माली: यूएन मिशन के शिविर पर हमला, 20 शान्तिरक्षक घायल

माली में, संयुक्त राष्ट्र मिशन (MINUSMA) के एक अस्थाई शिविर पर बुधवार को हुए हमले में, 20 शान्तिरक्षक घायल हो गए हैं. यह हमला देश के अशान्त केन्द्रीय इलाक़े में हुआ है. यूएन मिशन के प्रमुख महमत सालेह अनादिफ़ ने इस हमले की कड़ी निन्दा करते हुए इसे कायरतापूर्ण कृत्य क़रार दिया है.

यूएन मिशन ने एक बयान जारी करके बताया है कि गोलीबारी की चपेट में आए शान्तिरक्षकों ने कड़ी जवाबी कार्रवाई करते हुए, हमलावरों को पीछे धकेल दिया.
संयुक्त राष्ट्र मिशन में, जान जोखिम में डाल कर अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे शान्तिरक्षकों के लिये यह वर्ष बेहद घातक साबित हुआ है. 

I strongly condemn today’s attack on a @UN_MINUSMA base in central #Mali, which caused injuries to 20 @UNPeacekeeping personnel. It is unacceptable that our committed peacekeepers keep coming under fire while simply carrying out their mandates.— UN GA President (@UN_PGA) February 10, 2021

जनवरी में हमलों के दौरान एक हफ़्ते में ही, पाँच शान्तिरक्षकों की मौत हो गई थी.  
विशेष प्रतिनिधि और यूएन मिशन के प्रमुख महमत सालेह अनादिफ़ ने बताया कि दुएन्तज़ा नगर के आसपास शान्तिरक्षक सुरक्षा अभियानों चलाते रहे हैं और उसी के पास के इलाक़े में यह हमला हुआ है. 
उन्होंने इस हमले की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए, इसे शान्तिरक्षकों के ख़िलाफ़ एक कायरतापूर्ण कृत्य क़रार दिया है.
उन्होंने कहा कि यूएन सुरक्षा अभियानों का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय आबादी के विरुद्ध हिंसा में कमी लाना, सामुदायिक तनाव वाले क्षेत्रों में शान्ति स्थापित करना और विस्फोटकों के ख़तरों को कम करना है.  
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने इस हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की है और अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे शान्तिरक्षकों को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य क़रार दिया है.
संकटों से जूझता देश
माली की सरकार देश में स्थिरता क़ायम करने और देश की संस्थाओं का पुनर्निर्माण करने के प्रयासों में जुटी है. 
वर्ष 2012 में देश में सिलसिलेवार झटकों के बाद, गम्भीर हालात पैदा हो गए थे जिससे देश में दरार आ गई.
उस दौरान सरकार का तख़्तापलट करने की विफल कोशिश हुई, सरकारी सुरक्षा बलों और तुआरेग विद्रोहियों के बीच फिर से लड़ाई शुरू हो गई, और उत्तरी इलाक़े पर चरमपन्थियों ने कुछ समय के लिये क़ब्ज़ा कर लिया था.
वर्ष 2020 में सैन्य नेताओं ने तख़्ता पलट किया और फिर सितम्बर में 18 महीने के लिये एक अन्तरिम सरकार स्थापित किये जाने, नए सिरे से चुनाव कराए जाने और नागरिक शासन को पुनर्बहाल किये जाने पर सहमति जताई. 
यूएन मिशन के प्रमुख ने कहा कि घायल शान्तिरक्षकों का तत्काल व समुचित उपचार सुनिश्चित करने के लिये सभी उपाय किये गए हैं. 
उन्होंने इस हमले में घायल हुए सभी शान्तिरक्षकों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और ध्यान दिलाया है कि शान्तिरक्षकों को चरमपन्थी व अन्य हथियारबन्द गुटों को पीछे धकेलने और शान्ति के शत्रुओं के ख़िलाफ़ आगे बढ़ने में सफलता मिल रही है.
उन्होंने दोहराया है कि माली में संयुक्त राष्ट्र मिशन, देश की जनता के साथ मिलकर, वहाँ के वासियों के लिये काम करने के लिये संकल्पित है.
माली में यूएन मिशन को दुनिया के सबसे ख़तरनाक शान्तिरक्षा अभियानों के रूप में देखा जाता है. , माली में, संयुक्त राष्ट्र मिशन (MINUSMA) के एक अस्थाई शिविर पर बुधवार को हुए हमले में, 20 शान्तिरक्षक घायल हो गए हैं. यह हमला देश के अशान्त केन्द्रीय इलाक़े में हुआ है. यूएन मिशन के प्रमुख महमत सालेह अनादिफ़ ने इस हमले की कड़ी निन्दा करते हुए इसे कायरतापूर्ण कृत्य क़रार दिया है.

यूएन मिशन ने एक बयान जारी करके बताया है कि गोलीबारी की चपेट में आए शान्तिरक्षकों ने कड़ी जवाबी कार्रवाई करते हुए, हमलावरों को पीछे धकेल दिया.

संयुक्त राष्ट्र मिशन में, जान जोखिम में डाल कर अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे शान्तिरक्षकों के लिये यह वर्ष बेहद घातक साबित हुआ है. 

जनवरी में हमलों के दौरान एक हफ़्ते में ही, पाँच शान्तिरक्षकों की मौत हो गई थी.  

विशेष प्रतिनिधि और यूएन मिशन के प्रमुख महमत सालेह अनादिफ़ ने बताया कि दुएन्तज़ा नगर के आसपास शान्तिरक्षक सुरक्षा अभियानों चलाते रहे हैं और उसी के पास के इलाक़े में यह हमला हुआ है. 

उन्होंने इस हमले की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए, इसे शान्तिरक्षकों के ख़िलाफ़ एक कायरतापूर्ण कृत्य क़रार दिया है.

उन्होंने कहा कि यूएन सुरक्षा अभियानों का एक प्रमुख उद्देश्य स्थानीय आबादी के विरुद्ध हिंसा में कमी लाना, सामुदायिक तनाव वाले क्षेत्रों में शान्ति स्थापित करना और विस्फोटकों के ख़तरों को कम करना है.  

संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष वोल्कान बोज़किर ने इस हमले की कड़े शब्दों में निन्दा की है और अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे शान्तिरक्षकों को निशाना बनाए जाने को अस्वीकार्य क़रार दिया है.

संकटों से जूझता देश

माली की सरकार देश में स्थिरता क़ायम करने और देश की संस्थाओं का पुनर्निर्माण करने के प्रयासों में जुटी है. 

वर्ष 2012 में देश में सिलसिलेवार झटकों के बाद, गम्भीर हालात पैदा हो गए थे जिससे देश में दरार आ गई.

उस दौरान सरकार का तख़्तापलट करने की विफल कोशिश हुई, सरकारी सुरक्षा बलों और तुआरेग विद्रोहियों के बीच फिर से लड़ाई शुरू हो गई, और उत्तरी इलाक़े पर चरमपन्थियों ने कुछ समय के लिये क़ब्ज़ा कर लिया था.

वर्ष 2020 में सैन्य नेताओं ने तख़्ता पलट किया और फिर सितम्बर में 18 महीने के लिये एक अन्तरिम सरकार स्थापित किये जाने, नए सिरे से चुनाव कराए जाने और नागरिक शासन को पुनर्बहाल किये जाने पर सहमति जताई. 

यूएन मिशन के प्रमुख ने कहा कि घायल शान्तिरक्षकों का तत्काल व समुचित उपचार सुनिश्चित करने के लिये सभी उपाय किये गए हैं. 

उन्होंने इस हमले में घायल हुए सभी शान्तिरक्षकों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और ध्यान दिलाया है कि शान्तिरक्षकों को चरमपन्थी व अन्य हथियारबन्द गुटों को पीछे धकेलने और शान्ति के शत्रुओं के ख़िलाफ़ आगे बढ़ने में सफलता मिल रही है.

उन्होंने दोहराया है कि माली में संयुक्त राष्ट्र मिशन, देश की जनता के साथ मिलकर, वहाँ के वासियों के लिये काम करने के लिये संकल्पित है.

माली में यूएन मिशन को दुनिया के सबसे ख़तरनाक शान्तिरक्षा अभियानों के रूप में देखा जाता है. 

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