भुखमरी की चपेट में एक करोड़ से ज़्यादा सीरियाई नागरिक – WFP

एक दशक पुराने हिंसक संघर्ष से पीड़ित सीरिया में, कुल आबादी का लगभग 60 फ़ीसदी हिस्सा – एक करोड़ 24 लाख लोग – खाद्य असुरक्षा का शिकार है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि देश में पिछले एक वर्ष में बुनियादी खाद्य वस्तुओं की क़ीमतों में 250 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है और मौजूदा हालात में वर्ष 2021 में बहुत से परिवारों के लिये पर्याप्त भोजन का इन्तज़ाम कर पाना मुश्किल होगा.

 यूएन एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार एक वर्ष में 45 लाख अतिरिक्त सीरियाई नागरिक खाद्य असुरक्षा के गर्त में धँसे हैं. 
कोरोनावायरस संकट के दौरान रोज़गारों के ख़त्म होने, आर्थिक संकट की चपेट में आने और खाद्य वस्तुओं की बढ़ती क़ीमतों के कारण पहले से विस्थापन और हताशा का शिकार सीरियाई नागरिक बेहद कठिन हालात में गुज़ारा कर रहे हैं. 
सीरिया में यूएन एजेंसी के प्रतिनिधि और देशीय निदेशक शॉन ओब्रायन ने कहा, “हालात इतने ख़राब पहले कभी नहीं रहे हैं. दस वर्षों के हिंसक संघर्ष के बाद, बढ़ते आर्थिक संकट का सामना करते हुए सीरियाई परिवारों की जमा-पूँजी ख़त्म हो गई है.”
एक महीने के लिए एक परिवार के लिये भोजन की बुनियादी ज़रूरतों, जैसेकि ब्रेड, चावल, दाल, तेल और चीनी की क़ीमत एक लाख 20 हज़ार सीरियाई पाउण्ड है, जोकि औसत वेतन से कहीं ज़्यादा है.
यूएन एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि यह देखना चिन्ताजनक है कि सीरिया में सामान्य आहार भी आम परिवारों की पहुँच से दूर होता जा रहा है. 
विश्व खाद्य कार्यक्रम और साझीदार संगठनों ने सीरिया में खाद्य सुरक्षा और आजीविका सम्बन्धी हालात की समीक्षा की है.
इस रिपोर्ट के तहत उन लोगों की संख्या का भी अनुमान लगाया है जो गम्भीर रूप से खाद्य असुरक्षा का शिकार हैं, यानी जिन्हें गुज़ारे के लिये खाद्य सहायता की आवश्यकता है.
खाद्य क़ीमतों में तेज़ बढ़ोत्तरी
रिपोर्ट बताती है कि ऐसे लोगों की संख्या पिछले एक वर्ष में दोगुनी होकर 13 लाख हो गई है, और तत्काल कार्रवाई के अभाव में, अतिरिक्त 18 लाख लोगों के गम्भीर खाद्य असुरक्षा का शिकार होने का ख़तरा है.
पिछले एक वर्ष में, सीरिया में खाद्य क़ीमतों में तेज़ बढ़ोत्तरी हुई है, और बुनियादी खाद्य वस्तुओं के दामों में 236 फ़ीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि देश की मुद्रा सीरियाई पाउण्ड  तेज़ी से लुढ़की है. 
अपना गुज़ारा चलाने और बच्चों का पेट भरने के लिये अभिभावकों को कठिन निर्णय करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है. 
वे कम भोजन खा रहे हैं, कर्ज के बोझ में दब रह हैं और आय के इन्तज़ाम के लिये मजबूरी में अपनी सम्पत्तियों व मवेशियों को बेच रहे हैं. 
विश्व खाद्य कार्यक्रम, हर महीने सीरिया में 50 लाख सबसे ज़रूरतमन्द लोगों को खाद्य सहायता मुहैया कराती है, और इनमें से अधिकांश लोगों के लिये भोजन का यही सहारा है. 
यूएन एजेंसी ने कहा है कि सीरिया में मानवीय राहत ज़रूरतों को पूरा करने के लिये जुलाई 2021 तक 37 करोड़ डॉलर की आवश्यकता होगी., एक दशक पुराने हिंसक संघर्ष से पीड़ित सीरिया में, कुल आबादी का लगभग 60 फ़ीसदी हिस्सा – एक करोड़ 24 लाख लोग – खाद्य असुरक्षा का शिकार है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) की एक नई रिपोर्ट दर्शाती है कि देश में पिछले एक वर्ष में बुनियादी खाद्य वस्तुओं की क़ीमतों में 250 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है और मौजूदा हालात में वर्ष 2021 में बहुत से परिवारों के लिये पर्याप्त भोजन का इन्तज़ाम कर पाना मुश्किल होगा.

 यूएन एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार एक वर्ष में 45 लाख अतिरिक्त सीरियाई नागरिक खाद्य असुरक्षा के गर्त में धँसे हैं. 

कोरोनावायरस संकट के दौरान रोज़गारों के ख़त्म होने, आर्थिक संकट की चपेट में आने और खाद्य वस्तुओं की बढ़ती क़ीमतों के कारण पहले से विस्थापन और हताशा का शिकार सीरियाई नागरिक बेहद कठिन हालात में गुज़ारा कर रहे हैं. 

सीरिया में यूएन एजेंसी के प्रतिनिधि और देशीय निदेशक शॉन ओब्रायन ने कहा, “हालात इतने ख़राब पहले कभी नहीं रहे हैं. दस वर्षों के हिंसक संघर्ष के बाद, बढ़ते आर्थिक संकट का सामना करते हुए सीरियाई परिवारों की जमा-पूँजी ख़त्म हो गई है.”

एक महीने के लिए एक परिवार के लिये भोजन की बुनियादी ज़रूरतों, जैसेकि ब्रेड, चावल, दाल, तेल और चीनी की क़ीमत एक लाख 20 हज़ार सीरियाई पाउण्ड है, जोकि औसत वेतन से कहीं ज़्यादा है.

यूएन एजेंसी के प्रतिनिधि ने बताया कि यह देखना चिन्ताजनक है कि सीरिया में सामान्य आहार भी आम परिवारों की पहुँच से दूर होता जा रहा है. 
विश्व खाद्य कार्यक्रम और साझीदार संगठनों ने सीरिया में खाद्य सुरक्षा और आजीविका सम्बन्धी हालात की समीक्षा की है.

इस रिपोर्ट के तहत उन लोगों की संख्या का भी अनुमान लगाया है जो गम्भीर रूप से खाद्य असुरक्षा का शिकार हैं, यानी जिन्हें गुज़ारे के लिये खाद्य सहायता की आवश्यकता है.

खाद्य क़ीमतों में तेज़ बढ़ोत्तरी

रिपोर्ट बताती है कि ऐसे लोगों की संख्या पिछले एक वर्ष में दोगुनी होकर 13 लाख हो गई है, और तत्काल कार्रवाई के अभाव में, अतिरिक्त 18 लाख लोगों के गम्भीर खाद्य असुरक्षा का शिकार होने का ख़तरा है.

पिछले एक वर्ष में, सीरिया में खाद्य क़ीमतों में तेज़ बढ़ोत्तरी हुई है, और बुनियादी खाद्य वस्तुओं के दामों में 236 फ़ीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि देश की मुद्रा सीरियाई पाउण्ड  तेज़ी से लुढ़की है. 

अपना गुज़ारा चलाने और बच्चों का पेट भरने के लिये अभिभावकों को कठिन निर्णय करने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है. 

वे कम भोजन खा रहे हैं, कर्ज के बोझ में दब रह हैं और आय के इन्तज़ाम के लिये मजबूरी में अपनी सम्पत्तियों व मवेशियों को बेच रहे हैं. 

विश्व खाद्य कार्यक्रम, हर महीने सीरिया में 50 लाख सबसे ज़रूरतमन्द लोगों को खाद्य सहायता मुहैया कराती है, और इनमें से अधिकांश लोगों के लिये भोजन का यही सहारा है. 

यूएन एजेंसी ने कहा है कि सीरिया में मानवीय राहत ज़रूरतों को पूरा करने के लिये जुलाई 2021 तक 37 करोड़ डॉलर की आवश्यकता होगी.

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