भारत के महावीर: भलाई का जज़्बा

‘भारत के महावीर’ टेलीवीज़न श्रृँखला के इस भाग में, एक सामुदायिक रेडियो, किशोरों द्वारा शुरू किया गया ऑनलाइन फ़िटनैस क्लब और एक बुज़ुर्ग शिक्षिका द्वारा बच्चों की शिक्षा जारी रखने के लिये शुरू किये गए असाधारण कार्य शामिल हैं…
 

इस कड़ी में हरियाणा प्रदेश के एक आकाँक्षी ज़िले – मेवात के एक सामुदायिक रेडियो स्टेशन की कहानी दिखाई गई है, जिसका संचालन व प्रबन्धन पूरी तरह से स्थानीय लोगों ने किया. कोविड-19 के दौरान इस रेडियो स्टेशन ने यह सुनिश्चित किया कि बच्‍चों की शिक्षा में व्यवधान न पड़े और वो निरन्तर सीखते रहें. रेडियो मेवात, कोविड-19 के बारे में जागरूकता का प्रसार करने में भी लगा है.  
इसके अलावा, बेंगलूरू के स्‍कूल विद्यार्थी रोहन रे और आकाश राघवन का क़िस्सा है, जिन्‍होंने बच्‍चों के लिये एक ऑनलाइन फ़िटनेस क्‍लब तो शुरू किया ही, साथ ही, इससे होने वाली सारी आमदनी, कोविड राहत कोष में दान कर दी. 
यही नहीं, 85 वर्षीय सरोजा सुन्दरराजन का जज़्बा भी क़ाबिल-ए-तारीफ़ रहा, जिन्होंने गणित की रचनात्मक अभ्यास शीट बनाकर बच्चों की शिक्षा जारी रखने में मदद की. इसके ज़रिये एक हुई धनराशि के दो लाख रुपए, प्रधानमन्त्री केयर फण्ड में दान किये., ‘भारत के महावीर’ टेलीवीज़न श्रृँखला के इस भाग में, एक सामुदायिक रेडियो, किशोरों द्वारा शुरू किया गया ऑनलाइन फ़िटनैस क्लब और एक बुज़ुर्ग शिक्षिका द्वारा बच्चों की शिक्षा जारी रखने के लिये शुरू किये गए असाधारण कार्य शामिल हैं…
 

इस कड़ी में हरियाणा प्रदेश के एक आकाँक्षी ज़िले – मेवात के एक सामुदायिक रेडियो स्टेशन की कहानी दिखाई गई है, जिसका संचालन व प्रबन्धन पूरी तरह से स्थानीय लोगों ने किया. कोविड-19 के दौरान इस रेडियो स्टेशन ने यह सुनिश्चित किया कि बच्‍चों की शिक्षा में व्यवधान न पड़े और वो निरन्तर सीखते रहें. रेडियो मेवात, कोविड-19 के बारे में जागरूकता का प्रसार करने में भी लगा है.  

इसके अलावा, बेंगलूरू के स्‍कूल विद्यार्थी रोहन रे और आकाश राघवन का क़िस्सा है, जिन्‍होंने बच्‍चों के लिये एक ऑनलाइन फ़िटनेस क्‍लब तो शुरू किया ही, साथ ही, इससे होने वाली सारी आमदनी, कोविड राहत कोष में दान कर दी. 

यही नहीं, 85 वर्षीय सरोजा सुन्दरराजन का जज़्बा भी क़ाबिल-ए-तारीफ़ रहा, जिन्होंने गणित की रचनात्मक अभ्यास शीट बनाकर बच्चों की शिक्षा जारी रखने में मदद की. इसके ज़रिये एक हुई धनराशि के दो लाख रुपए, प्रधानमन्त्री केयर फण्ड में दान किये.

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