Online News Channel

News

भक्त भाव से एक दूसरे की मदद करते रहें, कोई भी जाति या धर्म का भाव मन में न रखे : सतगुरु माता सुदीक्षा

November 25
10:14 2018

संत निरंकारी मिशन: सतगुरु माता सुदीक्षा का पहला समागम, 6 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

इनसाईट आॅनलाईन न्यूज

पानीपत: हरियाणा स्थित समालख में संत निरंकारी मिशन का 71वां वार्षिक समागम में करीब छह लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। समागम स्थल पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना जारी रहा। माता सुदीक्षा महाराज ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उनके दर्शन को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। 71वां वार्षिक समागम पहली बार दिल्ली से बाहर हरियाणा में समालखा के पास हो रहा है। सतगुरु के रूप में माता सुदीक्षा जी महाराज का यह पहला समागम है।

माता सुदीक्षा जी महाराज जन्म 13 मार्च 1985 को दिल्ली की निरंकारी कॉलोनी में हुआ। वे 36 साल तक मिशन के चैथे सतगुरु रहे बाबा हरदेव सिंह की 3 बेटियों में सबसे छोटी हैं। 12 साल की उम्र में ही सुदीक्षा पिता के साथ समागमों में जाने लग गई थीं। 2007 में मनोविज्ञान में ग्रेजुएशन किया।

13 मई, 2016 को कनाडा में कार दुर्घटना में पिता हरदेव की मृत्यु के बाद पत्नी माता सविंदर ने 5वीं सदगुरु की जिम्मेदारी संभाली। 16 जुलाई, 2018 को माता सविंदर ने सुदीक्षा को निरंकारी सतगुरु घोषित कर दिया। 20 दिन बाद ही माता सविंदर का निधन हो गया। सतगुरु सुदीक्षा के पहले समागम के लिए 80 एकड़ में पंडाल लगाया है। 24 से 26 नवंबर तक चलने वाले समागम में 70 देशों से 6 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा है।

27 देशों में फैला है निरंकारी मिशन: 1929 में संत निरंकारी मिशन की स्थापना हुई थी। निरंकारी मिशन का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है। इस समय संत निरंकारी मिशन की सम्पत्ति अरबों में है। भारत में तकरीबन हर राज्यों में इसके लाखों अनुयायी हैं। सुदीक्षा के पिता बाबा हरदेव सिंह को विश्व में मानवता की शांति के लिए कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।

भक्त भाव से एक दूसरे की मदद करते रहें, कोई भी जाति या धर्म का भाव मन में न रखे : सतगुरु माता सुदीक्षा

आयोजित समागम में बैठे श्रद्धालुओं की दो कतार लगवाई गई। वे सभी मंच के पास जाकर माता को प्रणाम करते हुए वापस अपनी जगह पर बैठते रहे। सेवादारों के इस मैनेजमेंट के चलते श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। इसके बाद माता ने प्रवचन शुरू किए।

माता सुदीक्षा महाराज ने कहा कि सभी लोग भक्त भाव से एक दूसरे की मदद करते रहें। कोई भी जाति या धर्म का भाव मन में न रखे, उसे तो कल्याणकारी भाव से एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए। वह प्रभु को भी अच्छा लगता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, आप लोगों के यहां आने से ये जगह भी छोटी सी प्रतीत होने लगी है। यह सब सतगुरु जी की कृपा है। आप लोगों पर सतगुरु कृपा बनाए रखें।

सद्गुरु माता सुदीक्षा महाराज ने कहा कि श्रद्धालु की भक्ति उम्र और स्थान की मोहताज नहीं होती। भक्त हर अवस्था में एक जैसा रहता है। किसी तरह की विषम परिस्थितियां उसे प्रभावित नहीं करती। समागम की थीम श्मां सविंदर-एक रोशन सफरश् का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का किरदार रोशन मीनार की तरह होता है। उसका हर कार्य मानवता को समर्पित रहता है।

वह हमेशा अनुयायियों को कुछ देना चाहता है, जिससे उनका जीवन जीना आसान हो जाए। उन्होंने कहा कि हम साकार है, लेकिन उपासना निरंकार स्वरूप की करते हैं, जिससे हर चीजों के महत्व का बोध लोगों को हो। उन्होंने कहा कि अमृतसर में जो घटना हुई वह दुखद है। मानवता का नुकसान हुआ है। कुछ लोग अब भी स्वस्थ नहीं हो पाए हैं। जल्द ही वो स्वस्थ होकर सेवा कार्यों में भागीदार बनेंगे।

संत निरंकारी ने विश्व को सभ्य समाज और मानवता का दिया संदेश: खट्टर

संत निरंकारी मिशन का 71वां वार्षिक समागम कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पहुंचे। सीएम ने कहा कि भारत एक धार्मिक और सांस्कृतिक राष्ट्र है। वसुदेव कुटुम्बकम् पर आधारित भारतीय संस्कृति में सारे संसार को एक परिवार माना है तथा संत निरंकारी जैसे देश के अनेक महान संत महात्माओं ने सारे विश्व को सभ्य समाज और मानवता के प्रति समर्पित होने का संदेश दिया है।

संत निरंकारी ने विश्व को सभ्य समाज और मानवता का दिया संदेश: खट्टर

उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा की पवित्र पावन धरती पर गीता जैसे महान ग्रंथ की रचना हुई और भारत में ही नहीं, विदेशों में भी संत निरंकारी व गीता महोत्सव कार्यक्रम प्रतिवर्ष होते हैं। हमारे लिए यह गर्व व गौरव का विषय है कि हरियाणा की पवित्र धरती पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का संत निरंकारी समागम का आयोजन किया गया है। इसके लिए उन्होंने गुरू माँ सुदीक्षा सविंद्र हरदेवजी महाराज व संत निरंकारी मिशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर एक है और उसे पाने के रास्ते अनेक हैं।

Home Essentials
Abhushan
Sri Alankar
Raymond

About Author

admin_news

admin_news

Related Articles

0 Comments

No Comments Yet!

There are no comments at the moment, do you want to add one?

Write a comment

Write a Comment

Poll

Economic performance compared to previous government ?

LATEST ARTICLES

    ‘Total Dhamaal’: Funny and entertaining despite a staid story

‘Total Dhamaal’: Funny and entertaining despite a staid story

0 comment Read Full Article

Subscribe to Our Newsletter