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बाढ़ के मद्देनजर जालंधर के 81 गांव खाली करने के आदेश

August 18
07:52 2019

जालंधर, 18 अगस्त : पंजाब में रोपड़ हैडवर्क से 1,89,940 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण फिल्लौर, नकोदर और शाहकोट को निचले इलाकों तथा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में स्थित 81 गांवों को तुरंत खाली करवाने के आदेश दिए गये हैं।

जालंधर के उपायुक्त वरिंदर कुमार शर्मा ने रविवार को इस संबंध में ‘सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट्स’ को आदेश जारी किया और कहा कि वे शाहकोट ‘उप प्रखंड’ में 63, फिल्लौर में 13 और नकोदर ‘उप प्रखंड’ के पांच गांवों को जल्द से जल्द खाली करवाएं। इन गांवों में रमे, तहरपुर, चक बहमनियन, रजावली, जानियां, चक वडाला, गट्टा मुंडी कसु, मंडी शेरियान, रेत, फकरूवाल, भोएपुर, बाजवा खुर्द, अल्दलपुर, तलवंडी बुटियान, नवीन पिंड खलेवाल, रोहड़ू, कमालपुर, जतापुर, जमालपुर, गदईपुर, भगवान, गट रायपुर, जानियन, चहल, महाराजवाला, मुंडी चोलियां, कोठा, कौंट बग्गा, फजलवाला, संदलवाल, लोंगोवाल, सहालपुर, बुधा वाला, बाजवा कलां, सारंगवाल, किल्ली, संगतपुर, तहरपुर, पटो कलां, पाटन कलां, पाटन कलां। खुर्द, जाफोरवाल, माणकपुर, कक्कड़ कलां, कक्कड़ खुर्द, कोटली कम्बन, हेरन, मोबिवाल, रायपुर, गत्ती पीरबख्श, कांग खुर्द, तेह खुआलगढ़, जलालपुर खुर्द, गिद्दड़पिंडी, दरेवाल, कुतबेवाल, मंडला, छलाना, हसनपुर, हाजीपुर और शाहकोट सब डिवीजन के दानवेल और मनुमाची शामिल हैं।

इसी तरह उपायुक्त ने ‘उप प्रखंड ’ के निचले और बाढ़ से प्रभावित गांवों अचनचक, शोले बाजार, कादियाना, गन्ना पिंड, मेयोवाल, मऊ साहिब, खैरा बेट, लसारा, रायपुर अरयियन, सेल्कियाना, झंडेपीर, भोलेवाल और भोड़ा को भी खाली करने का आदेश दिया है। फिल्लौर के अलावा नकोदर जिले के बटे दा चन्ना, मद्देपूर, संगोवाल, गद्रा बोड़ा और नक्कियन गांव खाली किए जाने हैं। उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध से अत्यधिक पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों के लोगों और मवेशियों की सुरक्षित निकासी आवश्यक है।

श्री शर्मा ने कहा कि सतलुज नदी से अत्यधिक छोड़ा गया है और आज शाम तक पानी के जालंधर पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी स्थित से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने फिल्लौर, नकोदर और शाहकोट के ‘सब डिविजनल मजिस्ट्रेट्स’ से कहा कि वे ‘हाई अलर्ट’ पर रहें और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के निकासी अभियानों का समन्वय और निगरानी करें।

उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए सूखे चारे की व्यवस्था की गई है और यदि जरूरत पड़ी तो मंडियों को राहत केंद्रों में बदल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से राहत एवं बचाव कार्य के लिए अपनी टीमों को तैयार रखने के लिए कहा गया है। राष्ट्रीय आपदा राहत बल और राज्य आपदा राहत बल के संपर्क में है। उन्होंने इन गांवों में रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की भी अपील की।

उल्लेखनीय है कि आज सुबह दस बजे तक रोपड हैडवर्कस से 240730 क्यूसेक, सिरसा से 41250 और सवां से 83966 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिससे सजलुज दरिया में बाढ़ आने की संभावना है।

वार्ता

 

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