फ्राँस: चर्च में हमले की कड़ी निन्दा, सहिष्णुता की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दक्षिणी फ्राँस के नीस शहर के एक चर्च में चाकू से किये गये हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की है. रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार को हुए इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है. यूएन एलायन्स ऑफ़ सिविलाइज़ेशन्स के उच्च प्रतिनिधि मिगेल मोराटिनोस ने इस बर्बर हमले की निन्दा करते हुए सभी धर्मों व आस्थाओं में पारस्परिक सम्मान और भाईचारे व शान्ति की संस्कृति को बढ़ावा दिये जाने की पुकार लगाई है. 

महासचिव गुटेरेश के प्रवक्ता की ओर से जारी किये गया बयान में उन्होंने पीड़ितों के परिजनों के प्रति अपनी सम्वेदनाएं व्यक्त करते हुए फ्राँस की सरकार और स्थानीय जनता के साथ संयुक्त राष्ट्र की एकजुटता को प्रदर्शित किया है. 
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चाकू से लैस एक हमलावर ने नीस के केंद्रीय इलाक़े में स्थित नॉट्रे डैम बैसिलिका में क़रीब सुबह 9 बजे प्रवेश किया. 

A Call for Mutual Respect by the High Representative for #UNAOC, Mr. @MiguelMoratinos: https://t.co/9HmJTZFQdK #Commit2Dialogue #forSafeWorship.— UNAOC (@UNAOC) October 28, 2020

इस हमले में एक पुरुष और महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और एक अन्य महिला गम्भीर रूप से घायल हुई जिनकी बाद में मौत हो गई. पुलिस द्वारा गोलियाँ चलाने के बाद हमलावर घायल हुआ है और उसे अस्पताल ले जाया गया है. 
फ्राँस में स्थानीय प्रशासन इस मामले को एक आतंकवादी घटना मानकर जाँच कर रहा है. 
नीस शहर में गुरुवार को हुए इस हमले से क़रीब दो सप्ताह पहले राजधानी पेरिस के नज़दीक के एक इलाक़े में एक शिक्षक, सैमुअल पैटी का सिर धड़ से अलग कर हत्या कर दी गई थी. 
यह हमला शार्ली हेब्दो मैगज़ीन में प्रकाशित हो चुके पैगम्बर मोहम्मद के कार्टूनों को फिर कक्षा में दिखाये जाने के विरोध में किया गया था.  
फ्राँस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्राँ और स्थानीय लोगों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी. 
अन्य हमले
गुरुवार को फ्राँस के दक्षिणी शहर एविनियोन में एक व्यक्ति ने कथित रूप से बन्दूक दिखाते हुए पुलिस को धमकियाँ दी जिसके बाद पुलिस ने उसे गोली मार दी. 
इसके अलावा, सऊदी अरब के जेद्दा में फ्रेंच कौंसुलेट के बाहर एक सुरक्षाकर्मी हमले में ज़ख़्मी हुआ है. संदिग्ध हमलवार को हिरासत में ले लिया गया है. 
फ्राँस में इन घटनाओं के बाद पुलिस ने हत्या की जाँच शुरू की है. राष्ट्रपति मैक्राँ ने हमलों को इस्लामवादी आतंकवादी हमले क़रार देते हुए आलोचना की है.
देश में राष्ट्रीय सुरक्षा अलर्ट प्रणाली को उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया गया है. 
कुछ दिन पहले स्कूल अध्यापक सैमुअल पैटी की हत्या के बाद राष्ट्रपति मैक्राँ ने कार्टूनों के पुन: प्रकाशन का बचाव  किया था लेकिन उनके इस फ़ैसले का मुस्लिम देशों में विरोध हुआ है. 
इन देशों में तथाकथित मुस्लिम विरोधी भावनाओं के ख़िलाफ़ गुस्सा फूटा है और तुर्की के राष्ट्रपति रैचप तैयप एरदोआन सहित अन्य लोगों ने फ़्राँस के उत्पादों का बहिष्कार किये जाने की माँग उठाई है.
असहनीय हमले, आपसी सहिष्णुता का आहवान 
धार्मिक स्थलों की रक्षा और सहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिये संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी मिगेल मोराटिनोस ने इस बर्बर हमले की कड़ी निन्दा की है. 
उन्होंने कहा है कि हर वो हमला जिसमें श्रृद्धालुओं सहित आम लोगों को निशाना बनाया जाये, वो असहनीय है और उसे किसी भी रूप में न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता. 
यूएन एलायन्स ऑफ़ सिविलाइज़ेशन्स के उच्च प्रतिनिधि ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों के बाद हमें आपसी सम्मान और शान्ति के प्रयासों को बढ़ावा देने से पीछे नहीं हटना चाहिये. 
इससे पहले बुधवार को जारी अपने एक बयान में उन्होंने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद की तस्वीरों को फिर से प्रकाशित किये जाने से अनेक मुसलमानों को ठेस पहुँची है और उनके लिये यह अपमानजनक है.  
उन्होंने कहा कि धर्मों और पवित्र धार्मिक प्रतीकों का अपमान किये जाने से नफ़रत और हिंसक चरमपंथ भड़कता है जिससे समाज में विभाजन और ध्रुवीकरण बढ़ता है. 
उच्च प्रतिनिधि ने सभी धर्मों व आस्थाओं में पारस्परिक सम्मान और भाईचारे व शान्ति की संस्कृति को बढ़ावा दिये जाने की पुकार लगाई है. , संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने दक्षिणी फ्राँस के नीस शहर के एक चर्च में चाकू से किये गये हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की है. रिपोर्टों के अनुसार गुरुवार को हुए इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है. यूएन एलायन्स ऑफ़ सिविलाइज़ेशन्स के उच्च प्रतिनिधि मिगेल मोराटिनोस ने इस बर्बर हमले की निन्दा करते हुए सभी धर्मों व आस्थाओं में पारस्परिक सम्मान और भाईचारे व शान्ति की संस्कृति को बढ़ावा दिये जाने की पुकार लगाई है. 

महासचिव गुटेरेश के प्रवक्ता की ओर से जारी किये गया बयान में उन्होंने पीड़ितों के परिजनों के प्रति अपनी सम्वेदनाएं व्यक्त करते हुए फ्राँस की सरकार और स्थानीय जनता के साथ संयुक्त राष्ट्र की एकजुटता को प्रदर्शित किया है. 

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चाकू से लैस एक हमलावर ने नीस के केंद्रीय इलाक़े में स्थित नॉट्रे डैम बैसिलिका में क़रीब सुबह 9 बजे प्रवेश किया. 

इस हमले में एक पुरुष और महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और एक अन्य महिला गम्भीर रूप से घायल हुई जिनकी बाद में मौत हो गई. पुलिस द्वारा गोलियाँ चलाने के बाद हमलावर घायल हुआ है और उसे अस्पताल ले जाया गया है. 

फ्राँस में स्थानीय प्रशासन इस मामले को एक आतंकवादी घटना मानकर जाँच कर रहा है. 

नीस शहर में गुरुवार को हुए इस हमले से क़रीब दो सप्ताह पहले राजधानी पेरिस के नज़दीक के एक इलाक़े में एक शिक्षक, सैमुअल पैटी का सिर धड़ से अलग कर हत्या कर दी गई थी. 

यह हमला शार्ली हेब्दो मैगज़ीन में प्रकाशित हो चुके पैगम्बर मोहम्मद के कार्टूनों को फिर कक्षा में दिखाये जाने के विरोध में किया गया था.  

फ्राँस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्राँ और स्थानीय लोगों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी. 

अन्य हमले

गुरुवार को फ्राँस के दक्षिणी शहर एविनियोन में एक व्यक्ति ने कथित रूप से बन्दूक दिखाते हुए पुलिस को धमकियाँ दी जिसके बाद पुलिस ने उसे गोली मार दी. 

इसके अलावा, सऊदी अरब के जेद्दा में फ्रेंच कौंसुलेट के बाहर एक सुरक्षाकर्मी हमले में ज़ख़्मी हुआ है. संदिग्ध हमलवार को हिरासत में ले लिया गया है. 

फ्राँस में इन घटनाओं के बाद पुलिस ने हत्या की जाँच शुरू की है. राष्ट्रपति मैक्राँ ने हमलों को इस्लामवादी आतंकवादी हमले क़रार देते हुए आलोचना की है.

देश में राष्ट्रीय सुरक्षा अलर्ट प्रणाली को उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया गया है. 

कुछ दिन पहले स्कूल अध्यापक सैमुअल पैटी की हत्या के बाद राष्ट्रपति मैक्राँ ने कार्टूनों के पुन: प्रकाशन का बचाव  किया था लेकिन उनके इस फ़ैसले का मुस्लिम देशों में विरोध हुआ है. 

इन देशों में तथाकथित मुस्लिम विरोधी भावनाओं के ख़िलाफ़ गुस्सा फूटा है और तुर्की के राष्ट्रपति रैचप तैयप एरदोआन सहित अन्य लोगों ने फ़्राँस के उत्पादों का बहिष्कार किये जाने की माँग उठाई है.

असहनीय हमले, आपसी सहिष्णुता का आहवान 

धार्मिक स्थलों की रक्षा और सहिष्णुता को बढ़ावा देने के लिये संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी मिगेल मोराटिनोस ने इस बर्बर हमले की कड़ी निन्दा की है. 

उन्होंने कहा है कि हर वो हमला जिसमें श्रृद्धालुओं सहित आम लोगों को निशाना बनाया जाये, वो असहनीय है और उसे किसी भी रूप में न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता. 

यूएन एलायन्स ऑफ़ सिविलाइज़ेशन्स के उच्च प्रतिनिधि ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों के बाद हमें आपसी सम्मान और शान्ति के प्रयासों को बढ़ावा देने से पीछे नहीं हटना चाहिये. 

इससे पहले बुधवार को जारी अपने एक बयान में उन्होंने कहा कि पैगम्बर मोहम्मद की तस्वीरों को फिर से प्रकाशित किये जाने से अनेक मुसलमानों को ठेस पहुँची है और उनके लिये यह अपमानजनक है.  

उन्होंने कहा कि धर्मों और पवित्र धार्मिक प्रतीकों का अपमान किये जाने से नफ़रत और हिंसक चरमपंथ भड़कता है जिससे समाज में विभाजन और ध्रुवीकरण बढ़ता है. 

उच्च प्रतिनिधि ने सभी धर्मों व आस्थाओं में पारस्परिक सम्मान और भाईचारे व शान्ति की संस्कृति को बढ़ावा दिये जाने की पुकार लगाई है. 

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