महामारियों से निपटने की तैयारियों के लिये अन्तरराष्ट्रीय सन्धि की पुकार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सदस्य देशों को आगाह किया है कि यह मानना एक बड़ी भूल होगी कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का संकट गुज़र चुका है. यूएन एजेंसी प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने मौजूदा कोरोनावायरस संकट से सबक़ लेते हुए एक अन्तरराष्ट्रीय समझौते का आग्रह किया है, ताकि भावी वैश्विक स्वास्थ्य ख़तरों के प्रति समय से पहले चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाया जा सके और वैक्सीनों, उपचारों व परीक्षणों को न्यायोचित ढँग से उपलब्ध कराना सम्भव हो.

महानिदेशक घेबरेयेसस ने विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के एक सप्ताह से जारी 74वें सत्र को अपने समापन सम्बोधन में कहा कि व्यक्तियों, परिवारों, समुदायों, राष्ट्रों और अर्थव्यवस्थाओं के फलने-फूलने के लिये स्वास्थ्य रक्षा ज़रूरी है.

Closing of the #WHA74 with @DrTedros https://t.co/sKrAOaiJRD— World Health Organization (WHO) (@WHO) May 31, 2021

उन्होंने कहा कि विश्व भर में, कोविड-19 संक्रमण और मृतक संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है, इसके बावजूद यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि न्यायोचित टीकाकरण और सुसंगत व लक्षित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के मिश्रण से ही इस संकट पर पार पाया जा सकता है.
कोरोनावायरस संक्रमण के अब तक 16 करोड़ 95 लाख मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 35 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.
महानिदेशक घेबरेयेसस ने सभी सदस्य देशों से, इस वर्ष सितम्बर महीने तक कम से कम 10 फ़ीसदी आबादी के टीकाकरण का संकल्प लेने का आग्रह किया है और वर्ष के अन्त तक इसे 30 प्रतिशत तक बढ़ाया जाना होगा.
“एक दिन – उम्मीद है कि जल्द ही – यह महामारी बीते दिनों की बात होगी, मगर उन सभी के लिये मनोवैज्ञानिक घाव दूर नहीं होंगे जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, वे स्वास्थ्यकर्मी जिन्हें टूट जाने की हद तक काम करना पड़ा, और हर उम्र के वे सभी लोग जिन्होंने महीनों का अकेलापन और अलगाव झेला है.”
अन्तरराष्ट्रीय सन्धि का प्रस्ताव
महामारी पर प्रस्तावित सन्धि के ज़रिये भावी वैश्विक स्वास्थ्य ख़तरों के प्रति समय से पहले चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाया जाएगा, और आवश्यक सामग्री के भण्डारण व उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा.
साथ ही वैक्सीनों, उपचारों और परीक्षणों के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित और आपात स्थिति से निपटने के लिये कार्यबल को तैयार किया जाएगा.
“इस प्रकार की अन्तरराष्ट्रीय सन्धि को सभी देशों द्वारा आकार दिया जाना होगा. इसे वास्तव में समावेशी और प्रतिनिधिक बनाया जाना होगा.”
बताया कि इस साल नवम्बर में यूएन एजेंसी के सदस्यों का एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा जिसमें सम्भावित अन्तरराष्ट्रीय सन्धि पर चर्चा होगी.
यूएन एजेंसी प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि स्वास्थ्य संगठन को तकनीकी समर्थन व दिशानिर्देश मुहैया कराने के लिये ज़्यादा निवेश की दरकार है.
उनके मुताबिक स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण, अहम सामग्री, संक्रमण में उभार के समय तैनाती…सभी के लिये संसाधनों की ज़रूरत है और इसकी क़ीमत महज़ प्रशंसा से नहीं चुकाई जा सकती.
उन्होंने आगाह किया कि सदस्य देश देश, अगर एक दूसरे के प्रति वैश्विक स्तर पर जवाबदेह हों तो वे वास्तव में अपने नागरिकों का ख़याल रख सकते हैं.
तम्बाकू निषिद्ध दिवस
इस वर्ष 31 मई को ‘विश्व तम्बाकू निषिद्ध दिवस’ पर यूएन स्वास्थ्य संगठन, गम्भीर कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिये तम्बाकू छोड़ने की मुहिम को समर्थन दे रहा है.
इस दिवस की शुरुआत 1987 में हुई थी जिसका उद्देश्य तम्बाकू जनित बीमारियों व मौतों की रोकथाम करना था.
यूएन एजेंसी प्रमुख ने इस अवसर पर तम्बाकू पर नियंत्रण के उपायों के लिये भारत के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन और ब्रिटेन की बाथ युनिवर्सिटी के ‘Tobacco Control Research Group’ को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया है.
डॉक्टर हर्षवर्धन ने वर्ष 2019 में, ई सिगरेट और गर्म तम्बाकू उत्पादों पर रोक के लिये राष्ट्रीय क़ानून में अहम भूमिका निभाई.
वहीं बाथ युनिवर्सिटी के शोध समूह ने तम्बाकू उद्योग द्वारा नियंत्रण उपायों को कमज़ोर बनाने, उसके रास्ते में अवरोध पैदा करने और उन्हें लागू करने में देरी की कोशिशों से निपटने के लिये अथक प्रयास किये हैं., विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सदस्य देशों को आगाह किया है कि यह मानना एक बड़ी भूल होगी कि वैश्विक महामारी कोविड-19 का संकट गुज़र चुका है. यूएन एजेंसी प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने मौजूदा कोरोनावायरस संकट से सबक़ लेते हुए एक अन्तरराष्ट्रीय समझौते का आग्रह किया है, ताकि भावी वैश्विक स्वास्थ्य ख़तरों के प्रति समय से पहले चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाया जा सके और वैक्सीनों, उपचारों व परीक्षणों को न्यायोचित ढँग से उपलब्ध कराना सम्भव हो.

महानिदेशक घेबरेयेसस ने विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली के एक सप्ताह से जारी 74वें सत्र को अपने समापन सम्बोधन में कहा कि व्यक्तियों, परिवारों, समुदायों, राष्ट्रों और अर्थव्यवस्थाओं के फलने-फूलने के लिये स्वास्थ्य रक्षा ज़रूरी है.

Closing of the #WHA74 with @DrTedros https://t.co/sKrAOaiJRD

— World Health Organization (WHO) (@WHO) May 31, 2021

उन्होंने कहा कि विश्व भर में, कोविड-19 संक्रमण और मृतक संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है, इसके बावजूद यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि न्यायोचित टीकाकरण और सुसंगत व लक्षित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के मिश्रण से ही इस संकट पर पार पाया जा सकता है.

कोरोनावायरस संक्रमण के अब तक 16 करोड़ 95 लाख मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 35 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.

महानिदेशक घेबरेयेसस ने सभी सदस्य देशों से, इस वर्ष सितम्बर महीने तक कम से कम 10 फ़ीसदी आबादी के टीकाकरण का संकल्प लेने का आग्रह किया है और वर्ष के अन्त तक इसे 30 प्रतिशत तक बढ़ाया जाना होगा.

“एक दिन – उम्मीद है कि जल्द ही – यह महामारी बीते दिनों की बात होगी, मगर उन सभी के लिये मनोवैज्ञानिक घाव दूर नहीं होंगे जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, वे स्वास्थ्यकर्मी जिन्हें टूट जाने की हद तक काम करना पड़ा, और हर उम्र के वे सभी लोग जिन्होंने महीनों का अकेलापन और अलगाव झेला है.”

अन्तरराष्ट्रीय सन्धि का प्रस्ताव

महामारी पर प्रस्तावित सन्धि के ज़रिये भावी वैश्विक स्वास्थ्य ख़तरों के प्रति समय से पहले चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाया जाएगा, और आवश्यक सामग्री के भण्डारण व उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा.

साथ ही वैक्सीनों, उपचारों और परीक्षणों के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित और आपात स्थिति से निपटने के लिये कार्यबल को तैयार किया जाएगा.

“इस प्रकार की अन्तरराष्ट्रीय सन्धि को सभी देशों द्वारा आकार दिया जाना होगा. इसे वास्तव में समावेशी और प्रतिनिधिक बनाया जाना होगा.”

बताया कि इस साल नवम्बर में यूएन एजेंसी के सदस्यों का एक विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा जिसमें सम्भावित अन्तरराष्ट्रीय सन्धि पर चर्चा होगी.

यूएन एजेंसी प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि स्वास्थ्य संगठन को तकनीकी समर्थन व दिशानिर्देश मुहैया कराने के लिये ज़्यादा निवेश की दरकार है.

उनके मुताबिक स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण, अहम सामग्री, संक्रमण में उभार के समय तैनाती…सभी के लिये संसाधनों की ज़रूरत है और इसकी क़ीमत महज़ प्रशंसा से नहीं चुकाई जा सकती.

उन्होंने आगाह किया कि सदस्य देश देश, अगर एक दूसरे के प्रति वैश्विक स्तर पर जवाबदेह हों तो वे वास्तव में अपने नागरिकों का ख़याल रख सकते हैं.

तम्बाकू निषिद्ध दिवस

इस वर्ष 31 मई को ‘विश्व तम्बाकू निषिद्ध दिवस’ पर यूएन स्वास्थ्य संगठन, गम्भीर कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिये तम्बाकू छोड़ने की मुहिम को समर्थन दे रहा है.

इस दिवस की शुरुआत 1987 में हुई थी जिसका उद्देश्य तम्बाकू जनित बीमारियों व मौतों की रोकथाम करना था.

यूएन एजेंसी प्रमुख ने इस अवसर पर तम्बाकू पर नियंत्रण के उपायों के लिये भारत के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन और ब्रिटेन की बाथ युनिवर्सिटी के ‘Tobacco Control Research Group’ को विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया है.

डॉक्टर हर्षवर्धन ने वर्ष 2019 में, ई सिगरेट और गर्म तम्बाकू उत्पादों पर रोक के लिये राष्ट्रीय क़ानून में अहम भूमिका निभाई.

वहीं बाथ युनिवर्सिटी के शोध समूह ने तम्बाकू उद्योग द्वारा नियंत्रण उपायों को कमज़ोर बनाने, उसके रास्ते में अवरोध पैदा करने और उन्हें लागू करने में देरी की कोशिशों से निपटने के लिये अथक प्रयास किये हैं.

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