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बैंकों में जंग खा रहे हथियार, बैंक मैनेजर डोप टेस्ट को मजबूर

February 14
07:18 2020

चंडीगढ़ , 14 फरवरी । बैंकों में हमेशा नगदी या आभूषण सुरक्षित रखने के लिए जमा कराए जाते हैं। ऐसे में यह तथ्य चौंकाता है कि बैंकों में न केवल हथियार जमा हैं बल्कि वे जंग भी खा रहे हैं। पर पंजाब के बैंको का यही हाल है कि हथियारों का रखरखाव उनके लिए समस्या बन गया है।

दरअसल पंजाब में आतंकवाद के दौर में बैंकों की सुरक्षा के लिए अधिक सुरक्षाकर्मी नियुक्त किए जाते थे और उन्हें अत्याधुनिक हथियार भी मुहैया कराए जाते थे। आतंकवाद का दौर खत्म होने के बाद सुरक्षाकर्मी तो इधर उधर भेज दिए गए, सवाल है कि हथियारों का क्या किया जाए?

आतंकवाद का दौर खत्म होने के बाद और बैंकिग सेवा में अत्याधुनिक तकनीकी के प्रवेश के बाद अब बैंक शाखांओं में सुरक्षा कर्मचारियों की संख्या कम होती जा रही है। पर उस दौर में जो हथियार खरीदे उसका मालिकाना हक बैंक के पास है। बैंकों के लिए परेशानी यें है कि पंजाब सरकार के निर्देशों पर हथियार रखने के लाइसेंस का नवीनीकरण करवाना जरूरी होता है और इसके लिए डोप टेस्ट करवाना भी आवश्यक है। इसी के चलते कुछ बैंकों के हथियार अवैध वाली स्थिति में आ गये है। बैकों ने पंजाब सरकार से लाइसेंस नवीनीकरण के लिए तय शर्तों में छूट देने की मांग की है।

पंजाब में विभिन्न बैंकों की 6390 शाखाएं है, जो कि पूर्व में कुछ कम थीं। अतीत में अधिकतर बैंकों की शाखाओं की सुरक्षा के लिए एक से अधिक और कहीं कहीं 4-5 तक सुरक्षा कर्मचारी तैनात थे। बैंक प्रबंधन द्वारा बैंकों की सुरक्षा को कम करने के निर्णय के बाद तीन हजार से अधिक सुरक्षा कर्मचारियों को धीरे-धीरे बैंकों की सुरक्षा से हटा दिया गया। आज प्रत्येक बैंक शाखा में एक ही सुरक्षा कर्मचारी है। इसके चलते तीन हज़ार से अधिक हथियारों का उपयोग नहीं होता है।

बैंकों के लिए परेशानी कैश की तरह ही हथियार की सुरक्षा भी हो गई है, जिसकी जिम्मेदारी बैंक के शाखा प्रबंधक व अन्य अधिकारियों को लेनी पड़ रही है। इससे भी बड़ी परेशानी शाखा प्रबंधकों के लिए बेकार रखे हथिय़ारों को अवैध होने के बचाने की है। इन हथिय़ारों के लाइसेंस की अवधि पार होने के बाद औपचारिकता पूरी करवाने के लिए स्वंय बैंक शाखा प्रबंधक को न सिर्फ लाईन में लगना पड़ता है, बल्कि स्वंय के डोप टेस्ट भी करवाने पड़ते है।

गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2018 से आर्म लाइसेंस बनवाने अथवा नवीनीकरण के लिए डोप टेस्ट आवश्यक कर दिया है। चुनावों के करीब भी इन हथिआरों का पूरा विवरण पुलिस को भी देना पड़ता है। इन तमाम बातों से बैंक का कार्य भी प्रभावित होता है। पंजाब के बैंकों की राज्य स्तरीय कमेटी की बैठक में इस मुद़दे पर विचार हुआ और बैंकर्स कमेटी में इस बारे में पंजाब सरकार से बैठक करने का निर्णय लिया। बैंकों की तरफ से मांग की गई है कि बैंकों के बेकार पड़े हथियारों के नवीनीकरण के लिए डोप टेस्ट की शर्त को हटाया जाए।

(हि. स. )

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