भारत में चक्रवाती तूफ़ान ‘ताउते’ का प्रकोप – यूएन ने जताई एकजुटता

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने चक्रवाती तूफ़ान ‘ताउते’ से प्रभावित इलाक़ो में राहत एवँ बचाव कार्य में जुटे राहतकर्मियों की सराहना की है, जिनके प्रयासों के फलस्वरूप अनेक लोगों की ज़िन्दगियों की रक्षा करना सम्भव हुआ है. ‘ताउते’ से गुज़रात, महाराष्ट्र, गोवा सहित देश के अनेक राज्य प्रभावित हुए हैं.

ख़बरों के अनुसार, चक्रवात की चपेट में आने से कम से 19 लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए गए हैं. 

We commend the Govt of India, state govts & India’s first responders for their timely preparedness ahead of #CycloneTauktae that saved many lives. We stand in solidarity with 🇮🇳 as she faces the wrath of the #cyclone in the middle of the #COVID19 pandemic: UNRC Renata Dessallien— United Nations in India (@UNinIndia) May 18, 2021

भारी बारिश और तेज़ हवाओं से कई स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर गए हैं, बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और खम्भे उखड़ जाने के कारण बिजली-आपूर्ति ठप हो गई है.
‘ताउते’ एक बर्मी शब्द है, जिसका अर्थ है बहुत तेज़ चीखने वाली एक छिपकली. भारतीय उपमहाद्वीप के पास स्थित महासागर प्रणाली में यह अपनी तरह का पहला तूफ़ान है.
चक्रवाती तूफ़ान ‘ताउते’ सोमवार देर रात गुजरात के तट से टकराया और समय बीतने के साथ ‘अति गम्भीर चक्रवाती तूफ़ान’ से कमज़ोर होकर मंगलवार सुबह तक ‘गम्भीर चक्रवाती तूफ़ान में तब्दील हो गया.
आने वाले घण्टों में इसके और कमज़ोर पड़ने की सम्भावना है. 
भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने मंगलवार को कहा, “हम भारत सरकार, राज्य सरकारों और राहत व बचाव कार्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़े उन कार्यकर्ताओं की सराहना करते हैं, जिन्होंने ताउते चक्रवात से पहले समय पर तैयारी करके, कई लोगों की जान बचाई.” 
“कोविड-19 महामारी के दौरान, चक्रवात के प्रकोप का सामना कर रहे भारत के साथ हम एकजुटता के साथ खड़े हैं.”
चक्रवात ताउते के मद्देनज़र, गुजरात ने अस्थाई रूप से कोविड-19 टीकाकरण रोक दिया था, जिसे 20 मई से फिर से शुरू किये जाने की बात कही गई है. 
चक्रवात के कमज़ोर होने के बावजूद अगले कुछ घण्टों में राजस्थान, और उत्तर प्रदेश में भी बारिश और तेज़ हवाएँ चलने की सम्भावना व्यक्त की गई हैं.
भारत सरकार की आपदा राहत एजेंसी NDRF और अन्य राहत अधिकारीगण, स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं और राहत कार्यों के लिये मुस्तैदी से तैयार हैं. इन कार्यों में यूनीसेफ़ भी भारत सरकार के साथ सक्रिय सहयोग कर रहा है.
यूनीसेफ़, गुजरात सरकार और गुजरात आपदा प्रबन्धन संस्थान के साथ कोविड-19 जोखिम प्रबन्धन पर हितधारकों की क्षमता निर्माण और प्रमुख ख़तरों पर संचार सामग्री विकसित करने हेतु प्रयासरत है., भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने चक्रवाती तूफ़ान ‘ताउते’ से प्रभावित इलाक़ो में राहत एवँ बचाव कार्य में जुटे राहतकर्मियों की सराहना की है, जिनके प्रयासों के फलस्वरूप अनेक लोगों की ज़िन्दगियों की रक्षा करना सम्भव हुआ है. ‘ताउते’ से गुज़रात, महाराष्ट्र, गोवा सहित देश के अनेक राज्य प्रभावित हुए हैं.

ख़बरों के अनुसार, चक्रवात की चपेट में आने से कम से 19 लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए गए हैं. 

We commend the Govt of India, state govts & India’s first responders for their timely preparedness ahead of #CycloneTauktae that saved many lives. We stand in solidarity with 🇮🇳 as she faces the wrath of the #cyclone in the middle of the #COVID19 pandemic: UNRC Renata Dessallien

— United Nations in India (@UNinIndia) May 18, 2021

भारी बारिश और तेज़ हवाओं से कई स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर गए हैं, बड़ी संख्या में घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और खम्भे उखड़ जाने के कारण बिजली-आपूर्ति ठप हो गई है.

‘ताउते’ एक बर्मी शब्द है, जिसका अर्थ है बहुत तेज़ चीखने वाली एक छिपकली. भारतीय उपमहाद्वीप के पास स्थित महासागर प्रणाली में यह अपनी तरह का पहला तूफ़ान है.

चक्रवाती तूफ़ान ‘ताउते’ सोमवार देर रात गुजरात के तट से टकराया और समय बीतने के साथ ‘अति गम्भीर चक्रवाती तूफ़ान’ से कमज़ोर होकर मंगलवार सुबह तक ‘गम्भीर चक्रवाती तूफ़ान में तब्दील हो गया.

आने वाले घण्टों में इसके और कमज़ोर पड़ने की सम्भावना है. 

भारत में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडेण्ट कोऑर्डिनेटर, रेनाटा डेज़ालिएन ने मंगलवार को कहा, “हम भारत सरकार, राज्य सरकारों और राहत व बचाव कार्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़े उन कार्यकर्ताओं की सराहना करते हैं, जिन्होंने ताउते चक्रवात से पहले समय पर तैयारी करके, कई लोगों की जान बचाई.” 

कोविड-19 महामारी के दौरान, चक्रवात के प्रकोप का सामना कर रहे भारत के साथ हम एकजुटता के साथ खड़े हैं.”

चक्रवात ताउते के मद्देनज़र, गुजरात ने अस्थाई रूप से कोविड-19 टीकाकरण रोक दिया था, जिसे 20 मई से फिर से शुरू किये जाने की बात कही गई है. 

चक्रवात के कमज़ोर होने के बावजूद अगले कुछ घण्टों में राजस्थान, और उत्तर प्रदेश में भी बारिश और तेज़ हवाएँ चलने की सम्भावना व्यक्त की गई हैं.

भारत सरकार की आपदा राहत एजेंसी NDRF और अन्य राहत अधिकारीगण, स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं और राहत कार्यों के लिये मुस्तैदी से तैयार हैं. इन कार्यों में यूनीसेफ़ भी भारत सरकार के साथ सक्रिय सहयोग कर रहा है.

यूनीसेफ़, गुजरात सरकार और गुजरात आपदा प्रबन्धन संस्थान के साथ कोविड-19 जोखिम प्रबन्धन पर हितधारकों की क्षमता निर्माण और प्रमुख ख़तरों पर संचार सामग्री विकसित करने हेतु प्रयासरत है.

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