्रवाई योजना को पेश किया है ताकि चक्रवाती तूफ़ान ‘गोनी’ से प्रभावित इलाक़ों में लाखों ज़रूरतमन्दों तक जीवनदायी सहायता और संरक्षण सेवाओं को पहुँचाया जा सके. 1 नवम्बर को टायफ़ून ‘गोनी’ फ़िलीपीन्स के तटीय इलाक़ों से टकराया था जिससे व्यापक पैमाने पर तबाही हुई थी. तूफ़ान के गुज़र जाने के बाद अब प्रभावित इलाक़ों में राहत प्रयास जारी हैं.

बताया गया है कि छह महीने के लिये राहत कार्रवाई को पूर्ण वित्तीय मदद प्राप्त होने से आपदा प्रभावित ढाई लाख लोगों को सहायता प्रदान की जा सकेगी, जिनमें से अधिकाँश पहले से ही निर्धनता में जीवन व्यतीत कर रहे थे. 

Disaster caused by #TyphoonRolly requires a coordinated response combining relief assistance and early #recovery support. We work on a geographically focused response plan in close coordination with #Philippines Government. @UNPhilippines is already on the ground. pic.twitter.com/LcTjcsQaKt— Gustavo Gonzalez (@ggonzzalezz) November 6, 2020

फ़िलीपीन्स में यूएन मानवीय राहत मामलों के संयोजक गुस्तावो गोन्ज़ालेज़ ने अपील जारी करते हुए कहा कि दानदाताओं के समर्थन के ज़रिये, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय एकजुटता को ठोस समर्थन में तब्दील करने के लिये तैयार है. 
आपात राहत व शुरुआती पुनर्बहाली पर प्रयास केंद्रित करते हुए समन्वित कार्रवाई के ज़रिये इसे सम्भव बनाया जायेगा.
“फ़िलीपीन्स में संयुक्त राष्ट्र और मानवीय राहत साझीदार अपने संसाधनों को संगठित कर रहे हैं ताकि व्यापक आवश्यकता के इस समय में कोई भी पीछे ना छूटने पाये.”
बड़े पैमाने पर क्षति
रविवार को यूएन अधिकारी ने नुक़सान का जायज़ा लेने के लिये यूएन एजेंसियों की एक टीम के साथ अलबे प्रान्त का दौरा किया जो इस तूफ़ान से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. 
अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने स्थानीय अधिकारियों, अग्रिम मोर्चे पर डटे राहतकर्मियों और प्रभावित समुदायों से बात की. 
“टायफ़ून के विनाशकारी प्रभावों को देखते हुए, हम इस आपदा से प्रभावित हज़ारों परिवारों के लिये अपनी गहरी चिन्ता व्यक्त करते हैं.”
अलबे के अलावा कैटेनडुआनेस, कैमारिन्स सुर और क्वेज़ोन प्रान्तों में भी तूफ़ान से क्षति हुई है – फ़िलीपीन्स के कुल 81 प्रान्तों में से 32 प्रान्त प्रभावित हुए हैं. 
यूएन एजेंसी के मुताबिक सवा लाख से ज़्यादा घरों को नुक़सान पहुँचा है, 23 करोड़ डॉलर से अधिक राशि का बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ है. 
इसके अतिरिक्त, 67 स्वास्थ्य केंद्रों और एक हज़ार से ज़्यादा स्कूल भी प्रभावित हुए हैं. 
जटिल चुनौतियाँ 
फ़िलीपीन्स को ‘टायफ़ून गोनी’ ने ऐसे समय में अपनी चपेट में लिया है जब देश पहले ही अन्य तूफ़ानों के प्रभावों से उबर रहा है. 
अक्टूबर 2020 में ही ‘टायफ़ून मोलावे’ सहित देश में चरम मौसम की चार बड़ी घटनाएँ हो चुकी हैं.
इन प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की कार्रवाई में कोरोनावायरस संकट के कारण भी मुश्किलें पेश आ रही हैं. कोविड-19 महामारी के कारण फ़िलिपीन्स की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर पहले से ही भारी बोझ है.
चक्रवाती तूफ़ान गोनी के कारण बिकोल में देश की मुख्य कोविड-19 लैब को भी भारी नुक़सान हुआ है जिससे संक्रमणों के परीक्षणों को रोकना पड़ा है.   
कोविड-19 की पृष्ठभूमि में संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदार संगठनों ने मानवीय राहत कार्रवाई की सुरक्षा, गुणवत्ता और सामयिकता सुनिश्चित करने के लिये नए समाधानों का सहारा लिया है. 
उदाहरणस्वरूप, आवश्यक अहर्ताओं के पूरा होने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को नक़द या वाउचर के ज़रिये भोजन या घर की मरम्मत सहित अन्य प्रकार की सहायता प्रदान की जायेगी. इससे कोरोनावायरस के फैलाव के जोखिम को भी कम किया जा सकेगा. 
अन्य उपायों के तहत विस्थापित शिविरों में रहने की परिस्थितियाँ सुरक्षित बनाने के लिये शारीरिक दूरी बरते जाने के नियमों का पालन किया जा रहा है. , फ़िलीपीन्स में संयुक्त राष्ट्र और मानवीय राहत साझेदार संगठनों ने सोमवार को साढ़े चार करोड़ डॉलर की एक राहत कार्रवाई योजना को पेश किया है ताकि चक्रवाती तूफ़ान ‘गोनी’ से प्रभावित इलाक़ों में लाखों ज़रूरतमन्दों तक जीवनदायी सहायता और संरक्षण सेवाओं को पहुँचाया जा सके. 1 नवम्बर को टायफ़ून ‘गोनी’ फ़िलीपीन्स के तटीय इलाक़ों से टकराया था जिससे व्यापक पैमाने पर तबाही हुई थी. तूफ़ान के गुज़र जाने के बाद अब प्रभावित इलाक़ों में राहत प्रयास जारी हैं.

बताया गया है कि छह महीने के लिये राहत कार्रवाई को पूर्ण वित्तीय मदद प्राप्त होने से आपदा प्रभावित ढाई लाख लोगों को सहायता प्रदान की जा सकेगी, जिनमें से अधिकाँश पहले से ही निर्धनता में जीवन व्यतीत कर रहे थे. 

फ़िलीपीन्स में यूएन मानवीय राहत मामलों के संयोजक गुस्तावो गोन्ज़ालेज़ ने अपील जारी करते हुए कहा कि दानदाताओं के समर्थन के ज़रिये, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय एकजुटता को ठोस समर्थन में तब्दील करने के लिये तैयार है. 

आपात राहत व शुरुआती पुनर्बहाली पर प्रयास केंद्रित करते हुए समन्वित कार्रवाई के ज़रिये इसे सम्भव बनाया जायेगा.

“फ़िलीपीन्स में संयुक्त राष्ट्र और मानवीय राहत साझीदार अपने संसाधनों को संगठित कर रहे हैं ताकि व्यापक आवश्यकता के इस समय में कोई भी पीछे ना छूटने पाये.”

बड़े पैमाने पर क्षति

रविवार को यूएन अधिकारी ने नुक़सान का जायज़ा लेने के लिये यूएन एजेंसियों की एक टीम के साथ अलबे प्रान्त का दौरा किया जो इस तूफ़ान से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. 

अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने स्थानीय अधिकारियों, अग्रिम मोर्चे पर डटे राहतकर्मियों और प्रभावित समुदायों से बात की. 

“टायफ़ून के विनाशकारी प्रभावों को देखते हुए, हम इस आपदा से प्रभावित हज़ारों परिवारों के लिये अपनी गहरी चिन्ता व्यक्त करते हैं.”

अलबे के अलावा कैटेनडुआनेस, कैमारिन्स सुर और क्वेज़ोन प्रान्तों में भी तूफ़ान से क्षति हुई है – फ़िलीपीन्स के कुल 81 प्रान्तों में से 32 प्रान्त प्रभावित हुए हैं. 

यूएन एजेंसी के मुताबिक सवा लाख से ज़्यादा घरों को नुक़सान पहुँचा है, 23 करोड़ डॉलर से अधिक राशि का बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुआ है. 
इसके अतिरिक्त, 67 स्वास्थ्य केंद्रों और एक हज़ार से ज़्यादा स्कूल भी प्रभावित हुए हैं. 

जटिल चुनौतियाँ 

फ़िलीपीन्स को ‘टायफ़ून गोनी’ ने ऐसे समय में अपनी चपेट में लिया है जब देश पहले ही अन्य तूफ़ानों के प्रभावों से उबर रहा है. 

अक्टूबर 2020 में ही ‘टायफ़ून मोलावे’ सहित देश में चरम मौसम की चार बड़ी घटनाएँ हो चुकी हैं.

इन प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की कार्रवाई में कोरोनावायरस संकट के कारण भी मुश्किलें पेश आ रही हैं. कोविड-19 महामारी के कारण फ़िलिपीन्स की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर पहले से ही भारी बोझ है.

चक्रवाती तूफ़ान गोनी के कारण बिकोल में देश की मुख्य कोविड-19 लैब को भी भारी नुक़सान हुआ है जिससे संक्रमणों के परीक्षणों को रोकना पड़ा है.   

कोविड-19 की पृष्ठभूमि में संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदार संगठनों ने मानवीय राहत कार्रवाई की सुरक्षा, गुणवत्ता और सामयिकता सुनिश्चित करने के लिये नए समाधानों का सहारा लिया है. 

उदाहरणस्वरूप, आवश्यक अहर्ताओं के पूरा होने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को नक़द या वाउचर के ज़रिये भोजन या घर की मरम्मत सहित अन्य प्रकार की सहायता प्रदान की जायेगी. इससे कोरोनावायरस के फैलाव के जोखिम को भी कम किया जा सकेगा. 

अन्य उपायों के तहत विस्थापित शिविरों में रहने की परिस्थितियाँ सुरक्षित बनाने के लिये शारीरिक दूरी बरते जाने के नियमों का पालन किया जा रहा है. 

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