Online News Channel

News

बिरसा मुंडा की जन्म स्थली उलीहातू गांव की हालत दयनीय

June 17
12:43 2013

एस अंसारी

झारखंड की राजधानी रांची से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है उलीहातू। उलीहातू गांव किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यह गांव झारखंड के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जन्म स्थली है। झारखंड की राजनीति बिरसा मुंडा के इर्द गिर्द घुमती है। सभी राजनीतिक दल बिरसा मुंडा के नाम का फायदा उठाते हैं। साल में कम से कम दो बार उलीहातू गांव नेताओं के  आने-जाने से गुलजार रहता है। 15 नवंबर को बिरसा मुंडा का जन्म दिन और 9 जून को शहीद दिवस धूम-धाम से मनाया जाता है। सभी राजनीतिक दल के छोटे-बडे नेता उलीहातू गांव पहुंचते हैं। भाषण देते हैं, गांव वालों को आशवासन देते हैं, बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर मार्ल्यापण करते हैं। जिला से लेकर प्रखंड स्तर के अधिकारी बिरसा मुंडा और उनकी जन्म स्थली गांव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हैं लेकिन बाकी  363 दिन यह गांव सुनसान रहता है। गांव में न तो कोई नेता पहुंचता है और न ही अधिकारी। गांव के लोग अब नेताओं के भाषण और आश्वासन सुनने की आदत सी हो गयी है। हर साल राजनीतिक दल के नेताओं की घोषणाओं के इतर इस गांव की तस्वीर हैरान करने वाली है। बिरसा मुंडा के प्रतिमा एक छोटे से कमरे में बंद है। कमरे में ताला लगा रहता है। बिरसा मुंडा  प्रतिमा के ठीक बगल में  पथलगडी है जिसे  दीमक खा रहे हैं।  कमरे में सिर्फ एक बल्ब लगा है जो अधिकांश समय तक अंधेरा ही रहता है।

उलीहातू गांव की ओर 1995 में राजनीतिक दलों का ध्यान तब गया था जब 15 नवंबर 1995 को बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव इस गांव में पूरे लाव लश्कर के साथ पहुंचे थे। उनके साथ झारखंड मुक्ति मोरचा के अध्यक्ष शिबू सोरेन भी थे। लालू प्रसाद ने उलीहातू गांव के विकास की बडी-बडी घोषणांए की लेकिन उनकी घोषणाएं कभी धरातल पर नहीं उतरी।

सन 2000 में झारखंड बनने के बाद बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार बनी। बाबू लाल मरांडी की सरकार ने भी उलीहातू गांव के विकास के  वायदे किये। उनके बाद बनने वाली अर्जून मुंडा, मधु कोडा, शिबू सोरेन, हेमंत सोरेन की सरकारों ने भी कई वायदे किये लेकिन सभी वायदे ही साबित हुए।

2003 में  तमाड के विधायक और कल्याण मंत्री रमेश सिंह मुंडा ने पहली बार अपने विधायक फंड से बिरसा मुंडा के प्रतिमा स्थल का सौंदर्यीकरण करवाया। प्रतिमा वाले घर को संवारा, घर के सामने स्थित खाली जगह को टाइल्स लगवाया और चहारदिवारी दिलवाया।

2014 में रघुवर दास के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। 17 सितंबर 2017 को पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और और भारतीय जनता पार्टी के  राष्टीय अध्यक्ष अमित शाह उलीहातू गांव पहुंचे। उनके उलीहातू गांव आने का एक बडा फायदा यह हुआ कि गांव तक पक्की सडक बन गयी। गांव में बिजली पहुंच गयी और करीब-करीब हरेक घर में शौचालय बन गये। अब यह अलग बात है कि इन शौचालयों का गांव वाले इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। गांव में बिजली पहुंची, सोलर लाईट से भी बिजली की व्यवस्था की गयी।

फोटो : खालिद उमर

बिरसा मुंडा की जन्म स्थली उलीहातू गांव की हालत दयनीय - overview
5out of 5
Graphics
4.5out of 5
Gameplay
5out of 5
Sound
4out of 5
Storyline

Summary: Mel nibh sonet ne, laudem vidisse habemus ei sed, te stet diceret necessitatibus nam. Molestie vituperatoribus est an, an dicunt aeterno usu, cu mea admodum interesset. At etiam discere euismod has. At sed summo impedit reprehendunt, dolorem delicatissimi vim te.

4.63 Good
4.63 out of 5
Share
Akash
Swastik Tiles
Reshika Boutique
Paul Opticals
New Anjan Engineering Works
The Raymond Shop
Metro Glass
Puma
Krsna Restaurant
VanHuesen
W Store
Ad Impact
Chotanagpur Handloom
Bhatia Sports
Home Essentials
Abhushan
Raymond

About Author

admin_news

admin_news

Related Articles

0 Comments

No Comments Yet!

There are no comments at the moment, do you want to add one?

Write a comment

Write a Comment

Poll

Will India Win Cricket World Cup in 2019 ?

LATEST ARTICLES

    Modi’s mega swearing-in ceremony likely on May 30

Modi’s mega swearing-in ceremony likely on May 30

0 comment Read Full Article

Subscribe to Our Newsletter