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बेहतरीन और चटपटी फिल्मों के फिल्मकार बासु चटर्जी का निधन

June 04
13:20 2020
  • बासु चटर्जी की फिल्में बाॅक्स ऑफिस में करती थी धमाल
  • फिल्मार बासु चटर्जी की फिल्में एक रस और सदाबहार आज भी हैं

फिल्मकार बासु चटर्जी का उम्र संबंधी बीमारियों के कारण मुंबई में बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। बासु का अंतिम संस्कार दोपहर 2 बजे सांताक्रूज श्मशान घाट में होगा। इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (आईएफटीडीए) के अध्यक्ष अशोक पंडित ने बासु चटर्जी के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा-‘मैं बहुत ही दुख के साथ आपको बताना चाहता हूं कि दिग्गज फिल्ममेकर बासु चटर्जी जी हमारे बीच नहीं रहे। उनका अंतिम संस्कार आज 2 बजे सांताक्रूज श्मशान घाट में होगा। यह इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है। आपकी याद आएगी सर। बासु चटर्जी आपकी आत्मा को शांति मिले।’

बासु चटर्जी को 7 बार फिल्म फेयर अवॉर्ड से नवाजा गया था।

बासु चटर्जी को छोटी सी बात, रजनीगंधा, बातों बातों में, एक रुका हुआ फैसला, खट्टा मीठा और चमेली की शादी जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए जाना जाता है। उनकी फिल्में मध्य वर्ग परिवारों पर आधारित होती थी।

फिल्मों में बासु चटर्जी के योगदान के लिए 7 बार फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था। 2007 में उन्हें आइफा ने लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा था। 1969 से लेकर 2011 तक बासु दा फिल्मों के निर्देशन में सक्रिय रहे।

फिल्मों के अलावा बासु ने ब्योमकेश बख्शी और रजनी जैसे टीवी शो का भी निर्देशन किया था। चटर्जी की बेटी रूपाली गुहा टीवी शो प्रोड्यूस कर रही हैं।

बासु चटर्जी ने अपने करियर की शुरुआत 18 साल की उम्र में एक मैगजीन में बतौर कार्टूनिस्ट किया था। बासु चटर्जी का जन्म 30 जनवरी 1930 को अजमेर में हुआ था। बासु चटर्जी का निधन मनोरंजन जगत के लिए अपूर्णनीय क्षति है।

अशोक कुमार और रति अग्निहोत्री
जब भी कोई कंगना बोले पायल छनक जाये
सोयी सोयी दिल की धड़कन सुलग सुलग जाये
करूँ जतन लाख मगर मन मचल मचल जाये
मचल मचल जाये,  जब भी कोई कंगना बोले

छलक गये रंग जहाँ पर उलझ गये नैना रे नैना
उलझ गये नैना
पाये नहीं मन बंजारा कहीं भी ये चैना रे चैना
कहीं भी ये चैना
मेरे मन की प्यास अधूरी मुझे भटकाये,
जब भी कोई कंगना बोले

कली कली झूमे रे भंवरा अगन पे जल जाये पतंगा
अगन पे जल जाये
चंदा को चकोर निहारे इसी में सुख पाये रे पाये
इसी में सुख पाये
जीवन से ये रस का बंधन तोड़ा नहीं जाये,
जब भी कोई कंगना बोले

(हि.स.)​​​​

स्टेज को मिस कर रही है कृति सेनन

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