‘महामारी से उबरने में हवाई परिवहन की है अहम भूमिका’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 महामारी से बुरी तरह से प्रभावित हुए नागरिक उड्डयन (हवाई यातायात व परिवहन) सैक्टर को और ज़्यादा मदद व समर्थन दिये जाने का आहवान किया है ताकि ये सैक्टर महामारी से हुई भारी वैश्विक आर्थिक तबाही के माहौल में ख़ुद के लिये बेहतर रास्ता निकाल सके.

महासचिव ने सोमवार को अन्तरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन दिवस पर दिये अपने एक सन्देश में कहा है कि उड्डयन क्षेत्र, हमारी दुनिया का एक महत्वपूर्ण इंजिन है और पूरे विश्व को कोविड-19 से उबारने के प्रयासों में बहुत अहम भूमिका निभाएगा.

7 December is #FLYDAY – International Civil #Aviation Day. @SalvatoSciacchi and @ICAOFangLiu have issued a statement on this anniversary, in a year which will be remembered as a pivotal point in the history of the global civil aviation sector: https://t.co/tGfuhbMoIk pic.twitter.com/pura9tKHCK— ICAO (@icao) December 6, 2020

महासचिव ने कहा, “आइये, हम सब ये सुनिश्चित करें कि नागरिक उड्डयन सैक्टर को हर वो सहायता व समर्थन मिले जिसकी इसे, दुनिया के देशों को आपस में जोड़े रखने और एकता बनाए रखने के लिये ज़रूरत है.”
नागरिक उड्डयन क्षेत्र कोरोनावायरस महामारी के कारण, बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसने हवाई यात्राओं में व्यापक व्यवधान पैदा किये हैं.
महामारी के कारण, दुनिया भर में, हवाई यातायात व परिवहन उद्योग पर व्यापक असर पड़ा है क्योंकि वैश्विक स्तर पर एयरलाइन्स और हवाई अड्डों को बन्द करना पड़ा है.
विशिष्ट उड्डयन एजेंसी – अन्तरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के अनुसार, हवाई यात्राओं में भरी हुई सीट क्षमता में लगभग 51 प्रतिशत की कमी हो गई है, जिसके कारण इस वर्ष लगभग 390 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है.
महासचिव ने कहा है कि इस चुनौती का मुक़ाबला करने के लिये सभी देशों को अपने हवाई यातायात सैक्टरों को बहाल करने और उनमें फिर से जान फूँकने के लिये तुरन्त ठोस उपाय करने होंगे.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि, अलबत्ता, इस तरह के कोई भी उपाय जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ जद्दोजहद को भी ध्यान में रखना ज़रूरी है.
जलवायु कार्रवाई के लिये अवसर
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि महामारी से उबरने के उपायों में, जलवायु कार्रवाई का एक मौक़ा भी छुपा हुआ है, जिसमें वैश्विक उड्डयन सैक्टर को और ज़्यादा सहनशील और टिकाऊ बनाया जा सकता है. जोकि पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों का एक अहम हिस्सा है.
यूएन प्रमुख ने उड्डयन समुदाय द्वारा नैट-शून्य कार्बन के लक्ष्य हासिल करने के बारे में, हाल ही में किये गए ऐलानों का भी स्वागत किया.
उन्होंने तमाम उड्डयन क्षेत्र का आहवान किया कि वो नैट-शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिये संकल्प लें और पेरिस समझौते के लक्ष्यों की प्राप्ति के नज़रिये से अनुकूल रणनीति बनाएँ.
महासचिव ने कहा कि समयबद्ध नतीजे हासिल करने के लिये देशों की सरकारों और उड्डयन उद्योग के बीच निकट सहयोग बहुत ज़रूरी होगा.
एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर ये भी कहा कि अन्तरराष्ट्रीय उड्डयन क्षेत्र, लोगों के दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान करता है और लोग इसके ज़रिये दुनिया देखने के साथ-साथ, विभिन्न संस्कृतियों का जायज़ा लेते हैं, विभिन्न समाजों को यात्रा और व्यापार के ज़रिये जोड़ते हैं, और भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के अत्याधुनिक साधनों तक पहुँच आसान बनाते हैं.
उन्होंने कहा, “हर देश द्वारा टिकाऊ विकास लक्ष्य (एसडीजी) हासिल करने के लिये, ये फ़ायदे बहुत अहम हैं.”, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 महामारी से बुरी तरह से प्रभावित हुए नागरिक उड्डयन (हवाई यातायात व परिवहन) सैक्टर को और ज़्यादा मदद व समर्थन दिये जाने का आहवान किया है ताकि ये सैक्टर महामारी से हुई भारी वैश्विक आर्थिक तबाही के माहौल में ख़ुद के लिये बेहतर रास्ता निकाल सके.

महासचिव ने सोमवार को अन्तरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन दिवस पर दिये अपने एक सन्देश में कहा है कि उड्डयन क्षेत्र, हमारी दुनिया का एक महत्वपूर्ण इंजिन है और पूरे विश्व को कोविड-19 से उबारने के प्रयासों में बहुत अहम भूमिका निभाएगा.

महासचिव ने कहा, “आइये, हम सब ये सुनिश्चित करें कि नागरिक उड्डयन सैक्टर को हर वो सहायता व समर्थन मिले जिसकी इसे, दुनिया के देशों को आपस में जोड़े रखने और एकता बनाए रखने के लिये ज़रूरत है.”

नागरिक उड्डयन क्षेत्र कोरोनावायरस महामारी के कारण, बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसने हवाई यात्राओं में व्यापक व्यवधान पैदा किये हैं.

महामारी के कारण, दुनिया भर में, हवाई यातायात व परिवहन उद्योग पर व्यापक असर पड़ा है क्योंकि वैश्विक स्तर पर एयरलाइन्स और हवाई अड्डों को बन्द करना पड़ा है.

विशिष्ट उड्डयन एजेंसी – अन्तरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के अनुसार, हवाई यात्राओं में भरी हुई सीट क्षमता में लगभग 51 प्रतिशत की कमी हो गई है, जिसके कारण इस वर्ष लगभग 390 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ है.

महासचिव ने कहा है कि इस चुनौती का मुक़ाबला करने के लिये सभी देशों को अपने हवाई यातायात सैक्टरों को बहाल करने और उनमें फिर से जान फूँकने के लिये तुरन्त ठोस उपाय करने होंगे.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि, अलबत्ता, इस तरह के कोई भी उपाय जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ जद्दोजहद को भी ध्यान में रखना ज़रूरी है.

जलवायु कार्रवाई के लिये अवसर

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि महामारी से उबरने के उपायों में, जलवायु कार्रवाई का एक मौक़ा भी छुपा हुआ है, जिसमें वैश्विक उड्डयन सैक्टर को और ज़्यादा सहनशील और टिकाऊ बनाया जा सकता है. जोकि पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों का एक अहम हिस्सा है.

यूएन प्रमुख ने उड्डयन समुदाय द्वारा नैट-शून्य कार्बन के लक्ष्य हासिल करने के बारे में, हाल ही में किये गए ऐलानों का भी स्वागत किया.

उन्होंने तमाम उड्डयन क्षेत्र का आहवान किया कि वो नैट-शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिये संकल्प लें और पेरिस समझौते के लक्ष्यों की प्राप्ति के नज़रिये से अनुकूल रणनीति बनाएँ.

महासचिव ने कहा कि समयबद्ध नतीजे हासिल करने के लिये देशों की सरकारों और उड्डयन उद्योग के बीच निकट सहयोग बहुत ज़रूरी होगा.

एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर ये भी कहा कि अन्तरराष्ट्रीय उड्डयन क्षेत्र, लोगों के दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान करता है और लोग इसके ज़रिये दुनिया देखने के साथ-साथ, विभिन्न संस्कृतियों का जायज़ा लेते हैं, विभिन्न समाजों को यात्रा और व्यापार के ज़रिये जोड़ते हैं, और भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के अत्याधुनिक साधनों तक पहुँच आसान बनाते हैं.

उन्होंने कहा, “हर देश द्वारा टिकाऊ विकास लक्ष्य (एसडीजी) हासिल करने के लिये, ये फ़ायदे बहुत अहम हैं.”

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