बांग्लादेश: कुटुपलाँग शरणार्थी महाशिविर में भीषण आग लगने से भारी तबाही

बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में, कुटुपलाँग शिविर में, विनाशकारी आग लगने के बाद, संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायताकर्मी घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय हैं और आग से प्रभावित हज़ारों रोहिंज्या शरणार्थियों की मदद कर रहे हैं. कॉक्सेस बाज़ार बाज़ार, दुनिया का सबसे बड़ा शरणार्थी शिविर है.

कॉक्सेस बाज़ार में मौजूद मानवीय सहायता समूह – ISCG के अनुसार, आरम्भिक सूचना से संकेत मिलता है कि इस आग में, कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है और 560 घायल हुए हैं. लगभग 400 लोग लापता भी हैं.

UN teams have been deployed to evacuate and assist tens of thousands of refugees in Cos’x Bazar, Bangladesh, left without shelter after a massive fire tore through the refugee camp.📸 @WFP and @UNmigration pic.twitter.com/riZMFvFujr— UN News (@UN_News_Centre) March 23, 2021

प्रभावितों की सटीक संख्या की पुष्टि तो बाद में होगी, मगर शुरुआती अनुमानों से संकेत मिलता है कि आग लगने से प्रभावित शरणार्थियों की संख्या लगभग 87 हज़ार हो सकती है. 
ये आग, कुटुपलाँग महाशिविर के 8W नामक शिविर में स्थानीय समय के अनुसार, सोमवार दोपहर बाद लगभग तीन बजे शुरू हुई. अभी आग लगने के कारणों के बारे में ठोस जानकारी नहीं है.
अन्तरराष्ट्रीय प्रवासी संगठन (IOM) के अनुसार, आग ने भड़कने के बाद से ही, तेज़ी से आसपास के शिविरों को अपने चपेट में ले लिया, और चार शिविरों की लगभग 66 प्रतिशत आबादी, इस आग से प्रभावित हुई है.
ऐसी ख़बरें भी हैं कि बहुत से बच्चे भी इस आग में घायल हुए हैं और बहुत से बच्चे अपने परिवारों से बिछड़ गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) द्वारा चलाए जा रहे दो पोषण केन्द्र और एक खाद्य वितरण केन्द्र, इस आग में जलकर राख हो गए.
अन्तरराष्ट्रीय प्रवासी संगठन द्वारा शिविर में संचालित सबसे बड़ा स्वास्थ्य क्लीनिक भी पूरी तरह जल गया है.
दो अन्य पोषण केन्द्र और एक ई-वाउचर की दुकान, नुक़सान का आकलन करने तक बन्द कर दिये गए हैं.
विश्व खाद्य कार्यक्रम ने बताया है कि प्रभावित शरणार्थियों ने परिवारों और दोस्तों के यहाँ पनाह ली है, साथ ही कुछ शरणार्थियों ने, यूएन शरणार्थी एजेंसी द्वारा चलाए जा रहे अस्थाई शिविरों में शरण ली.
कुटुपलाँग महाशिविर में, लगभग 26 छोटे शिविर हैं. इन शिविरों में, सात लाख से ज़्यादा शरणार्थी पनाह लिये हुए हैं.
फ़रवरी 2021 के आँकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार ज़िले में, तकरीबन 8 लाख 80 हज़ार रोहिंज्या शरणार्थी ठहरे हुए हैं. 
जनवरी 2021 में भी, लगभग साढ़े तीन हज़ार शरणार्थी, उस समय आश्रय हीन रह गए थे जब एक आग ने, लगभग 550 ठिकानों को जलाकर राख कर दिया था.
नयापाड़ा शिविर में लगी उस आग में 150 दुकानें भी ध्वस्त हो गई थीं. ये शिविर कुटुपलाँग से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण में है.
यूएन की तत्काल सहायता
विश्व खाद्य कार्यक्रम के इंजीनियरिंग और मैदानों में काम करने वाले कर्मी और खाद्य सहायता टीमें, आग लगने की ख़बर के बाद से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं.
यूएन एजेंसी ने, आग पर क़ाबू पाने और घटनास्थल पर मौजूद प्रबन्धन एजेंसियों की मदद करने के लिये, हल्की और भारी मशीनें भी तैनात की हैं. इनमें पानी से भरे टैंक भी शामिल हैं.
यूएन खाद्य एजेंसी ने, उच्च ऊर्जा वाले बिस्कुटों से भरे लगभग छह हज़ार बक्से भी, प्रभावित परिवारों में वितरित किये हैं. 
विश्व खाद्य कार्यक्रम ने, आग लगने वाले दिन से अगले दिन, मंगलवार को, प्रभावित लोगों को, ताज़ा भोजन की 62 हज़ार खुराकें दोपहर में, और 62 हज़ार खुराकें, रात के भोजन की मुहैया कराने के इन्तज़ाम किये हैं., बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार में, कुटुपलाँग शिविर में, विनाशकारी आग लगने के बाद, संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायताकर्मी घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय हैं और आग से प्रभावित हज़ारों रोहिंज्या शरणार्थियों की मदद कर रहे हैं. कॉक्सेस बाज़ार बाज़ार, दुनिया का सबसे बड़ा शरणार्थी शिविर है.

कॉक्सेस बाज़ार में मौजूद मानवीय सहायता समूह – ISCG के अनुसार, आरम्भिक सूचना से संकेत मिलता है कि इस आग में, कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है और 560 घायल हुए हैं. लगभग 400 लोग लापता भी हैं.

प्रभावितों की सटीक संख्या की पुष्टि तो बाद में होगी, मगर शुरुआती अनुमानों से संकेत मिलता है कि आग लगने से प्रभावित शरणार्थियों की संख्या लगभग 87 हज़ार हो सकती है. 

ये आग, कुटुपलाँग महाशिविर के 8W नामक शिविर में स्थानीय समय के अनुसार, सोमवार दोपहर बाद लगभग तीन बजे शुरू हुई. अभी आग लगने के कारणों के बारे में ठोस जानकारी नहीं है.

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासी संगठन (IOM) के अनुसार, आग ने भड़कने के बाद से ही, तेज़ी से आसपास के शिविरों को अपने चपेट में ले लिया, और चार शिविरों की लगभग 66 प्रतिशत आबादी, इस आग से प्रभावित हुई है.

ऐसी ख़बरें भी हैं कि बहुत से बच्चे भी इस आग में घायल हुए हैं और बहुत से बच्चे अपने परिवारों से बिछड़ गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) द्वारा चलाए जा रहे दो पोषण केन्द्र और एक खाद्य वितरण केन्द्र, इस आग में जलकर राख हो गए.

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासी संगठन द्वारा शिविर में संचालित सबसे बड़ा स्वास्थ्य क्लीनिक भी पूरी तरह जल गया है.

दो अन्य पोषण केन्द्र और एक ई-वाउचर की दुकान, नुक़सान का आकलन करने तक बन्द कर दिये गए हैं.

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने बताया है कि प्रभावित शरणार्थियों ने परिवारों और दोस्तों के यहाँ पनाह ली है, साथ ही कुछ शरणार्थियों ने, यूएन शरणार्थी एजेंसी द्वारा चलाए जा रहे अस्थाई शिविरों में शरण ली.

कुटुपलाँग महाशिविर में, लगभग 26 छोटे शिविर हैं. इन शिविरों में, सात लाख से ज़्यादा शरणार्थी पनाह लिये हुए हैं.

फ़रवरी 2021 के आँकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश के कॉक्सेस बाज़ार ज़िले में, तकरीबन 8 लाख 80 हज़ार रोहिंज्या शरणार्थी ठहरे हुए हैं. 

जनवरी 2021 में भी, लगभग साढ़े तीन हज़ार शरणार्थी, उस समय आश्रय हीन रह गए थे जब एक आग ने, लगभग 550 ठिकानों को जलाकर राख कर दिया था.

नयापाड़ा शिविर में लगी उस आग में 150 दुकानें भी ध्वस्त हो गई थीं. ये शिविर कुटुपलाँग से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण में है.

यूएन की तत्काल सहायता

विश्व खाद्य कार्यक्रम के इंजीनियरिंग और मैदानों में काम करने वाले कर्मी और खाद्य सहायता टीमें, आग लगने की ख़बर के बाद से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं.

यूएन एजेंसी ने, आग पर क़ाबू पाने और घटनास्थल पर मौजूद प्रबन्धन एजेंसियों की मदद करने के लिये, हल्की और भारी मशीनें भी तैनात की हैं. इनमें पानी से भरे टैंक भी शामिल हैं.

यूएन खाद्य एजेंसी ने, उच्च ऊर्जा वाले बिस्कुटों से भरे लगभग छह हज़ार बक्से भी, प्रभावित परिवारों में वितरित किये हैं. 

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने, आग लगने वाले दिन से अगले दिन, मंगलवार को, प्रभावित लोगों को, ताज़ा भोजन की 62 हज़ार खुराकें दोपहर में, और 62 हज़ार खुराकें, रात के भोजन की मुहैया कराने के इन्तज़ाम किये हैं.

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